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चारा घोटाले से जुड़े 89 लाख के घपले में लालू को साढ़े तीन साल की जेल, 5 लाख का जुर्माना

चारा घोटाला से जुड़े देवघर ट्रेजरी मामले में सीबीआई कोर्ट ने लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है।

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नई दि‍ल्‍ली. बिहार के चारा घोटाला से जुड़े देवघर ट्रेजरी मामले में सीबीआई कोर्ट ने बि‍हार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। लालू पर 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। उनके साथ इस मामले में दोषी ठहराए गए अन्‍य को भी तीन- तीन साल की सजा सुनाई गई है। बता दें कि  900 करोड़ के चारा घोटाले में यह मामला करीब 89 लाख रुपए का है। 

 

इन्हें हुई 3.5 साल जेल, 5 लाख जुर्माना

- लालू प्रसाद यादव, बिहार के पूर्व सीएम
- फूलचंद सिंह, पूर्व आईएएस ऑफिसर
- महेश प्रसाद, पूर्व आईएएस ऑफिसर
- बेक जूलियस, पूर्व आईएएस ऑफिसर
- सुनील कुमार सिन्हा, 
- सुशील कुमार सिन्हा,
- राजा राम जोशी
- सुबीर भट्टाचार्य

- आरके राणा, पॉलिटिकल लीडर

 

 

इन्हें हुई 7 साल जेल, 10 लाख जुर्माना
- जगदीश शर्मा, पॉलिटिकल लीडर
- सुनील गांधी
- त्रिपुरारी मोहन प्रसाद 
- गोपीनाथ दास

 

जमानत के लिए जाना होगा हाईकोर्ट

-लालू को अगर तीन साल से कम या तीन साल की सजा होती तो उन्हें रांची की सीबीआई कोर्ट जमानत दे सकती थी।

- अब लालू को साढ़े तीन साल की सजा हुई है, इसलिए उन्हें जमानत के लिए हाईकोर्ट जाना पड़ेगा।

 

 

 

क्या है देवघर ट्रेजरी केस?


बिहार सरकार ने 1991 से 1994 के बीच मवेशियों की दवा और चारा खरीदने के लिए सिर्फ 4 लाख 7 हजार रुपए ही पास किए थे। जबकि इस दौरान देवघर ट्रेजरी से 6 फर्जी अलॉटमेंट लेटर से 89 लाख 4 हजार 413 रुपए निकाले गए।


1996 में सामने आया था घोटाला


जनवरी 1996 में करीब 950 करोड़ रुपए का चारा घोटाला पहली बार सामने आया था। इसके तहत 1990 के दशक में सरकारी ट्रेजरी से चारा सप्लाई के नाम पर ऐसी कंपनियों को पैसे जारी कर दिए गए जो थी ही नहीं।

 

लालू पर क्या आरोप?


बिहार के सीएम और वित्त मंत्री लालू प्रसाद पर आरोप था कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले की इन्क्वायरी के लिए आई फाइल को 5 जुलाई 1994 से 1 फरवरी 1996 तक अटकाए रखा। फिर 2 फरवरी 1996 को जांच का आदेश दिया।


कुल कितने आरोपी थे ?
 एक सीबीआई ऑफिशियल के मुताबिक, इस केस में 38 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें 11 लोगों की मौत हो चुकी है। 3 सरकारी गवाह बन गए थे। दो ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था, जिन्हें 2006-07 में दोषी करार दिया गया था। बाकी बचे 22 आरोपियों पर केस चल रहा था।

 

फैसले पर नेताओं की प्रतिक्रिया


जेडीयू के सीनियर नेता केसी त्यागी ने कहा- "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। बिहार की राजनीति में यह ऐतिहासिक फैसला साबित होगा। यह एक अध्याय का अंत है।" 
तेजस्वी यादव ने कहा ज्युडिशियरी ने अपनी ड्यूटी पूरी की। हम सजा के फैसले को देखने के बाद हाईकोर्ट जाएंगे और जमानत की अपील करेंगे।

 

 

ये हो चुके हैं बरी
- जगन्नाथ मिश्रा, बिहार के पूर्व सीएम 
- ध्रुव भगत, पूर्व पीएसी चेयरमैन 
- एसी चौधरी, पूर्व आईआरएस ऑफिसर 
- सरस्वती चंद्रा, चारा सप्लायर 
- सदानंद सिंह, चारा सप्लायर 
- विद्या सागर निषाद, पूर्व मंत्री

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