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100 रुपए में बनवाइए ऑनलाइन मैरिज सर्टिफिकेट, जानिए क्या है प्रॉसेस

अब देश में मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना आसान हो गया है। देश के कई राज्यों में ऑनलाइन मैरिज सर्टिफिकेट बनाने की सर्विस शुरू हो गई है।

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नई दिल्ली। अब देश में मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना आसान हो गया है। देश के कई राज्यों में ऑनलाइन मैरिज सर्टिफिकेट बनाने की सर्विस शुरू हो गई है। शादीशुदा जोड़े को मैरिज सर्टिफिकेट की जरूरत पासपोर्ट में वैवाहिक स्टेटस को अपडेट कराने, ज्वाइंट होम लोन लेने, ज्वाइंट बैंक अकाउंट खुलवाने और कपल वीजा लेने के लिए पड़ती है। जानिए ऑनलाइन मैरिज सर्टिफिकेट बनाने का क्या है तरीका..
 
 
कहां बनता है मैरिज ऑनलाइन सर्टिफिकेट
 
मैरिज सर्टिफिकेट कोर्ट और राज्य सरकार की वेबसाइट पर जाकर बनवा सकते हैं। दिल्ली, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान,  हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में राज्य सरकार की वेबसाइट पर मैरिज सर्टिफि‍केट का फॉर्म भर सकते हैं। सभी राज्यों में मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने का प्रोसेस लगभग एक जैसा है।
 
ऑनलाइन बनाने का क्या है प्रॉसेस
 
दिल्ली सरकार का रेवेन्यू डिपार्टमेंट ई-डिस्ट्रिक्ट नाम से वेबसाइट चलाता है। इसके जरिए सरकार लोगों को ऑनलाइन सर्विस देती है।
- पहले आप http://edistrict.delhigovt.nic.in/in/en/Account/Register.html इस लिंक पर क्लिक करें।
- ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर नए यूजर को पहले रजिस्टर करना होता। उसके बाद स्क्रीन पर दिए इंस्ट्रक्शन को फॉलो करें।  
- आप अपने हसबैंड की डिटेल भरे और ‘र‍जिस्ट्रेशन ऑफ मैरिज सर्टिफिकेट’ पर क्लिक करें। फॉर्म डाउनलोड हो जाएगा। आप इस फॉर्म में सारी डिटेल भर दें और अप्वाइंटमेंट की तारीख सेलेक्ट करें। सबमिट बटन पर क्लिक करके अप्लिकेशन फॉर्म सबमिट कर दें।
- आपको एक टेम्परेरी नंबर मिल जाएगा। ये टेम्परेरी नंबर अक्नोलेजमेंट स्लिप पर भी होगा। आप अपने एप्लिकेश फॉर्म और अक्नोलेजमेंट स्लिप का प्रिंट आउट निकालना न भूलें। एप्लिकेशन फॉर्म का काम हो गया।
- अप्वाइंटमेंट में सब फाइनल होने के बाद जब आपकी एप्लिकेशन अप्रूव हो जाएगी, तो ई-डिस्ट्रिक्ट के पोर्टल पर एप्लिकेशन नंबर डालकर मैरिज सर्टिफिकेट को डाउनलोड कर सकते हैं।
 
अगली स्लाइड में जानें, कितने समय में मिलेगा अप्वाइंटमेंट
कितने समय में मिलेगा अप्वाइंटमेंट
 
- हिंदू मैरिज एक्ट के तहत आपको अप्वाइंटमेंट का समय 15 दिन में मिल जाएगा।
- स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत 60 दिन का समय लगता है।

अप्वाइंटमेंट के समय क्या होना है जरूरी
- आपको एक ऐसा गवाह लेकर आना होगा, जो आपकी शादी में शामिल हुआ है। गवाह के पास पैन कार्ड और एडे्रस प्रूफ होना जरूरी है।
- साथ ही सभी डॉक्‍यूमेंट अटैस्टेड होने चाहिए।
 
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ऑनलाइन फॉर्म जमा करते समय इन बातों का रखे ध्यान
 
