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कभी राष्ट्रपति का बॉडीगार्ड था यह शख्स, ऐसे छीन ली कुर्सी

काफी दिनों से चल रहे जिम्बाब्वे के राजनीतिक संकट पर अब विराम लग गया है।

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नई दिल्‍ली।  काफी दिनों से चल रहे जिम्बाब्वे के राजनीतिक संकट पर अब विराम लग गया है। करीब 34 सालों से सत्‍ता पर काबिज तानाशाह रॉबर्ट मुगाबे को महाभियोग के जरिए राष्‍ट्रपति पद से हटा दिया गया है। इन सब के बीच जो खास बात है, वो ये है कि 94 साल के मुगाबे को राष्‍ट्रपति‍ पद से हटाने वाला शख्‍स कभी उन्‍हीं का बॉडीगार्ड था। यह शख्‍स अपनी सियासी चालों की वजह से मगरमच्‍छ' के नाम से मशहूर एमर्सन मनंगाग्वा हैं। तो आइए जानते हैं कि क्‍यों और कैसे मुगाबे के फेवरेट रहे मनंगाग्वा आज उनके दुश्‍मन बन गए हैं। आगे पढ़ें - 
 
 
 
 
 
जब स्‍कूल से निकाला 
 
मनंगाग्वा का जन्म जिम्‍बाब्‍वे के एक कस्‍बे विशावाने में हुआ। वे देश के सबसे बड़े समुदाय शोना के कारंगा समूह से आते हैं। बहुत कम लोगों को मालूम है कि बचपन में मनंगाग्वा को उग्र हरकतों की वजह से स्‍कूल से निकाल दिया गया था। 
 
10 साल रहे जेल में 
 
न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स के मुताबिक मनंगाग्वा जब 16 साल के थे तब उन्‍होंने ट्रेन उड़ाने की साजिश की। इसके लिए 10 साल की सजा भी सुनाई गई। जेल में रहने के दौरान मनंगाग्वा के साथ अत्‍याचार किया गया। मनंगाग्वा ने 1970 में जिम्बाब्वे की आजादी की लड़ाई को भी दिशा दिखाई। इसी दौरान उनकी मुलाकात रॉबर्ट मुगाबे से हुई। आगे पढ़ें - 
मुगाबे के बॉडीगार्ड 
 
मनंगाग्वा से प्रभावित मुगाबे ने उन्‍हें पर्सनल असिस्‍टेंट और बॉडीगार्ड रख लिया। 1980 में जिम्‍बाब्‍वे की आजादी के बाद मनंगाग्वा ने रॉबर्ट मुगाबे के अधीन कई बड़े पदों पर काम किया और उनका भरोसा जीतने लगे। इस दौरान उन्‍होंने करीब 30 सालों में उन्‍होंने फाइनेंस और डिफेंस समेत कई अन्‍य मिनिस्‍ट्री को संभाला। मुगाबे ने अपने फेवरेट मनंगाग्वा को दिसंबर 2014 में जिम्‍बाब्‍वे का उपराष्‍ट्रपति बना दिया। 
 
इसलिए बढ़ी दूरियां 
असल में बेहद खराब छवि वाली मुगाबे की पत्नी ग्रेस मुगाबे देश की उप राष्ट्रपति बनना चाहती थीं।  ग्रेस मुगाबे की यह मंशा सेना, जनता और प्रशासन को बिल्कुल रास नहीं आई। लेकिन रॉबर्ट मुगाबे ने अपनी पत्‍नी का पक्ष लेते हुए मनंगाग्वा को बर्खास्‍त कर दिया। उप राष्ट्रपति की बर्खास्तगी के साथ ही जिम्बाब्वे की सेना ने राजनीतिक घटनाक्रम में हस्तक्षेप किया और मुगाबे की ताकत निचोड़ दी। आगे पढ़ें - 
क्रोकोडाइल के नाम से मशहूर 
 
जिम्‍बाब्‍वे के भावी राष्‍ट्रपति एमर्सन मनंगाग्वा को देश के एक शातिर नेता के तौर पर जाना जाता है। राजनीतिक गलियारों में उन्हें क्रोकोडाइल यानी मगरमच्छ के नाम से बुलाया जाता है। मनंगाग्वा को सेना, खुफ़िया एजेंसियों और जिम्‍बाब्‍वे की सत्‍तारूढ़ पार्टी ज़ानू-पीएफ़ के बीच की अहम कड़ी माना जाता है। 
 
फेवरेट देश चीन 
 
मनंगाग्वा के बारे में जो खास बात है वो ये है कि उनका फेवरेट देश चीन है। उन्‍होंने चीन और मिस्त्र में सैन्य ट्रेनिंग ली है। इसके अलावा बीजिंग के स्‍कूल ऑफ आइडियॉलॉजी से उच्‍च स्‍तरीय पढ़ाई भी की। मनंगाग्वा ने जिम्‍बाब्‍वे के चीन से मजबूत व्यापारिक रिश्‍तों में अहम भूमिका निभाई है। उनके चीन से आज भी फाइनेंशियल और प्रोफेशनल लिंक्‍स अच्‍छे हैं। मनंगाग्वा ने अपने बच्‍चों को पढ़ने के लिए भी चीन भेजा। 
 
 

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