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  • New estimates of labour migration in India have revealed that inter state labour mobility is significantly higher than previous estimates

अपनों को नौकरी देने में नाकाम रहे ये राज्य, जानिए कौन है सबसे पीछे

moneybhaskar

Jan 31,2017 07:13:00 PM IST
नई दिल्‍ली। विकास के तमाम दावों के बावजूद यूपी और बिहार में मजदूरों को काम के मौके नहीं मिल रहे हैं। इन राज्‍यों में मौके न मिलने के चलते लोगों को काम की तलाश में दूसरे राज्‍यों का रुख करना पड़ रहा है। यही नहीं रोजगार की तलाश में बाहर काम पर जाने वालों में पुरुषों से ज्‍यादा महिलाओं को पलायन करना पड़ा है। हालत यह है कि मजदूरों को ऐसे राज्‍यों में भी जाकर मजदूरी करनी पड़ रही है जहां की भाषा तक वह नहीं समझते हैं।
महिला मजदूरों के पलायन में आई तेजी

महिलाओं के विकास के लिए भी तमाम कोशिशों के दावे हो रहे हैं, लेकिन आर्थिक सर्वे में हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इसके मुताबिक महिला मजदूरों के पलायन की रफ्तार पुरूष लेबर की तुलना में ज्‍यादा तेज है।यानी महिलाएं मजदूरी रोजगार की तलाश में घरों से ज्‍यादा बाहर निकलीं।
अगली स्‍लाइड में जानिए कौन सा राज्‍य पसंद आया मजदूरों को

दिल्ली में आए सबसे ज्यादा लेबर इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार 2016-17 में काम की तलाश में पलायन करने वालों को दिल्ली-एनसीआर सबसे ज्यादा पसंद आया। देश में काम के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में पलायन करने वालों की कुल संख्या में यूपी और बिहार का योगदान लगभग आधा है। यूपी और बिहार के लोगों ने पलायन कर सबसे ज्यादा दिल्ली का रूख किया है। इसके अलावा इन राज्यों के लोगों ने काम के लिए महाराष्ट्र, पंजाब और गुजरात को भी चुना। अगली स्लाइड में जानिए गुजरात के लोग कहां जाते हैं मजदूरी करनेइसके अलावा गुजरात के लोगों ने काम की तलाश में तमिलनाडु तो झारखंड के लोगों ने बंगाल का रुख किया। राजस्थान, पंजाब और मध्यप्रदेश के लोगों ने सबसे ज्यादा दिल्ली का रुख किया। वहीं हरियाणा के लोगों ने पंजाब जाना पसंद किया। अगली स्लाइड में जानिए सर्वे की एक और खास बातलैंग्वेज नहीं बनी बाधा सर्वे के मुताबिक रोजगार के लिए लोग उन राज्यों को भी तरजीह दे रहे हैं जहां की लैंग्वेज और कल्चर बिल्कुल अलग है। यानी पलायन में लैंग्वेज कोई बाधा नहीं बन रही है। अगली स्लाइड में जानिए सर्वे की एक और बातएक दशक में पलायन की दर हुई दोगुना देश में काम के लिए पलायन करने की रफ्तार तेज हुई है। 2001-2011के दशक में काम के लिए माइग्रेशन करने वालों की ग्रोथ रेट बढ़ कर 4.5फीसदी हो गई है, जबकि इसके पहले के दशक 1991-2001 में यह दर 2.4फीसदी थी। अगली स्लाइड में जानिए सर्वे की एक और बात6 करोड़ लोगों ने काम के लिए किया पलायन इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार 2001 और 2011 के बीच सालाना 50 से 60लाख लोगों ने काम की तलाश में एक राज्य से दूसरे राज्य में पलायन किया। यानी इस अवधि में लगभग 6 करोड़ लोगों ने काम के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में पलायन किया। वहीं काम के लिए एक जिले से दूसरे जिले में पलायन करने वालों की संख्या समान अवधि में लगभग 8 करोड़ रही।
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