मनी भास्कर खास /नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने के लिए एमएसएमई को सरकार देगी आर्थिक मदद

  • एमएसएमई मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से इस मद में 10,000 करोड़ रुपए की मांग की
  • ग्रामीण इलाके में रेडीमेड गारमेंट्स बनाने के लिए 13 क्लस्टर की मंजूरी
  • 5 ट्रिलियन की इकोनॉमी में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने तैयार की कई योजनाएं

Moneybhaskar.com

Oct 17,2019 04:57:48 PM IST

नई दिल्ली। एमएसएमई को फंड जुटाने में मदद के लिए सरकार नई योजना लाने की तैयारी में है। इस योजना के तहत सरकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में लिस्ट होने वाली या अपनी इक्विटी लाने वाली एमएसएमई को आर्थिक मदद देगी। इस काम के लिए एमएसएमई मंत्रालय वित्त मंत्रालय से एक फंड देने की मांग कर रहा है। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक उन्होंने वित्त मंत्रालय से इस मद में 10,000 करोड़ रुपए देने की मांग की है। ताकि जो भी एमएसएमई वाले एनएसई या कैपिटल मार्केट में इक्विटी लाते हैं, उन्हें मंत्रालय की तरफ से 10 फीसदी राशि आर्थिक मदद के रूप में दी जाएगी। गडकरी के मुताबिक उन्हें विश्वास है उन कंपनियों की इक्विटी कीमत दो-चार साल में 3-4 गुना बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि एमएसएमई अर्थव्यवस्था का दिल है।

दो-तीन साल में खादी की भारी मांग निकलने की उम्मीद

एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर का बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एमएसएमई के ग्रोथ इंजन में और तेजी लाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाके में रेडीमेड गारमेंट बनाने की तैयारी है ताकि ग्रामीण इलाके से पलायन रूक सके। 13 क्लस्टर मंजूर किए गए हैं जहां रेडीमेड गारमेंंट्स का काम होगा। इसमें खादी के कपड़ों की भी बड़ी भूमिका होगी। गांवों में सोलर चरखे से कपड़े तैयार किए जाएंगे और फिर उन पर प्रिंट वगैरह करके उसे घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल के लिए लायक बनाया जाएगा। मंत्रालय को खादी में रोजगार एवं कारोबार दोनों की भारी संभावनाएं दिख रही हैं और दो-तीन सालों में खादी की भारी मांग निकलने की उम्मीद की जा रही है।


एमएसएमई के प्रोत्साहन के लिए सरकार ड्यूटी लगाने में पीछे नहीं

सरकार एमएसएमई के प्रोत्साहन के लिए आयात होने वाली वस्तुओं पर ड्यूटी लगाने का काम भी तेजी से कर रही है ताकि घरेलू छोटे उद्योग को बढ़ावा मिल सके। एमएसएमई मंत्रालय ने वाणिज्य मंत्रालय से आयात होने वाली वस्तुओं की सूची देने के लिए कहा है ताकि यह पता चल सके कि किन-किन चीजों के आयात को हतोत्साहित करके एमएसएमई को प्रोत्साहित किया जा सकता है। हाल ही में एमएसएमई मंत्रालय की सिफारिश पर आइसक्रीम खाने वाले लकड़ी के चम्मच के आयात पर 30 फीसदी की ड्यूटी लगाई गई। मंत्रालय एमएसएमई द्वारा निर्मित वस्तुओं की मार्केटिंग के लिए अमेजन एवं फ्लिपकार्ट की तरह पोर्टल भी लाने की तैयारी में हैं। ताकि एमएसएमई को अपने सामान को बेचने में कोई कठिनाई नहीं हो।

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