एमएसएमई /अमेजन-अलीबाबा की तरह बनेगा भारतक्राफ्ट पोर्टलः गडकरी

  • भारतक्राफ्ट पोर्टल पर छोटे उद्यमी बेच सकेंगे अपना सामान
  • दो-तीन साल में 10 लाख करोड़ का कारोबार होने का अनुमान

 

Moneybhaskar.com

Aug 22,2019 05:40:43 PM IST

नई दिल्ली। एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी छोटे उद्यमियों को बड़ी सुविधा देने जा रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को बताया कि सरकार एमएसएमई के लिए भारतक्राफ्ट नामक पोर्टल लांच करने की योजना बना रही है। यह पोर्टल अमेजन एवं अलीबाबा के टक्कर का होगा। गडकरी का कहना है कि इस पोर्टल से अगले 2-3 साल में 10 लाख तक कारोबार होने लगेगा। भारतक्राफ्ट पोर्टल पर छोटे उद्यमी अपनी वस्तुओं की मार्केटिंग करने के साथ यहां से अपने उत्पाद को भी बेच पाएंगे। एमएसएमई के लिए सबसे बड़ी समस्या उनके उत्पाद की मार्केटिंग की है।

अगले पांच साल में 5 करोड़ नए रोजगार पैदा कर सकता है एमएसएमई

एजेंसी की खबरों के मुताबिक गुरुवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि सरकार एमएसएमई को प्रोत्साहित करना चाहती है। देश के मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में एमएसएमई का योगदान 29 फीसदी का है तो भारतीय वस्तुओं के निर्यात में उनका योगदान 40 फीसदी का है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई अगले पांच साल में 5 करोड़ नए रोजगार सृजन करने की क्षमता रखता है। अगले पांच साल में सरकार मैन्यूफैक्चरिंग में एमएसएमई के योगदान को 50 फीसदी तक ले जाना चाहती है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई को भुगतान मिलने में हमेशा देरी होती है और यह उनके लिए बड़ी समस्या है। क्योंकि सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से सामान की खरीदारी के बदले मिलने वाले भुगतान में देरी होगी। मंत्री ने बताया कि भुगतान में होने वाली देरी के समाधान के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है और अगले कुछ दिनों में कमेटी की रिपोर्ट आ जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार बिलिंग के 45 दिनों के भीतर एमएसएमई को भुगतान दिलाने की व्यवस्था करना चाहती है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

देश के 6 करोड़ एमएसएमई को इस प्लेटफॉर्म का लाभ

गडकरी ने बताया कि सरकार एमएसएमई को निर्यात से लेकर देश की अर्थव्यवस्था में अपने योगदान को बढ़ाने की दिशा में हर संभव प्रोत्साहन देगी। उन्होंने कहा कि एमएसएमई को मुख्यधारा में लाने की जरूरत है ताकि फंड इकट्ठा करने के लिए वे एनएसई का फायदा उठा सके। गडकरी ने बताया कि अभी देश में लगभग 6 करोड़ एमएसएमई और इनमें से सिर्फ 200 ही एनएसई जैसे प्लेटफार्म पर सूचीबद्ध हैं। सरकार चाहती है कि ये कंपनियां आगे आएं और ऐसे प्लेटफार्म का लाभ उठाएं। इससे पूरे सेक्टर को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से विकास का नया दरवाजा खुलेगा। हाल ही में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ एमएसएमई की अहम बैठक हुई थी जिसमें एमएसएमई को बैंकों से मिलने वाले कर्ज की समीक्षा की गई थी। बैठक में इस बात को उठाया गया था कि बैंक एमएसएमई को 59 मिनट में लोन की मंजूरी तो दे देतेे हैं, लेकिन उसके भुगतान में काफी विलंब हो जाता है। वित्त मंत्री ने बैंकों से पूछा है कि ऐसा क्यों हो रहा है।

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