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  • Govts plans to take village industries turnover to Rs 2 lakh crore in 5 years says nitin Gadkari

तैयारी /सरकार ग्रामीण इंडस्ट्री की बदलेगी सूरत, अगले 5 साल में 2 लाख टर्नओवर करने का लक्ष्य

  • देश में अगले 5 साल में MSME सेक्टर में पैदा करेगा 5 करोड़ नौकरियां
  • नितिन गडकरी ने कहा कि भारत को चीन की मंदी का फायदा उठाकर निर्यात बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।
  • मंत्री के मुताबिक मुझे यह देखकर दुख होता है कि पर्याप्त मात्रा में रिजर्व होने के बावजूद भारत कोल, न्यूजप्रिंट और अन्य चीजों का विदेश से आयात करता है।

Moneybhaskar.com

Dec 20,2019 05:16:00 PM IST

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने खादी और ग्रामीण उद्योग के विकास के लिए एक प्लान तैयार किया है, जिसके तहत अगले 5 साल में ग्रामीण इंडस्ट्रीज के टर्नओवर को करीब 2 लाख करोड़ रुपए करने का लक्ष्य तय किया गया है, जो मौजूदा वक्त में करीब 75 हजार करोड़ रुपए है। मंत्री के मुताबिक भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम उद्योग (एमएसएमई) के अंतर्गत करीब 38 हजार इंडस्ट्री आती हैं, जिनके पास निर्यात की ताकत है। एमएसएमई सेक्टर करीब 11 करोड़ जॉब पैदा करती है। ऐसे में सरकार एमएसएमई के जरिए अगले पांच साल में 5 करोड़ अतिरिक्त जॉब पैदा करेगी।

चीन की मंदी में फायदा उठाने की नसीहत

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इसके लिए इंडस्ट्री को वैश्विक स्तर पर होने वाले कारोबार में अपनी 10 फीसदी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी। गडकरी ने इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को सुझाव दिया कि उन्हें चीन की मंदी का फायदा उठाकर अपने कारोबार का विस्तार करना चाहिए। चीन की ग्लोबल कारोबार में 17 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं ग्लोबाल ट्रेड में भारत की हिस्सेदारी महज 2.6 फीसदी है। मंत्री के अनुसार मौजूदा वक्त में कीमतें बढ़ने और अन्य चुनौतियों की वजह से चीन के ग्लोबल ट्रेड पर असर पड़ रहा है। ऐसे में भारत अपने निर्यात को 8 से 10 फीसदी पर ले जा सकता है।

भारत के पास 5 ट्रिलियन डॉलर बनने की क्षमता


गडकरी ने फिक्की के 92वें सालाना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही एमएसएमई के पास भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की क्षमता है। गडकरी ने कहा कि मुझे यह देखकर दुख होता है कि पर्याप्त मात्रा में रिजर्व होने के बावजूद भारत कोल, न्यूजप्रिंट और अन्य चीजों का विदेश से आयात करता है। हमारे पास कोयले के निर्यात का भंडार है। लेकिन हम इसका आयात करते हैं।

भारत के पास निर्यात की अपार संभावनाएं

मंत्री ने सुझाव दिया कि भारत से कोल को पाराद्वीप से कांदला ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है। इससे कोल 35 से 40 पैसे प्रति यूनिट सस्ता पड़ेगा। भारत न्यूजप्रिंटि का आयात करता है। देश की घरेलू पेपरमिल्स बंद है, जबकि देश के पास पर्याप्त मात्रा में बांस उपलब्ध है। अगर इनका सही से इस्तेमाल किया जाएं, तो न सिर्फ पेपर मिल चालू हो सकेगी। बल्कि न्यूजप्रिंट का आयात किया जा सकेगा।

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