तैयारी /एमएसएमई निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी बना रही है सरकार: गडकरी

  • केंद्रीय मंत्री बोले- एमएसएमई में 10 से 11 करोड़ नौकरी पैदा करने की क्षमता, देश के विकास में 29 फीसदी हिस्सेदारी

Moneybhaskar.com

Nov 17,2019 04:05:43 PM IST

नई दिल्ली। केंद्रीय एमएसएमई और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि सरकार एमएसएमई निर्यात बढ़ाने और घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने की योजना के तहत निर्यात को घटाने के लिए दो पॉलिसी तैयार कर रही है। नागपुर में स्मॉल माइक्रो एंटरप्राइजेज कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के विकास में एमएसएमई सेक्टर की 29 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि एमएसएमई के माध्यम से 48 फीसदी निर्यात किया जाता है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई में 10-11 करोड़ नौकरियां पैदा करने की क्षमता है।

निर्यात बढ़ाने के उपायों पर हो रहा विचार

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार दो पॉसिसी पर काम कर रही है। पहली पॉलिसी के तहत निर्यात से जुड़ी इंडस्ट्रीज को कैसी मदद की जाए और निर्यात कैसे बढ़ाया जाए, पर काम हो रहा है। चमड़ा उद्योग का उदाहरण देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस इंडस्ट्री का कुल टर्नओवर 1.40 लाख करोड़ रुपए है। इसमें से 80 से 90 हजार करोड़ का कारोबार घरेलू बाजार से होता है जबकि 45 से 50 हजार करोड़ का कारोबार निर्यात से होता है। उन्होंने इस इंडस्ट्री को मॉडर्नाइजेशन, अपग्रेडेशेन, प्रोडक्ट डिजाइनिंग, उत्पादन लागत घटाने और क्वालिटी में सुधार लाने की दिशा में काम करने की सलाह ही। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हम निर्यात कारोबार को मजबूती देने की पॉलिसी पर काम कर रहे हैं।

आयात घटाने के लिए स्वदेशी उत्पादों को दिया जाए बढ़ावा

उन्होंने कहा कि दूसरी पॉलिसी के तहत सरकार आयात घटाने के लिए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी पॉलिसी पर काम किया जा रहा है जिसके तहत विशेष रूप से आयातित उत्पादों को देश में ही निर्मित किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन दोनों पॉलिसी को लेकर वाणिज्य मंत्रालय से वार्ता चल रही है और यह अंतिम दौर में है। तीन महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कैपिटल कॉस्ट, पावर कॉस्ट और लॉजिस्टिक कॉस्ट में कमी लाने से हम अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा प्रतियोगी बन सकते हैं। नई पॉलिसी तैयार करने में इन फैक्टर्स का विशेष ध्यान रखा गया है।

डिफेंस सेक्टर में बढ़े एमएसएमई की हिस्सेदारी

नितिन गडकरी ने डिफेंस सेक्टर में एमएसएमई की हिस्सेदारी पर भी चर्चा की। उन्होंने डिफेंस खरीदारी प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए कहा कि फाइलें सालों तक दबी रहती हैं। जब उत्पाद फाइनल होता है और टेंडर जारी किया जाता है तब तक उत्पाद पुराना हो चुका होता है। उन्होंने डिफेंस खरीदारी प्रक्रिया को बदलने की जरूरत की बात कही। गडकरी ने कहा कि डिफेंस सेक्टर से एमएसएमई को उतना काम नहीं मिल रहा है जितना मिलना चाहिए। उन्होंने एक अच्छी पॉलिसी बनाने के बारे में कहा जिससे डिफेंस सेक्टर में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाने में कारगर साबित हो।

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