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दो अमेरिकियों की जंग में कमाएगा ये इंडियन, दांव पर लगेंगे अरबों

अमेरिका की दो दिग्गज कंपनियों की जंग अब भारत में पहुंचती दिख रही है।

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नई दिल्ली. अमेरिका की दो दिग्गज कंपनियों की जंग अब भारत में पहुंचती दिख रही है। हम दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन और दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वालमार्ट की बात कर रहे हैं। ये दोनों कंपनियां अब भारतीय बाजार पर कब्जे के लिए यहां हजारों करोड़ के निवेश की योजना पर काम कर रहे हैं। उनकी इस जंग में एक भारतीय को सबसे ज्यादा फायदा होता दिख रहा है।

 

लंबे समय से चल रही है जंग

वैसे तो वालमार्ट और अमेजन के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है। वालमार्ट ने 2016 में एक स्टार्टअप जेट डॉट कॉम को खरीदकर ई-कॉमर्स बिजनेस में आगाज किया था, जो अमेजन का अहम बिजनेस है। वहीं अमेजन भी पीछे नहीं रही और उसने पलटवार करते हुए जून 2017 में अमेरिका की एक बड़ी फूड रिटेल कंपनी व्होल फूड्स  खरीदने का ऐलान कर दिया था। कॉम्पिटीशन बढ़ने के साथ दोनों ही कंपनियों ने एक-दूसरे के मार्केट में सेंध लगाने की कई कोशिशें कीं। यह सिलसिला अब भारत तक पहुंच गया है। इस क्रम में वॉल मार्ट अब भारत में बड़ा दांव लगाने तैयारी शुरू कर दी है।

 

क्या है वालमार्ट की योजना

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक वॉलमार्ट भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लि‍पकार्ट में करीब 7 अरब डॉलर (45 हजार करोड़ रुपए) इन्‍वेस्‍ट करने के लिए बातचीत कर रही है। वॉलमार्ट इस इन्‍वेस्‍टमेंट के साथ अमेरि‍का की ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन डॉट कॉम इंक को चुनौती देना चाहती है। माना जा रहा है कि‍ इस डील से फ्लि‍पकार्ट की वैल्‍युएशन करीब 20 अरब डॉलर हो जाएगी, जो बीते साल 12 अरब डॉलर पर थी।

 

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इस इंडियन को होगा फायदा

अगर यह डील होती है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा फ्लिपकार्ट के फाउंडर सचिन बंसल को भी होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी फ्लिपकार्ट में लगभग 5.5 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा एक अन्य फाउंडर बिनी बंसल की कंपनी में 5.2 फीसदी हिस्सेदारी है।

 

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इसी माह पूरी हो सकती है डील

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत अंतिम दौर में है और यह इसी महीने पूरी हो सकती है। हालांकि‍, यह भी संभव है कि‍ वैल्‍युएशन या हि‍स्‍सेदारी में अब भी बदलाव हो सकता है और डील अटक भी सकती है। लेकि‍न अगर ऐसा होता है तो वॉलमार्ट के पास 1.3 अरब आबादी वाले उभरते ई-कॉमर्स मार्केट में अहम हि‍स्‍सेदारी हो जाएगी।

 

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भारत पर दांव क्‍यों?

 

अमेरि‍का की कंपनी वॉलमार्ट इंक दुनि‍या की सबसे बड़ी रि‍टेल कंपनी है लेकि‍न इसके बावजूद वह अमेजन के खि‍लाफ संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसा इसलि‍ए क्‍योंकि कंज्‍यूमर्स तेजी से ऑनलाइन कॉमर्स पर शि‍फ्ट हो रहे हैं। अमेरि‍का और चीन के बाद भारत ही अगला सबसे बड़ा संभावनाओं वाला मार्केट है जहां वि‍देशी रि‍टेलर्स अलीबाबा ग्रुप होल्‍डिंग लि. के खि‍लाफ आगे बढ़ सकते हैं।

 

वॉलमार्ट में फ्लि‍पकार्ट इसलि‍ए भी इन्‍वेस्‍ट कर रहा है कि‍ क्‍योंकि‍ वह खुद अमेजन से चुनौती का सामना कर रहा है। अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस पहले ही भारत में 5.5 अरब डॉलर इन्‍वेस्‍ट करने की प्रति‍बद्धता जता चुके हैं और यह संकेत भी दे चुके हैं कि‍ मार्केट लीडर बनने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

 

सूत्रों ने कहा कि‍ वॉलमार्ट अपने स्‍टॉक खरीद लेनदेन पर अब भी काम कर रहा है। सॉफ्टबैंक फिलहाल फ्लि‍पकार्ट में अपनी बहुलांश हि‍स्‍सेदारी बनाए रखना चाहता है। वॉलमार्ट के आने के बाद टाइगर ग्‍लोबल की हि‍स्‍सेदारी बेहद कम रह जाएगी। उन्होंने कहा कि‍ फ्लि‍पकार्ट भी नए शेयर्स  जारी करेगी क्‍योंकि‍ वॉलमार्ट अपनी हि‍स्‍सेदारी ले लेगी।

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