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Gem पोर्टल का सरकार लाएगी 3.0 वर्जन, सरकारी खरीद में करप्शन कंट्रोल करना होगा आसान

मोदी सरकार सरकार खरीद में करप्शन कंट्रोल करने में जेम पोर्टल को बड़ा जरिया बनाने जा रही है। इसके तहत वह अब जेम का 3.0 वर्जन लाएगी। जो कि मौजूदा वर्जन से कहीं ज्यादा एडवांस होगा। इसके जरिए सरकार की कोशिश है कि ऑनलाइन खरीदारी के प्रोसेस को पहले से ज्यादा बेहतर किया जा सके। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा खरीदारी जेम पोर्टल के जरिए ही की जा सके। क्या है प्लान कॉमर्स मिनिस्ट्री से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक जेम पोर्टल को पॉयलट वर्जन के रुप में चलाया जा रहा था। जिस तरह से एक साल के अंदर पोर्टल को रिस्पांस मिला है, उसे देखते हुए अब हम इसे एडवांस वर्जन में ला जा रहे हैं। जल्द ही सरकार की प्लानिंग है कि जेम का 3.0 वर्जन लाया जाय। नया वर्जन पहले की तुलना में कहीं ज्यादा बेहतर होगा। 2000 करोड़ से ज्यादा का हो चुका कारोबार एक साल के अंदर जेम पोर्टल के जरिए 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा का ट्रांजैक्शन हो चुका है। जिसके जरिए एक लाख से ज्यादा के ऑर्डर दिए जा चुके हैं। अभी तक पोर्टल से 42 हजार से ज्यादा सेलर जुड़ चुके हैं। जबकि 16500 से ज्यादा आर्गनाइजेशन इन सेलर के जरिए करीब 2.5 लाख प्रोडक्ट की खरीदारी कर रहे हैं। रजिस्टर्ड ओईएम अपडेट करें डाटा मिनिस्ट्री ने पोर्टल के साथ रजिस्टर्ड ऑरिजनल इक्वीपमेंट मैन्युफैक्चर्स से कहा है कि वह माइग्रेशन मे सपोर्ट के लिए अपने मास्टर डाटा जल्द से जल्द अपडेट करे। इसके तहत उन्हें अपने प्रोडक्ट के मास्टर डाटा, स्पेसिफिकेशन सहित दूसरी डिटेल अपडेट करनी होगी।

Prashant Srivastva

Nov 17,2017 10:40:00 AM IST

नई दिल्ली. मोदी सरकार सरकारी खरीद में करप्शन कंट्रोल करने में जेम पोर्टल को बड़ा जरिया बनाने जा रही है। इसके तहत वह अब जेम का 3.0 वर्जन लाएगी। जो कि मौजूदा वर्जन से कहीं ज्यादा एडवांस होगा। इसके जरिए सरकार की कोशिश है कि ऑनलाइन खरीदारी के प्रोसेस को पहले से ज्यादा बेहतर किया जा सके। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा खरीदारी जेम पोर्टल के जरिए ही की जा सके।

क्या है प्लान?

कॉमर्स मिनिस्ट्री से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक जेम पोर्टल को पॉयलट वर्जन के रुप में चलाया जा रहा था। जिस तरह से एक साल के अंदर पोर्टल को रिस्पांस मिला है, उसे देखते हुए अब हम इसे एडवांस वर्जन में ला जा रहे हैं। जल्द ही सरकार की प्लानिंग है कि जेम का 3.0 वर्जन लाया जाय। नया वर्जन पहले की तुलना में कहीं ज्यादा बेहतर होगा।

2000 करोड़ से ज्यादा का हो चुका कारोबार

एक साल के अंदर जेम पोर्टल के जरिए 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा का ट्रांजैक्शन हो चुका है। जिसके जरिए एक लाख से ज्यादा के ऑर्डर दिए जा चुके हैं। अभी तक पोर्टल से 42 हजार से ज्यादा सेलर जुड़ चुके हैं। जबकि 16500 से ज्यादा आर्गनाइजेशन इन सेलर के जरिए करीब 2.5 लाख प्रोडक्ट की खरीदारी कर रहे हैं।

रजिस्टर्ड ओईएम अपडेट करें डाटा

मिनिस्ट्री ने पोर्टल के साथ रजिस्टर्ड ऑरिजनल इक्वीपमेंट मैन्युफैक्चर्स से कहा है कि वह माइग्रेशन मे सपोर्ट के लिए अपने मास्टर डाटा जल्द से जल्द अपडेट करे। इसके तहत उन्हें अपने प्रोडक्ट के मास्टर डाटा, स्पेसिफिकेशन सहित दूसरी डिटेल अपडेट करनी होगी।

क्या है Gem पोर्टल?

केंद्र सरकार ने ई-पोर्टल के जरिए Gem (गवर्नमेंट ई-मार्केट) को तैयार किया है। जिसके जरिए सभी तरह की खरीदारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इसके जरिए खरीद प्रॉसेस में बाबुओं और मिडिलमैन का दखल खत्म किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि Gem के जरिए वह करीब 4 लाख करोड़ रुपए का मार्केट प्लेस उपलब्ध करा सकेगी। जिसके जरिए हर साल 40-50 हजार करोड़ रुपए की सेविंग उसे होगी।

देश के हर कोने से जुड़ सकेंगे कारोबारी

GeM को कॉमर्स मिनिस्ट्री के तहत आने वाले डिपार्टमेंट डायरक्टरेट जनरल ऑफ सप्‍लाइज एंड डिस्पोजल्स ने डेवलप किया है। डिपॉर्टमेंट के एक सीनियर अफसर ने बताया GeM के जरिए हम सरकार की सभी बड़ी खरीदारियों को ऑनलाइन कर रहे हैं। इसके जरिए न केवल ट्रांसपरेंसी आएंगी बल्कि देश के छोटे-छोटे शहर बैठे बिजनेसमैन को भी सरकार के साथ बिजनेस कर सकेगा।

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