प्रोत्साहन /एमएसएमई की ब्याज छूट योजना में संशोधन को मंजूरी, छोटे उद्यमियों को राहत

  • छोटे उद्यमों को सस्ती दर पर कर्ज मिलने से उनकी उत्पादकता बढ़ेगी
  • जीएसटी के योग्य इकाइयों को उद्योग आधार नंबर की जरूरत से मुक्त कर दिया गया है

Moneybhaskar.com

Dec 16,2019 08:14:14 PM IST

नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए ब्याज छूट योजना (इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम) के दिशानिर्देश में बदलाव को मंजूरी दे दी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि बदलाव के बाद कम दर पर ब्याज मिलने के कारण इस सेक्टर की उत्पादकता में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि सरकार एमएसएमई सेक्टर को अधिक कर्ज देने के लिए प्रतिबद्ध है। योजना पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है, ताकि एमएसएमई दो फीसदी ब्याज छूट के साथ एक करोड़ रुपए का इन्क्रीमेंटल कर्ज ले सकें।

दिशानिर्देश में बदलाव करने से एमएसएमई सेक्टर को गति मिलेगी

योजना में किए गए बदलाव के तहत इंटरनल या कनकरेंट ऑडिटर के प्रमाणपत्र के आधार पर और स्टैट्यूटरी ऑडिटर के प्रमाणपत्र जमा करने पर 30 जून तक एक बार दावे का निपटारा होगा। एक सरकारी बयान में कहा गया कि दिशानिर्देश में बदलाव करने से एमएसएमई सेक्टर को गति मिलेगी। एमएसएमई के लिए ब्याज छूट योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2018 में शुरू की थी।

योजना में ये बदलाव हुए

संशोधित योजना में जीएसटी के योग्य इकाइयों को उद्योग आधार नंबर (यूएएन) की जरूरत से मुक्त कर दिया गया है। साथ ही कारोबारी साल 2018-19 की दूसरी छमाही के लिए दावा जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2019 कर दिया गया है। ताजा बदलाव के तहत उद्योग आधार नंबर के बिना की जा रही कारोबारी गतिविधयां भी येाजना के दायरे में आएंगी।

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