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केवल गुजरात में ही मि‍लती हैं ये 3 चीजें, पूरा भारत करता है नाज

भारत में बीते कुछ समय से कई फाइनेंशि‍यि‍ल और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स को शुरू कि‍या गया।

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नई दि‍ल्‍ली। भारत में बीते कुछ समय से कई फाइनेंशि‍यि‍ल और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स को शुरू कि‍या गया। लेकि‍न इसमें से कुछ प्रोजेक्‍ट्स ऐसे हैं जो अपने आप में काफी यूनि‍क हैं। इन यूनि‍क प्रोजेक्‍ट्स में एक कॉमन बात है और वो यह है कि‍ यह केवल गुजरात में मि‍लेंगे। इन प्रोजेक्‍ट्स की चर्चा न केवल गुजरात या भारत में ही नहीं बल्‍कि‍ दुनि‍या भर में हो रही है। यहां हम आपको उन प्रोजेक्‍ट्स के बारे में बता रहे हैं जि‍नपर आज पूरा देश गर्व कर रहा है। कुछ प्रोजेक्‍ट्स शुरू हो गए हैं और कुछ प्रस्‍तावि‍त हैं जि‍नपर काम चल रहा है। 

 

केवल गुजरात में: गि‍फ्ट सि‍टी 

 

सिंगापुर और दुबई की तर्ज पर देश का पहला इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेंटर गांधीनगर की गिफ्ट सिटी में खोला गया है। वि‍त्‍त मंत्री अरुण जेटली ने इसका ऐलान बजट में भी कि‍या था। गुजरात के गांधीनगर के पास करीब 886 हेक्टेयर जमीन पर पूरी गिफ्ट सिटी बनाई गई है। इस फाइनेंशियल सेंटर में देश- वि‍देश के कई बड़े बैंक, इंश्योरेंस कंपनि‍यां और फाइनेंस से जुड़ी कंपनि‍यों ने अपने ऑफि‍स खोले हैं। देश के सबसे दो बड़े स्टॉक एक्सचेंज एनएसई और बीएसई गुजरात सरकार के साथ एमओयू भी कर चुके हैं। 

 

इसी साल, नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) ने गिफ्ट सिटी के इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेंटर (आईएफएससी) में अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज की शुरुआत की। इस औपचारिकता के पूरा होते ही यह एक्सचेंज ‘एनएसई आईएफएससी’ परिचालन में आ गया। आईएफएससी में यह अपनी तरह का दूसरा एक्सचेंज है। आपको बता दें कि इस साल जनवरी में बीएसई के अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज-इंडिया आईएनएक्स का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। 

 

एनएसई के चेयरमैन अशोक चावला ने कहा था कि‍ शुरुआत में इसमें 16 घंटे कारोबार होगा। इसमें ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स और बाजार भागीदारों को निफ्टी एक्‍सचेंज के डैरिवेटिव्स, इंडियन स्टॉक कमोडिटी तथा मौद्रिक उत्पादों में कारेाबार का मौका मिलेगा। शुरुआत में इसमें स्टॉक डैरिवेटिव्स के तौर पर फ्यूचर्स और ऑप्शन्स में 10 भारतीय स्टॉक-मारुति, स्टेट बैंक, टाटा मोटर्स, टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, एचडीएफसीबैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंड टी) को शामिल किया गया है।

 

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केवल गुजरात में: रो-रो प्रोजेक्‍ट

 

इसमें जहाजों को इस तरह से तैयार किया जाता है, जिनमें कारों, ट्रकों, सेमी-ट्रेलर ट्रकों, ट्रेलर्स और अन्य चीजों को लादा जा सकता है। इसके अलावा लोग भी इसमें सफर कर सकते हैं। रो-रो सर्वि‍स के लिए जहाजों को इस तरह से तैयार किया जाता है कि बंदरगाहों पर इनमें सामानों को आसानी से लादा जा सके और उतारा जा सके। 

 

सौराष्ट्र के भावनगर जिले में स्थित घोघा बंदरगाह से रोल ऑन-रोल ऑफ सेवा के जरिए भरुच जिले तक करीब एक घंटे में पहुंचा जा सकेगा। इससे गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। समुद्री रास्ते की बात करें तो भावनगर का घोघा दूसरी तरफ स्थित भरुच के दाहेज से करीब 31 किलोमीटर की दूरी पर है। सड़क मार्ग से यह सफर 360 किलोमीटर का था, जिसे तय करने में 8 से 9 घंटे तक लगते थे। यह भारत में अपनी तरह की पहली सेवा है। इससे एक जहाज यानी फेरी पर 100 वाहन (कार, बस और ट्रक) और 250 यात्री सफर कर सकेंगे। आमतौर पर समुद्र में लंबे सफर पर जाने वाले जहाजों के लिए रो-रो टर्म का इस्तेमाल किया जाता रहा है। 

 

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केवल गुजरात से महाराष्‍ट्र: बुलेट ट्रेन

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंदो आबे ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का शिलान्यास कर दिया है। मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट 2022 में पूरा होने की उम्मीद है।

 

1 लाख करोड़ का है पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट
 
- अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट देश का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट है। पीएम मोदी ने 2014 में चुनाव से पहले देश में रेल की स्थिति सुधारने के अलावा बुलेट ट्रेन शुरू करने का भी वादा किया था।
- जापान की शिंकशेन बुलेट ट्रेन दुनिया की सबसे तेज ट्रेन में से एक है। अहमदाबाद को मुंबई से जोड़ने वाले इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट में जापान कुल लागत का 85% सॉफ्ट लोन की तरह देगा।
- यह लोन महज 0.1 फीसदी की ब्याज दर पर दिया जाएगा। इस लोन का रीपेमेंट 15 वर्ष बाद शुरू होगा। भारत सरकार का कहना है कि इतना लंबा समय और कम ब्याज दर एक तरह से इस लोन को ब्याजमुक्त बनाता है।
-अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट की अनुमानित लागत 19 अरब डॉलर (करीब एक लाख करोड़ रुपए) है।

 

बड़े पैमाने पर मिलेगा रोजगार

 

- अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट से माना जा रहा है कि करीब 20,000 लोगों को कंस्‍ट्रक्‍शन के दौरान जॉब मिलेगी।
- इन लोगों को इस बात की ट्रेनिंग दी जाएगी कि कंस्‍ट्रक्‍शन के दौरान कैसे काम किया जाए।
- हाई स्पीड रेल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की भी वडोदरा में स्थापना की जाएगी। इस इंस्टीट्यूट में हर तरह की सुविधा होगी, जोकि जापान के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में होती है।
- इस इंस्टीट्यूट 2020 के अंत तक बनकर पूरा हो जाएगा और ट्रेनिंग देना शुरू कर देगा।
- इस इंस्टीट्यूट में 4000 छात्रों को ट्रेनिंग देने की सुविधा होगी। इन्हें तीन वर्ष के भीतर ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग देने के बाद इन्हें बुलेट ट्रेन के ऑपरेशन जॉब में शामिल किया जाएगा।

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