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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में आंध्र प्रदेश टॉप पर, लगातार दूसरे साल रहा नंबर 1

वर्ल्‍ड बैंक और डीआईपीपी की ओर से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग रिपोर्ट तैयार की गई है

Andhra Pradesh tops ease of doing business ranking among all states says DIPP

नई दिल्‍ली. बिजनेस करने के लिए भारत के सभी राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आंध्र प्रदेश सबसे मुफीद राज्‍य है। वर्ल्‍ड बैंक और डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (डीआईपीपी) की ओर से तैयार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में आंध्र प्रदेश टॉप पर है। आंध्र प्रदेश लगातार दूसरे साल शीर्ष पर रहा है। डीआईपीपी बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान (BRAP), 2017 के थर्ड एडिशन के मुताबिक, तेलंगाना दूसरे और हरियाणा तीसरे नंबर पर है।

 


डीआईपीपी सचिव रमेश अभिषेक ने बताया कि सभी राज्‍यों में आंध्र प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में नंबर 1 राज्‍य बना है। हालांकि राज्‍यों की रैंकिंग को और बेहतर बनाया जा सकता है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग के शीर्ष 10 में तेलंगाना, हरियाणा, झारखंड, गुजरात, छत्‍तीसगढ़, मध्‍य प्रदेश, कर्नाटक और राजस्‍थान है। पहले साल की रैंकिंग में केवल सात राज्यों ने ही सरकार की ओर से दिए गए सुझावों को 50 फीसदी से ज्यादा लागू किया था। दूसरी बार में 18 राज्यों ने ऐसा किया और इस बार 21 राज्य इस लिस्‍ट में हैं। डीआईपीपी वाणिज्‍य मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। 

 

मेघालय अंतिम पायदान पर 
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में मेघायल आखिरी पायदान 36 पर है। डीआईपीपी का कहना है कि 17 राज्‍यों ने 90 फीसदी से ज्‍यादा रिफॉर्म इविडेंस स्‍कोर हासिल किया है। वहीं, 15 राज्‍यों का संयुक्‍त स्‍कोर 90 फीसदी और उससे ज्‍यादा रहा है। जिन राज्‍यों ने 80 फीसदी या ज्‍यादा स्‍कोर हासिल किया है वह देश के 84 फीसदी क्षेत्र, 90 फीसदी जनसंख्‍या और 79 फीसदी जीडीपी का प्रतिनिधित्‍व करते हैं। BRAP 2017 के तहत लागू किए गए रिफॉर्म्‍स एक्‍शन की संख्‍या बढ़कर 7758 हो गई है, जो 2015 में 2,532 थी। 

 

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में टॉप 10  राज्‍य

राज्‍य रैंकिंग
आंध्र प्रदेश 1
तेलंगाना 2
हरियाणा  3
झारखंड  4
गुजरात  5
छत्‍तीसगढ़  6
मध्‍य प्रदेश  7
कर्नाटक  8
राजस्‍थान  9
पश्चिम बंगाल  10

 

कौन राज्‍य कहां रहा अव्‍वल?  
- छत्‍तीसगढ़ प्रॉपर्टी रजिस्‍ट्रेशन के मामले में टॉप पर रहा। 
- कंस्‍ट्रक्‍शन परमिट के लिहाज से राजस्‍थान की रैंकिंग नंबर वन रही। 
- लेबर रेग्‍युलेशन में सबसे बेहतर राज्‍य पश्चिम बंगाल रहा। 
- पर्यावरण रजिस्‍ट्रेशन में कर्नाटक की रैंकिंग सबसे अच्‍छी रही। 
- भूमि उपलब्‍धता में उत्‍तराखंड टॉप पर रहा। 
- टैक्‍स के भुगतान के लिहाज से ओडिशा शीर्ष रहा। 
- यूटिलिटी परमिट हासिल करने के मामले में उत्‍तर प्रदेश नंबर वन राज्‍य रहा। 

 

2016 में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना थे टॉप  
साल 2016 की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों ही संयुक्‍त रूप से टॉप थे। ये राज्य पहली बार गुजरात से ऊपर थे। पीएम नरेंद्र मोदी का गृह राज्‍य गुजरात 2015 में नंबर वन रहा था। 

 

क्‍यों महत्‍वपूर्ण है यह रैंकिंग? 
केंद्र सरकार के इस कदम का मकसद राज्यों के बीच निवेश को आकर्षित करने और कारोबार शुरू करने के माहौल को लेकर कॉम्पिटिशन बढ़ाना है। केंद्र ने पिछले बजट में 372 ऐसे एक्‍शन प्‍वाइंट निर्धारित किए थे जिन्हें राज्यों को तेजी से पूरा करना था। राज्य सरकारें ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग को सुधारने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम क्लियरेंस सिस्‍टम डेवलप करने पर काम कर रही हैं। सरकार की ओर से तय मानकों में कॉन्स्ट्रक्शन परमिट, लेबर रेग्‍युलेशन, पर्यावरण रजिस्ट्रेशन, सूचनाओं तक पहुंच, भूमि की उपलब्धता और सिंगल विंडो सिस्टम शामिल है। 

 

कैसे तैयार होती है रैंकिंग रिपोर्ट? 
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग वर्ल्ड बैंक और डीआईपीपी की ओर से मिलकर तैयार की जाती है। यह रिपोर्ट जुलाई 2016 से जुलाई 2018 के बीच 340 प्वाइंट बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के आधार पर तैयार की जाती है। इस साल की रैंकिंग में डीआईपीपी ने बिजनेस-टू-गवर्मेंट (B2G) फीडबैक लिया था। यह फीडबैक राज्यों के उस दावों की हकीकत जांची थी कि उन्होंने सुधारों को कितने बेहतर तरीके से लागू किया है। 

 

भारत की रैंकिंग टॉप 50 में लाने की कोशिश  
वर्ल्ड बैंक की ओर से कुछ दिनों बाद सालाना ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट, 2017 आने वाली है। पिछले साल भारत की ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग सुधरी है। 190 देशों में भारत अभी 100वें स्थान पर है। मोदी सरकार वर्ल्ड बैंक की इस रैंकिंग में टॉप 50 के में लाने की कोशिश में जुटी है। 

 

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