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पद्मावती के बिना भी था एक अलाउद्दीन, भारत को दी ये 5 चीजें

आज कल दिल्ली सल्तनत के सबसे ताकतवार सुल्तानों में शामिल अलाउद्दीन खिलजी की चर्चा राजपूत रानी पद्मावती को लेकर हो रही है।

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नई दिल्ली। आज कल दिल्ली सल्तनत के सबसे ताकतवार सुल्तानों में शामिल अलाउद्दीन खिलजी की चर्चा राजपूत रानी पद्मावती को लेकर हो रही है। देशभर में खिलजी और पद्मावती की कहानी को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। लेकिन रानी पद्मावती के बिना भी अलाउद्उीन खिलजी की एक अलग पहचान थी। अलाउद्दीन खिलजी ने अपने समय में ऐसे 5 सिस्टम बनाएं, जिनका प्रभाव आज भी देश में है। खिलजी की इन 5 व्यवस्थाओं ने अर्थव्यवस्था के साथ ही शासन चलाने का सिस्टम ही बदल दिया था। आज के दौर की तरह ही उस दौरान भी इस शासक ने ऐसे कई सुधार किए, जिससे आम आदमी से लेकर किसानों को फायदा पहुंचाया था। इस रिपोर्ट के जरिए जानते हैं कि आखिर अलाउद्दीन ने देश को ऐसी कौन सी 5 चीजें दीं, जिससे पूरा सिस्टम ही बदल गया.......

 

 

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ब्लैक मार्केटिंग पर कंट्रोल


-अलाउद्उीन खिलजी के बड़े सुधारों में कीमतों पर नियंत्रण शामिल है, जिसके जरिए बाजार की व्यवस्था बदल गई। खिलजी ने खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजाना इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के दाम तय कर दिए। 
-इससे ज्यादा कीमत पर ये चीजें नहीं बेची जा सकती थीं। अगर कोई ऐसा करता था तो उसे ब्लैक मार्केटिंग के जुर्म में सजा मिलती थी।
-आज की ही तरह खाने-पीने और डेली इस्तेमाल की चीजों के रोज की कीमतों की रिपोर्ट देनी पड़ती थी।

-खिलजी ऐसा पहला शासक था जिसने अनाज के भंडारण की व्‍यवस्‍था की थी। 

-खाने की चीजों की जमाखोरी न हो, इसके लिए खिलजी ने कारोबारियों को लाइसेंस देना शुरू किया था।
-इतिहासकार फरिस्ता के अनुसार इस व्यवस्था की देख-रेख के लिए दीवान-ए-रियासत नाम का विभाग करता था। 

 

 

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मिलिर्टी रिफॉर्म

 
-इतिहासकार फरिस्ता के अनुसार खिलजी की सेना में 4.75 लाख सैनिक व अधिकारी थे। इतनी बड़ी संख्‍या को सैलरी देना आसान नहीं था, जिसकी वजह से खिलजी ने मिलिर्टी रिफॉर्म किए।
-खिलजी ने सैनिकों को कैश (तक टंका)  में सैलरी देनी शुरू की। किसानों को सैलरी देने में परेशानी न हो, इसके लिए सुल्तान ने बड़े पैमाने पर टैक्स रिफॉर्म किए। 
-टैक्स से होने वाली अतिरिक्त इनकम से सैलरी दी जाती थी।
मिलिर्टी में भ्रष्‍टाचार न होने पाए, इसके लिए सुल्तान ने हर सैनिक की भूमिका और उनके घोड़ों की पहचान करवाई। 

 

 

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किसानों की आय बढ़ाने में मदद की
 

-खिलजी ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए सीधे टैक्स वसूलने का काम किया। पहली बार खिलजी ने ही खेती वाली जमीन की पैमाइश कराई और प्रति बिस्वा के आधार पर 50 फीसदी टैक्स (जबिता या खराज) तय किया। 
-किसानों से सीधे टैक्स वसूले जाने से बिचौलियों का रोल खत्म हुआ और छोटे किसानों की आय बढ़ने लगी। 
-इतिहासकार बरनी ने इस बात का जिक्र किया है कि इस कदम से साहूकारों के दिन लद गए।

 

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हाउस टैक्स और पशुओं पर टैक्स

 

-खिलजी ने हर घर की पहचान कर हाउस टैक्स लगाया। जिसे घरी कहा जाता था।
-वहीं, चरने वाले दुधारू पशुओं पर भी टैक्स लगाया, जिसे चरी कहा जाता था।
-एक घर के लिए पशुओं की संख्‍या तय की, जिसके अनुसार 4 बैल, 2 गाय, 2 भैंस, 12 बकरी और 1 भेंड़ रखा जा सकता था। 

 

 

 

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