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अमूल डेयरी के एमडी के. रत्नम का इस्तीफा, घोटाले के आरोपों को नकारा

अमूल डेयरी के प्रबंध निदेशक डॉ. के रत्नम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

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आणंद. अमूल डेयरी के प्रबंध निदेशक डॉ. के रत्नम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। खेड़ा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (अमूल डेयरी) से वर्ष 1995 से जुड़े 55 वर्षीय रत्नम 2014 से इसके प्रबंध निदेशक थे। रत्नम ने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने डेयरी के चेयरमैन रामसिंह परमार को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। ऐसा उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से किया है। यह पूछे जाने पर कि उनके इस्तीफे को डेयरी में कथित तौर पर करोड़ों रुपए के घोटाले से जोड़ कर देखा जा रहा है, डॉ. रत्नम ने कहा कि यह पूरी तरह बेबुनियाद बात है। 

 

 

चेयरमैन ने भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारा
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग के बाद चेयरमैन रामसिंह परमार ने कहा कि भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वालों का इतिहास सबसे पहले खंगाला जाना चाहिए। अमूल में चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा ऑडिट होता है यदि कोई भ्रष्टाचार होता तो अब तक सामने आ जाता। कुछ लोग आरोप लगाकर डेयरी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

 

सहकारी संस्थाओं को राजनीति खत्म कर देगी : परमार
अमूल डेयरी के चेयरमैन रामसिंह परमार ने कहा कि अमूल सहकारी संस्था है। सहकारी संस्थाओं के लिए राजनीति खतरनाक होती है। अमूल डेयरी में भी अब राजनीति शुरू हो गई है। यह राजनीति सहकारी संस्थाओं को खत्म कर देगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए चेयरमैन रामसिंह परमार ने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा अमूल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इससे डेयरी के सदस्य और डायरेक्टर्स नाराज हैं। बोर्ड के बायलॉज के अनुसार संस्था को बदनाम करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

आरोप साबित करके दिखाएं: रत्नम
इस्तीफा देने के बाद मैनेजिंग डायरेक्टर रत्नम ने कहा कि मेरी छवि दूध जैसी स्वच्छ है। डॉ. कुरियन से मैंने बहुत कुछ सीखा है। उनके द्वारा दी गई क्वॉलिटी से समझौता न करने की सलाह मैंने गांठ बांध ली है। 400 करोड़ के भ्रष्टाचार के सवाल पर उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले साबित करके दिखाएं। 

 

रत्नम का इस्तीफा मंजूर किया
शनिवार सुबह 11 बजे अमूल डेयरी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की विशेष बैठक बुलाई गई। चेयरमैन रामसिंह परमार की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में सर्व सम्मति से एमडी का इस्तीफा मंजूर किया गया। डॉ. रत्नम पिछले चार साल से अमूल में प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 1995 में प्रोडक्शन विभाग में डिप्टी मैनेजर के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की थी। उसके बाद एक साल के लिए वे अमूल छोड़ दिए थे। 2006-2007 में वापस ऑपरेशन जनरल मैनेजर के रूप में डेयरी से जुड़े थे।

 

 

आगे पढ़ें... कैसे दोगुना हुआ अमूल का टर्नओवर

 

नई तकनीक से अमूल का टर्न ओवर दोगुना हुआ
डॉ. रत्नम ने कहा कि उनके चार साल के कार्यकाल में उन्होंने अमूल के टर्न ओवर को दोगुना किया है। डेयरी का टर्नओवर 3500 से बढ़कर 6200 करोड़ तक पहुंच गया है। पहले की 63 करोड़ लीटर दूध की खपत बढ़कर 115 करोड़ तक पहुंच गई है। अमूल में नई टेक्नॉलाजी लाने का श्रेय मुझे दिया जाता है। पशुपालकों को भी मैंने दूध का अच्छा भाव दिलाया है। 110 करोड़ से किसानों को 270 करोड़ रुपए भाव का अंतर भी दिलाया हूं। पंजाब, अमेरिका, कोलकाता अनेक जगहों का अमूल का बिजनेस बढ़ाया है। इसके अलावा केटल फीड के काम और विस्तार के बारे में भी फैसला लिया।

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