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Success Story / दसवीं पास करने के बाद कर रहे थे दिहाड़ी मजदूरी, दोस्त ने सरकारी योजना के बारे में बताया तो कमाने लगे 50 हजार रुपए प्रतिमाह

सरकार से 20 लाख रुपए का कर्ज लेकर स्थापित किया खुद का बिजनेस, महज एक साल में ही मुनाफा भी होने लगा

After passing the tenth pass the day wage, the friend told about the government scheme, earning Rs 50 thousand per month

नई दिल्ली. मन में यदि कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो रास्ते भी अपने आप बनते जाते हैं। संसाधन न भी हो तो मजबूत इच्छाशक्ति से हासिल किए जा सकते हैं। यह बात मध्य प्रदेश के रीवा के नंदलाल सिंह की कहानी से मेल खाती है। महज दसवीं पास नंदलाल सिंह दो साल पहले तक दिहाड़ी मजदूरी करते थे। फिर वे एक फेब्रिकेशन वर्कशॉप में काम करने लगे। यहीं उनके एक दोस्त ने सरकारी स्कीम के बारे में बताया। नंदलाल ने बैंकों की ठोकरें खाई और सरकारी दफ्तरों में बाबूओं की लानत मलामत भी सही। लेकिन नंदलाल के हौंसले और मेहनत की बदौलत आखिरकार कामयाबी हासिल हुई। अब वे हर महीने 50 हजार रुपए कमाते हैं। वह भी खुद के दम पर खड़े हुए बिजनेस से। मनी भास्कर आपको बता रहा है नंदलाल की कामयाबी की कहानी। 

उद्यमी बनने की थी इच्छा 

नंदलाल बताते हैं कि पढ़ाई न कर पाने के मलाल के बीच हमेशा यह इच्छा होती थी कि खुद का बिजनेस कैसे किया जाए? इसी बीच दोस्त से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) की जानकारी मिली। सरकारी दफ्तरों के अनगिनत चक्कर काटे।  कई बार प्रोजेक्ट नामंजूर हुआ लेकिन आखिरकार अफसरों को उन्हें लोन देने के लिए राजी होना पड़ा। नंदलाल ने पीएमईजीपी के अंतर्गत जिला उद्योग केन्द्र में आवेदन किया। लंबे वक्त के बाद केंद्र ने स्टील फैब्रिकेशन इकाई के लिए 20 लाख रुपए के कर्ज की मंजूरी दी। इस दौरान योजना के तहत  यूबी आरएसईटीआई, रीवा में ईडीपी की ट्रेनिंग ली। इसके बाद नंदलाल ने माँ दुर्गा आयरन और स्टील फैब्रिकेशन के नाम से अपनी इकाई स्थापित की। अब उनके यहां दस लोगों को भी रोजगार मिला हुआ है। महज एक साल के बाद ही वे 50 हजार रुपए प्रतिमाह कमाने लगे हैं। 

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ऐसी है स्कीम 

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) केंद्र सरकार की स्व रोजगार योजना है। PMEGP के तहत उद्योग लगाने पर 25 लाख और सेवा क्षेत्र में निवेश करने पर 10 लाख रुपये कर्ज मिलता है। अगर आप भी PMEGP के तहत लोन लेते हैं और आप सामान्य जाति के आवेदक हैं तो आपको लोन की रकम पर 15% सब्सिडी और आरक्षित जाति के आवेदकों को 25% तक सब्सिडी मिलती है। अगर आप ग्रामीण इलाके में उद्योग लगाते हैं तो सब्सिडी की यह रकम बढ़कर 25 और 35 फीसदी हो जाती है।

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क्या है PMEGP का उद्देश्य? 

केंद्र सरकार इस योजना के माध्यम से युवाओं में स्व रोजगार को बढ़ावा देना चाहती है। उसका उद्देश्य यह है कि लोग ग्रामीण, कस्बाई या शहरी इलाके में छोटे-छोटे कारोबार शुरू कर एक तरफ जहां अपने जीवनयापन के लिए साधन बना सकते हैं वहीं इसमें काम पर दो-चार लोगों को लगाकर उनकी जीविका का साधन भी बना सकते हैं।

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किसे मिल सकता है लोन? 

 

  • 18 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति
  • कम से कम 8वीं कक्षा पास हो.
  • PMEGP के तहत शुरू नए प्रोजेक्ट पर ही स्कीम का मिलेगा लाभ
  • सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG), जिन्हें किसी अन्य योजना में मदद नहीं मिल रही हो.
  • सोसाइटी एक्ट 1860 के तहत पंजीकृत सोसाइटी
  • सहकारी संस्थान और धर्मार्थ संस्था

 

आप भी कर सकते हैं आवेदन


शहरी इलाके में PMEGP के लिए नोडल एजेंसी जिला उद्योग केंद्र (DIC) है, जबकि ग्रामीण इलाके में इसके लिए खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIC) से संपर्क किया जा सकता है। वैसे आप इसकी वेबसाइट पर https://www.kviconline.gov.in/pmegpeportal/jsp/pmegponline.jsp पर भी आवेदन कर सकते हैं। 

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PMEGP के तहत किस तरह के उद्योग लग सकते हैं? 

 

  • खनिज आधारित उद्योग 
  • वनाधारित उद्योग कृषि आधारित और खाद्य उद्योग
  •  रसायन आधारित उद्योग 
  • इंजीनियरिग और गैर पराम्परागत ऊर्जा 
  • वस्त्र उद्योग (खादी को छोड़कर) 
  • सेवा उद्योग

 

 PMEGP का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज 


आपको पीएमईजीपी ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन भरना है। फोटो आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण, शिक्षा प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, आदि की छायाप्रति भी अपलोड करनी होगी। इसके बाद आवेदन पत्र व सभी संबंधित प्रपत्रों की हार्ड कॉपी विभाग में जमा करनी है।

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