Home » States » GujaratWelspun brand towel famous in america and Britain

अमेरिका-ब्रिटेन में फेमस है वेल्सपन की टॉवेल, गुजरात ने दिया झटका

अमेरिका में हर तीसरा और इंग्लैंड में हर दूसरा व्यक्ति जो टॉवेल (तौलिया) इस्तेमाल करता है, वह गुजराती कंपनी वेल्सपन ग्लो

1 of

नई दिल्‍ली..  अमेरिका में हर तीसरा और इंग्लैंड में हर दूसरा व्यक्ति जो टॉवेल (तौलिया) इस्तेमाल करता है, वह गुजराती कंपनी वेलस्पन ग्लोबल ब्रांड्स का होता है। लेकिन वेलस्पन को इन दिनों गुजरात सरकार की ओर से बड़ा झटका दिया गया है। दरअसल, गुजरात सरकार ने वेलस्पन ग्रुप की कंपनी पर 600 करोड़ रुपए से ज्‍यादा का जुर्माना लगाया है। अब सवाल है कि इतनी फेमस कंपनी को गुजरात सरकार ने क्‍यों इतना बड़ा जुर्माना लगाया है। तो आइए जानते हैं इसकी वजह।  

 

इसलिए लगा है जुर्माना 


दरअसल, टैक्स  नहीं चुकाने पर गुजरात सरकार ने वेलस्पन ग्रुप की पाइपनिर्माता कंपनी वेलस्पन कॉर्प लिमिटेड पर यह कार्रवाई की है। राज्‍य सरकार के टैक्‍स डिपार्टमेंट ने  कंपनी को पेनल्टी सहित 178.79 करोड़ रुपए का टैक्स डिमांड नोटिस भेजा है। यह जुर्माना फाइनेंशियल ईयर 2009-10 और 2010-11 से जुड़ा है। 

 

 

2006 में खरीदा था ब्रिटिश टॉवेल ब्रांड

 
वेलस्पन को उस वक्त बेहद फायदा हुआ, जब कंपनी ने अपनी ग्लोबल पहुंच बनाने के लिए साल 2006 में ब्रिटिश टॉवेल ब्रांड क्रिस्टी को खरीद लिया। इसके बाद कंपनी की सेल बढ़ गई। 2010 में कंपनी ने टॉवेल प्लांट मैनचेस्टर से वापी (गुजरात) में शिफ्ट कर लिया। कंपनी भारत में टॉवेल बिक्री 'स्पेसेज होम एंड बियॉन्ड' के जरिए करती है। इसके अलावा कंपनी 'स्पोर्ट्स 365' के जरिए युवा खिलाड़ियों के लिए टॉवेल की बिक्री करती है। अमेरिका के कुल टॉवेल इंपोर्ट में वेलस्‍पन की हिस्सेदारी 15 फीसदी से ज्‍यादा  है।

 

रॉयल फेमिली के लिए टॉवेल बनाती थी क्रिस्टी 

 
विंबलडन सहित कई स्पोर्ट्स इवेंट और रॉयल फेमिलीज में सिर्फ ब्रिटिश कंपनी क्रिस्टी के टॉवेल ही सप्लाई होते थे। जब वेलस्‍पन इंडिया ने क्रिस्टी को खरीदा, तो इसका सीधा फायदा इसे हुआ। शुरुआत में कंपनी ने कम टॉवेल सप्लाई किए, लेकिन 2010 तक कंपनी की बिक्री में अच्‍छी-खासी तेजी आ गई।2010 में वेलस्‍पन ने कुल 70 हजार टॉवेल सप्लाई किए थे। जबकि 2015  में एक लाख टॉवेल सप्लाई करके नया रिकॉर्ड बनाया। आगे पढ़ें - क्‍यों खास है टॉवेल 
 
 
इसलिए खास हैं टॉवेल
 
वेलस्पन टॉवेल के रंग और डिजाइन को लेकर खास प्रयोग करती है। विंबलडन में जो टॉवेल भेजे जाते हैं, वह ग्रीन या ब्राइट पिंक कलर के होते हैं। इन टॉवेल पर चैम्पियनशिप का चिह्न बना रहता है। उस पर टूर्नामेंट का मौजूदा और आगामी साल भी अंकित रहता है। मेल खिलाड़यों के लिए क्लासिक ग्रीन और पर्पल कलर के टॉवेल होते हैं जिन पर रैकेट प्रिंट होता है। वहीं, फीमेल खिलाडि़यों के लिए ग्रीन और लाइट ब्‍लैक कलर के टॉवेल भेजे जाते हैं।  
 
विशेष तकनीक से बनते हैं विंबलडन में भेजे गए टॉवेल
 
विंबलडन में भेजे जाने वाले टॉवेल का उत्पादन खास तकनीक से होता है। इस टॉवल को अलग-अलग मूल कलर के धागे से बनाया जाता है। इसमें जेक्वार्ड लूक्स (कपड़े का प्रकार) इस्तेमाल किया जाता है। इस टॉवेल को फाइनल फिनिशिंग से पहले कई बार धोया जाता है। साथ ही पैकिंग भी खास तरीके से की जाती है। वेलस्‍पन ग्लोबल ब्रांड लिमिटेड की एएमडी दीप्ती गोयनका के मुताबिक हमारे लिए विंबलडन में टॉवेल भेजना गर्व की बात है। खिलाड़ी भी कंपनी के टॉवेल ऑर्डर कर रहे हैं। 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट