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एक महिला को छुड़ाने के लिए 3500 करोड़ दे रही सरकार, ये है वजह

आमतौर पर सरकारें अपने देश के नागरिकों को छुड़ाने के लिए किसी दूसरे देश से द्विपक्षीय बातचीत करती हैं।

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नई दिल्‍ली.. आम तौर पर सरकारें अपने देश के नागरिकों को छुड़ाने के लिए किसी दूसरे देश से बातचीत करती हैं। वहीं कई बार जब बातचीत से मामले नहीं सुलझते हैं तो इसे इंटरनेशनल लेवल पर उठाया जाता है। लेकिन दुनिया के इतिहास में पहली बार ऐसा मामला हुआ, जब एक देश की सरकार विदेशी जेल से अपने सिर्फ 1 नागरिक को छुड़ाने के लिए 3500 करोड़ रुपए देने जा रही है। जी हां, सही पढ़ा आपने। तो आइए, जानते हैं कि आखिर किस देश ने ऐसा फैसला लिया है और क्‍यों।आगे पढ़ें - किस सरकार ने लिया यह फैसला

 

 

 

 

ब्रिटिश सरकार का फैसला 

दरअसल, यह फैसला ब्रिटेन की पीएम थेरेसा मे की सरकार का है। ब्रिटेन की मीडिया के मुताबिक सरकार ने ईरान में गिरफ्तार अपने नागरिक जघारी-रतक्लेफ को छुड़ाने के लिए यह फैसला लिया है। जघारी-रत्क्लेफ थॉमसन रायटर फाउंडेशन की प्रोजेक्ट मैनेजर ब्रिटिश महिला को जासूसी के आरोप में ईरान में गिरफ्तार किया गया था। अब ब्रिटेन सरकार ने ईरान को 3500 करोड़ रुपए चुकाने का एलान किया है। हालांकि‍ ब्रिटिश सरकार के स्‍पोक्सपर्सन ने इस रकम को जासूस की रिहाई से जोड़ने से इन्‍कार किया है।

 

 आगे पढ़ें - तो क्‍यों ईरान को ब्रिटेन सरकार दे रही है पैसे 

यह है मामला 

 

दरअसल, यह मामला थोड़ा पुराना है। साल 1976 में ईरान ने 1500 चीफ़टेन टैंक और 250 बख्तरबंद गाड़ियों की खरीददारी के लिए ब्रिटेन को रकम अदा की थी। इसके बाद ब्रिटेन ने ईरान को 185 टैंक दे भी दिए, लेकिन ईरान में इस्लामी क्रान्ति आ जाने के बाद ब्रिटेन ने डील के अन्‍य टैंक को देने से इनकार कर दिया। यही नहीं,ब्रिटेन की सरकार ने इराक की सद्दाम हुसैन सरकार से एक डील करके यह टैंक इराक को दे दिए थे और इसके जरिए खूब पैसे भी बनाए।आगे पढ़ें - ईरान को इंटरनेशनल कोर्ट से मिली जीत 

ईरान को मिली जीत 


साल 2010 में इस मामले में हालैंड में स्थित ट्रेडिंग मामलों की इंटरनेशनल कोर्ट ने ईरान के पक्ष में फ़ैसला सुनाया। कोर्ट ने ब्रिटेन से कहा था कि वह ईरान को 39 करोड़ पौंड हर्जाने के रूप में अदा करे। तब ब्रिटेन की सरकार ने यह तर्क दिया कि चूंकि यूरोपीय संघ ने ईरान से बैंकिंग ट्रांजेक्‍शन पर प्रतिबंध लगा रखा है इसलिए वह इस रक़म को ब्रिटेन के बैंकों में सील कर दी गई।  ईरान की 97 करोड़ 60 लाख पौंड की रकम में शामिल कर देगी। अब ब्रिटेन इसी रकम में से 45 करोड़ पौंड यानी करीब 3500 करोड़ रुपए की रकम ईरान को अदा करने जा रहा है।

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