कूलर और कमरे के साइज का यह है फॉर्मूला, AC जैसी मिलेगी कूलिंग

कमरे की जरूरत के हिसाब से लेना चाहिए कूलर कमरे की जरूरत के हिसाब से लेना चाहिए कूलर
नहीं तो बढ़ जाता है बिजली का बिल नहीं तो बढ़ जाता है बिजली का बिल

कूलर से सबसे अच्‍छी कूलिंग लेने के लिए कमरे का साइज और कूलर की क्षमता का फॉर्मूला है। अगर कूलर इस फॉर्मूले के हिसाब से कमरे में लगाया जाएगा तो यह AC जैसी कूलिंग देगा। आमतौर पर कमरे के साइज और कूलर की क्षमता का मिसमैच रहता है, जिससे अच्‍छी कूलिंग नहीं मिल पाती है। किसी भी कमरे में क्षमता से बड़ा या छोटा कूलर अगर लगा है, तो यह हवा तो देगा लेकिन कूलिंग का जो अहसास होना चाहिए वह नहीं मिलेगा। कई बार तो लोग सही साइज का कूलर कमरे में लगा लेते हैं, लेकिन उसे सही तरीके से नहीं लगाते हैं जिससे वह पूरी तरह से कूलिंग नहीं देता है। कुछ सामान्‍य से उपाए अपनाकर कूूलर से अच्‍छी ठंडक ली जा सकती है।

moneybhaskar

May 01,2018 03:39:00 PM IST


नई दिल्‍ली. कूलर से सबसे अच्‍छी कूलिंग लेने के लिए कमरे का साइज और कूलर की क्षमता का फॉर्मूला है। अगर कूलर इस फॉर्मूले के हिसाब से कमरे में लगाया जाएगा तो यह AC जैसी कूलिंग देगा। आमतौर पर कमरे के साइज और कूलर की क्षमता का मिसमैच रहता है, जिससे अच्‍छी कूलिंग नहीं मिल पाती है। किसी भी कमरे में क्षमता से बड़ा या छोटा कूलर अगर लगा है, तो यह हवा तो देगा लेकिन कूलिंग का जो अहसास होना चाहिए वह नहीं मिलेगा। कई बार तो लोग सही साइज का कूलर कमरे में लगा लेते हैं, लेकिन उसे सही तरीके से नहीं लगाते हैं जिससे वह पूरी तरह से कूलिंग नहीं देता है। कुछ सामान्‍य से उपाए अपनाकर कूूलर से अच्‍छी ठंडक ली जा सकती है।

ऐसे तय होता है कमरे के हिसाब से कूलर

कमरे के साइज का सही कूलर एक फार्मूले से निकाला जाता है। यह फार्मूला है कमरे का आकार गुणा उसकी ऊंचाई में 2 से भाग देना। यहां पर 2 का मतलब है कि कमरे में हवा हर दो मिनट में बदल जाती है। इस फार्मूले से कोई भी व्‍यक्ति अपने कमरे के हिसाब से सही कूलर का चयन आसानी से कर सकता है। इस फार्मूले से जो अंक आता है उसे CFM कहते हैं। इसका मतलब होता है कूलर कितनी हवा क्‍यूबिक फीट पर मिनट के हिसाब से फेंक रहा है।


अब जानें कैसे इस फार्मूले से कैसे चुने सही कूलर

अगर आपका कमरा 12 फीट चौड़ा और 10 फीट ऊंचा है, तो इस फार्मूले को ऐसे करें इस्‍तेमाल


CFM = 120x10 / 2

यह इकाई हुई 600 CFM.


अब ऐसे चुने कूलर

ब्रांडिंड कूलर में साफ साफ लिखा होता है कि इसका हवा फैकने की क्षमता यानी क्‍यूबिक फीट प्रति मिनट कितनी है। लेकिन कई कूलरों में यह इकाई क्‍यूबिक मीटर्स प्रति घंटा दी जाती है। अगर ऐसा है तो इसे कन्‍वर्ट किया जा सकता है। ऐसे में CFM में 1.699 का गुणा कर दें तो यह इकाई क्‍यूबिक मीटर्स प्रति घंटा में बदल जाएगी।

इसको ऐसे समझें CFM 600 को अगर क्‍यूबिक मीटर्स प्रति घंटा में बदलाना हो तो इसमें 1.699 से गुणा कर दें। यह इकाई होगी 1019.4 क्‍यूबिक मीटर्स प्रति घंटा। इस फार्मूले से आप अपने कमरे के हिसाब से सही कूलर का चयन कर सकते हैं।


बिजली भी बचेगी

bijlibachao.com के अनुसार अगर कूलर कमरे के आकार से छोटा होगा तो यह सही कूलिंग नहीं देगा। इकसे अलावा यह सही साइज के कूलर की तुलना में बिजली की खपत भी ज्‍यादा करेगा। इससे बचने के लिए जरूरी है कि पहले कमरे के साइज का सही अंदाजा लगाया जाए, फिर उसी क्षमता का कूलर कमरे में लगाया जाए।


आगे पढ़ें : कैसे पाएं ज्‍यादा कूलिंग


कूलर से अच्छी ठंडक लेने के टिप्स आमतौर पर लोगों का मानना है कि जिस कमरे में कूलर लगा हो उस कमरे को पूरी तरह से बंद रखना चाहिए। जानकारों के अनुसार यह गलत तरीका है। जिस कमरे में कूलर लगा हो उस कमरे में वेंटीलेशन बनाए रखना चाहिए। कूलर आमतौर पर खिड़की पर ही लगाया जाता है, लेकिन रूम कूलर लोग कमरे के अंदर ही लगा लेते हैं। इससे बचना चाहिए। ऐसे कूलर को हो सके तो खिड़की के पास या दरवाजे के पास ही रखना चाहिए, इससे ज्यादा कूलिंग मिलेगी। ज्यादा गर्मी के दिनों में कूलर के पानी में बर्फ डालना अच्छा विकल्प है। इससे पानी जल्द ही ठंडा हो जाता है। जिससे ज्यादा कूलिंग मिलती है।
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