Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

कॉरपोरेट्स से 50 हजार करोड़ टैक्स नहीं वसूल पाया IT, राइट ऑफ करने की प्रक्रिया शुरू अगले कुछ महीने में आएंगे 36 कंपनियों के IPO, 35 हजार Cr जुटाने का लक्ष्‍य इंडिगो, एअर इंडिया एक्‍सप्रेस दुनिया की 5 सबसे सस्‍ती एयरलाइंस में शामिल PNB घोटाला: नीरव मोदी के 7000 करोड़ की संपत्ति जब्‍त करने की तैयारी, ED स्‍पेशल कोर्ट में करेगा अपील नीतीश कुमार का बैंकिंग सिस्टम पर हमला, कहा- नोटबंदी की विफलता के लिए बैंक जिम्मेदार Stock Market: टॉप 5 कंपनियों में निवेशकों ने कमाए 53133 करोड़, SBI में सबसे ज्यादा फायदा अर्थव्‍यवस्‍था में हो रहा है सुधार, इन्‍वेस्‍टमेंट में आएगी तेजी: सीआईआई मोदी ने स्‍मार्ट ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, कहा- 4 साल में 3 लाख करोड़ से 28 हजार किमी से अधिक नए हाईवे बने Mann Ki Baat में PM मोदी: प्‍लास्टिक पॉल्‍युशन कम करें, बचपन के खेलों को जिंदा रखने की जरूरत Stock Market: FPI की बिकवाली जारी, मई में बाजार से निकाले 26700 करोड़ रु Petrol Price: दिल्ली में पेट्रोल 78 के पार, 15 पैसे की बढ़ोतरी Vivo V9 vs Oppo F7 : 22,000 रुपए की रेंज में जानें कौन सा फोन है दमदार DFC का पहला हिस्सा 15 अगस्त को खुलेगा, तीन गुना तेज चलेंगी मालगाड़ी कॉरपोरेशन बैंक को Q4 में 1,838 करोड़ का घाटा पेट्रोलियम पदार्थों को GST में लाने पर कीमत में ज्यादा अंतर नहीं : सुशील मोदी
बिज़नेस न्यूज़ » States » Delhiदोषी सांसदों और विधायकों पर लगे आजीवन रोक, EC ने रखी सुप्रीम कोर्ट में राय

दोषी सांसदों और विधायकों पर लगे आजीवन रोक, EC ने रखी सुप्रीम कोर्ट में राय

दोषी सांसदों और विधायकों पर लगे आजीवन रोक, EC ने रखी सुप्रीम कोर्ट में राय

 

नई दिल्ली. किसी आपराधिक मामले में दोषी पाए जाने के बाद सांसदों और विधायकों के चुनाव लड़ने पर आजीवन रोक लगाई जानी चाहिए। बुधवार को यह बात इलेक्शन कमीशन ने सुप्रीम कोर्ट में कही। इसके पहले मंगलवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दागी नेताओं पर सख्त रुख दिखाया। कोर्ट ने पूछा कि कितने नेताओं पर आपराधिक मामले पेंडिंग हैं? नेताओं को दोषी करार देने की दर क्या है? बता दें कि बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय की पिटीशन पर कोर्ट सुनवाई कर रहा है। इसमें आपराधिक मामलों में दोषी नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक और नेताओं, ब्यूरोक्रेट्स से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की मांग की गई है।

 

कल सुनवाई के दौरान क्या हुआ?

जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस नवीन सिन्हा की बेंच के सामने मंगलवार को पिटीशनर अश्विनी उपाध्याय की ओर से वकील कृष्णन वेणुगोपाल ने दलीलें रखीं। इस दौरान दिनभर सुनवाई चली। कोर्ट रूम से लाइव …

 

- वेणुगोपाल: सुप्रीम कोर्ट ने नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामलों का ट्रायल एक साल में पूरा करने का ऑर्डर दिया था। पर उस पर अमल नहीं हुआ। ऐसे मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने के ऑर्डर भी नहीं दिए गए थे।

- जस्टिस गोगोई: क्या आपके पास कोई ऐसा डेटा है, जिससे पता चले कि देशभर के ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट में कितने सांसदों-विधायकों के खिलाफ केस पेंडिंग हैं। कितनों पर स्टे है?

- वेणुगोपाल: नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड और इलेक्शन कमीशन के पास मौजूद डेटा के आधार पर हम एफिडेविट दायर कर देंगे।

- जस्टिस गोगोई: हमें नहीं लगता कि कमीशन से डेटा मिलना आसान होगा। केस तो लोअर कोर्ट और अलग-अलग हाईकोर्ट में पेंडिंग हैं।

- वेणुगोपाल: एक अनुमान के तौर पर 34% सांसदों का आपराधिक रिकॉर्ड है। दागियों के चलते चुनाव की पवित्रता से समझौता हो रहा है। पार्टियां भी दागियों को बढ़ावा देती हैं, क्योंकि इनके पास खूब पैसा होता है और वह पार्टी के लिए वोट डलवा सकते हैं। इनके चुनाव लड़ने पर आजीवन रोक लगाना ही सही होगा।

- जस्टिस गोगोई: चुनावों में पवित्रता के लिए आपकी बेचैनी हम समझ सकते हैं। क्या आपको लगता है कि नेताओं के खिलाफ ट्रायल एक साल से लंबा चलने से कोई रुकावट पैदा होगी। अगर किसी जज पर आरोप तय होते हैं या एफआईआर होती है तो उसके साथ क्या होता है?

- वेणुगोपाल: जजों के लिए काफी सख्त और हाई स्टैंडर्ड के पैरामीटर बनाए गए हैं। अगर जजों के साथ ऐसा हो सकता है तो नेताओं के साथ क्यों नहीं? अगर किसी नेता को अदालत दोषी ठहराती है तो उसके राजनीति करने पर पूरी तरह रोक लगानी चाहिए। आजीवन रोक की मांग इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि ऐसे लोगों के खिलाफ सुनवाई पूरी नहीं हो पा रही है।

 

पार्टियों में कितने दागी MP-MLA

- एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी के 523, कांग्रेस के 248 और आप के 26 सांसद और विधायक दागी हैं।


 

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.