वेबसाइट पर अपलोड होने वाली फाइल का साइज 100 केबी से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
यदि आपने डॉक्यूमेंट अटैच नहीं किए तो आपकी एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती है।
 
कौन से चाहिए डॉक्यूमेंट
 
एप्लिकेशन फॉर्म
एड्रेस प्रूफ – हसबैंड और वाइफ दोनों का
जन्मतिथि – ड्राइविंग लाइसेंस (हसबैंड और वाइफ दोनों का)
हसबैंड और वाइफ की 2 पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
एक शादी की फोटोग्राफ
आधार कार्ड
सभी डॉक्यूमेंट की फोटो कॉपी सेल्फ अटे्स्टड होनी चाहिए।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए शादी का कार्ड भी चाहिए।
 
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24 घंटे में मिल सकता है तत्काल मैरिज सर्टिफिकेट
 
दिल्ली में ‘तत्काल मैरिज सर्टिफिकेट’ बनता है। अप्रैल 2014 के बाद से ये सर्विस दिल्ली में शुरू हुई है। ‘तत्काल मैरिज सर्टिफिकेट’ में रजिस्ट्रेशन प्रोसेस एक दिन में हो जाता है। आपको इसके तहत मैरिज सर्टिफिकेट 24 घंटे में मिल जाता है। हालांकि, ‘तत्काल मैरिज सर्टिफिकेट’ बनवाने के लिए आपको 10,000 रुपए फीस पर खर्च करने होंगे।
 
मैरिज सर्टिफिकेट के फायदे
 
शादी के बाद पासपोर्ट के लिए अप्लाई करने पर मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना होगा।
शादी के बाद ज्वाइंट बैंक अकाउंट खोलने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ेगी।
मैरिज सर्टिफिकेट से हसबैंड और वाइफ को वीजा आसानी से मिल जाता है। विदेशी एंबेसी पुराने या आर्य समाज मंदिर के मैरिज सर्टिफिकेट को नहीं मानते।
विदेश सफर कर रहे कपल्स का मैरिज सर्टिफिकेट जरूरी है। बिना इसके स्पाउस वीजा का फायदा नहीं उठा पाएंगे।
 
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फीस
 
- हिंदू मैरिज एक्ट के तहत मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए 100 रुपए फीस है।
- स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए  150 रुपए फीस है।
- ‘तत्काल मैरिज सर्टिफिकेट’ बनवाने के लिए 10,000 रुपए फीस लगेगी।
 
क्या है मैरिज सर्टिफिकेट
 
मैरिज सर्टिफिकेट आधिकारिक स्टेटमेंट हैं, जिसके तहत दो लोग शादीशुदा माने जाते हैं। देश में शादी को हिंदू मैरिज एक्ट 1955 और स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 के तहत रजिस्टर किया जाता है। ये कानूनी तौर पर प्रूफ करता है कि आप शादीशुदा हैं।
 
सुप्रीम कोर्ट ने मैरिज सर्टिफिकेट किया अनिवार्य
 
साल 2006 में सुप्रीम कोर्ट ने शादी को रजिस्टर करना अनिवार्य बना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए हिंदू एक्ट में मैरिज रजिस्ट्रेशन जरूरी कर दिया है।
कोर्ट में भी बनता है मैरिज सर्टिफिकेट
 
हसबैंड-वाइफ दोनों वर्किंग डे पर सब डिविजनल मजिस्ट्रेट के पास जाकर मैरिज सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं। साइन के साथ एप्लिकेशन फॉर्म भरकर,अप्वाइंटमेंट के समय अपने सभी डॉक्यूमेंट के साथ अपने लोकल मैरिज रजिस्ट्रेशन के ऑफिस पर चले जाइए। साथ में जिसने शादी अटेंड की हो ऐसा उस गवाह लेकर जाना होगा। गैजेट्ड ऑफिसर के साथ एडीएम के दफ्तर जाइए। आपको मैरिज सर्टिफिकेट तुरंत मिल जाएगा।
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