रिपोर्ट /एमएसएमई क्रेडिट ग्रोथ में गिरावट दर्ज

  • ऑटो इंडस्ट्री वाले एमएसएमई के क्रेडिट रिस्क बिल्ड-अप में वृद्धि पाई गई 

Moneybhaskar.com

Oct 16,2019 06:11:36 PM IST

नई दिल्ली : ट्रांसयूनियन सिबिल-सिडबी एमएसएमई पल्स रिपोर्ट के सातवें संस्करण में कमर्शियल ऋण वृद्धि में गिरावट देखी गई। यह मंदी पिछले कुछ वर्षों में कमर्शियल ऋण सेगमेंट में निरंतर तिमाही-दर-तिमाही स्थिर विकास प्रदर्शन के बाद आई है। साल दर साल की कमर्शियल क्रेडिट ग्रोथ जून’19 में समाप्त तिमाही में 10.4 प्रतिशत रही।

जून'19 में 65.5 लाख करोड़ रुपए से कम हो गई

हालांकि, तिमाही दर तिमाही की तुलना में जून'19 को समाप्त तिमाही में क्रेडिट एक्सपोजर में 2.6 प्रतिशत की गिरावट का संकेत मिला है। भारत में कुल ऑन-बैलेंस शीट कमर्शियल लेंडिंग एक्सपोजर 63.8 लाख करोड़ रुपए की गिरावट के साथ जून'19 में 65.5 लाख करोड़ रुपए से कम हो गई।

कमर्शियल ऋण देने की एनपीए दर जून'18 में 17.2 प्रतिशत थी

रिपोर्ट के मुताबिक संपत्ति की गुणवत्ता में मामूली गिरावट गैर-निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) की दर के साथ देखी गई है, जो मार्च 19 में 15.5 प्रतिशत से 16.1 प्रतिशत है। कमर्शियल ​​​​​ऋण देने की एनपीए दर जून'18 में 17.2 प्रतिशत थी, इसके बावजूद कारण वृद्धि अभी भी एक साल पहले की तुलना में कम है। पिछले वर्ष की तुलना में माइक्रो और एसएमई सेगमेंट में एनपीए की दर 8.5प्रतिशत (जून’18) से 8.7 प्रतिशत (जून’19) और 10.6 प्रतिशत (जून’18 और जून’19 दोनों) के बीच सीमित है। क्रेडिट एक्सपोजर में वृद्धि माइक्रो और एसएमई सेगमेंट में सकल एनपीए राशि के लिए आनुपातिक है और इसलिए एनपीए की दर सीमित है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कमर्शियल लेंडिंग में एनपीए की दर जून’18 में 17.2 प्रतिशत पर थी। एमएसएमई पल्स के इस संस्करण में ऑटो इंडस्ट्री एमएसएमई में क्रेडिट रिस्क बिल्ड-अप पर एक अध्ययन भी शामिल है। अध्ययन ने सिबिल एमएसएमई रैंक (सीएमआर) पर आधारित ऑटो उद्योग एमएसएमई के संक्रमण मैट्रिक्स का विश्लेषण किया। सीएमआर एमएसएमई के लिए एक क्रेडिट स्कोर है जहां स्कोर आउटपुट रैंक मान 1 से 10 तक है।

आमतौर पर, सीएमआर-1 से सीएमआर-3 वाले एमएसएमई को सबसे कम एक्सपोजर माना जाता है, सीएमआर-4 से सीएमआर-6 को मध्यम एक्सपोजर माना जाता है और सीएमआर-7 से सीएमआर-10 को सबसे अधिक एक्सपोजर माना जाता है। ऑटो इंडस्ट्री एमएसएमई के ​​लिए प्लॉट किए गए ट्रांज़िशन मैट्रिक्स में 2-नॉट डाउन ग्रेड्स की परिमाण जून’18 से जून’19 के दौरान 14 प्रतिशत से 24 प्रतिशत तक है, जबकि जून’17 से जून के दौरान इसी संख्या 12 प्रतिशत से 15 प्रतिशत थी।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.