Home » States » DelhiEighth time in last four decades that J&K put under Governor's rule

जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू, चार दशक में 8वीं बार गवर्नर रूल

पीडीपी और भाजपा के बीच सवा तीन साल पहले गठबंधन हुआ था।

Eighth time in last four decades that J&K put under Governor's rule

श्रीनगर. राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की मंजूरी के बाद जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार को राज्यपाल शासन लागू हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से गठबंधन तोड़ने के बाद और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के इस्तीफे के बाद राज्यपाल एनएन वोहरा ने मंगलवार को कोविंद की मंजूरी मांगी थी। पिछले चार दशक में जम्‍मू-कश्‍मीर में आठवीं बार राज्‍यपाल शासन लगा है। वोहरा का कार्यकाल जून में खत्म हो रहा है। लेकिन कहा जा रहा है कि वे अमरनाथ यात्रा तक गवर्नर बने रह सकते हैं। पीडीपी और भाजपा के बीच सवा तीन साल पहले गठबंधन हुआ था।

 


छह महीने तक सरकार नहीं बनी तो राष्‍ट्रपति शासन 
राज्‍यपाल वोहरा जम्मू-कश्मीर के संविधान के प्रावधानों के तहत राज्यपाल शासन को लागू करने की सिफारिश की, जो राज्य में छह महीने तक राज्यपाल शासन रहने की मंजूरी देता है। अगर एक निर्वाचित सरकार छह महीने की अवधि के भीतर सत्तारूढ़ रहने में विफल रहती है, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है। जम्मू-कश्मीर का अपना संविधान है जो भारतीय संविधान के साथ मिलकर चलता है। यह चौथी बार है कि वोहरा राज्य प्रशासन के मामलों को सीधे देखेंगे। 

 

वोहरा का कार्यकाल बढ़ा 
राज्‍यपाल एनएन वोहरा का कार्यकाल 25 जून को खत्म हो रहा था, लेकिन कोविंद ने वोहरा के कार्यकाल की अवधि तीन महीने तक बढ़ा दी। सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि वोहरा ने एक और अवधि के लिए उनके कार्यकाल का विस्तार नहीं किए जाने की इच्छा जाहिर की है। वह 25 जून को कार्यकाल के 10 साल पूरा कर लेंगे। 

 

भाजपा ने क्‍यों वापस लिया समर्थन? 
भाजपा ने समर्थन वापस लेने की दो अहम वजहें बताई हैं। राम माधव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में बताया, ‘‘घाटी में आतंकवाद, कट्टरपंथ, हिंसा बढ़ रही है। ऐसे माहौल में सरकार में रहना मुश्किल था। रमजान के दौरान केंद्र ने शांति के मकसद से ऑपरेशंस रुकवाए। लेकिन बदले में शांति नहीं मिली। जम्मू और कश्मीर क्षेत्र के बीच सरकार के भेदभाव के कारण भी हम गठबंधन में नहीं रह सकते थे।

 

क्‍यों बढ़ा मतभेद? 
भाजपा-पीडीपी में मतभेद की दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं। पहला, रमजान के दौरान सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन रोक दें, इसे लेकर भाजपा-पीडीपी में मतभेद थे। महबूबा के दबाव में केंद्र ने सीजफायर तो किया लेकिन इस दौरान घाटी में 66 आतंकी हमले हुए, पिछले महीने से 48 ज्यादा। ऑपरेशन ऑलआउट को लेकर भी भाजपा-पीडीपी में मतभेद था। दूसरी- पीडीपी चाहती थी कि केंद्र सरकार हुर्रियत समेत सभी अलगाववादियों से बातचीत करे। लेकिन, भाजपा इसके पक्ष में नहीं थी।

 

राज्‍य में कब-कब लगा राज्‍यपाल शासन 

  कब-कब लगा राज्यपाल शासन
पहली 26 मार्च, 1977 से 9 जुलाई 1977
दूसरी 6 मार्च 1986 से 7 नवंबर 1986
तीसरी 19 जनवरी 1990 से 9 अक्टूबर 1996
चौथी 18 अक्टूबर 2002 से 2 नवंबर 2002
पांचवीं 11 जुलाई 2008 से 5 जनवरी 2009
छठवीं 8 जनवरी 2015 से 1 मार्च 2015
सातवीं 7 जनवरी 2016 से 4 अप्रैल 2016
आठवीं 20 जून 2018

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट