ब्रांडेड दूध भी मिलावटी : घर पर इन तरीकों से पहचानें दूध असली है या नकली

नॉर्मल ही नहीं बल्कि ब्रांडेड दूध भी मिलावटी आ रहा है। दिल्ली में जांच के लिए 165 नमूने उठाए गए थे, इनमें से 21 गुणवत्ता के मानकों पर फेल हो गए। हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें अमूल और मदर डेयरी के दूध के नमूने भी शामिल थे जो मानकों पर खरे नहीं उतरे। हम बता रहे हैं कि आप कैसे यह पता कर सकते हैं कि आपके घर में जो दूध आ रहा है, वो असली है या नकली। फूड इंस्पेक्टर (इंदौर) मनीष स्वामी का कहना है कि कुछ ऐसे तरीके हैं, जिनसे हम यह पता कर सकते हैं। हालांकि अब अधिकतर शहरों में लैब भी शुरू हो चुकी हैं, सालभर में एक बार घर में आ रहे दूधे को लैब में भी चेक करवाना चाहिए।

dainikbhaskar.com

May 05,2018 12:44:00 PM IST

न्यूज डेस्क। नॉर्मल ही नहीं बल्कि ब्रांडेड दूध भी मिलावटी आ रहा है। दिल्ली में जांच के लिए 165 नमूने उठाए गए थे, इनमें से 21 गुणवत्ता के मानकों पर फेल हो गए। हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें अमूल और मदर डेयरी के दूध के नमूने भी शामिल थे जो मानकों पर खरे नहीं उतरे। हम बता रहे हैं कि आप कैसे यह पता कर सकते हैं कि आपके घर में जो दूध आ रहा है, वो असली है या नकली। फूड इंस्पेक्टर (इंदौर) मनीष स्वामी का कहना है कि कुछ ऐसे तरीके हैं, जिनसे हम यह पता कर सकते हैं। हालांकि अब अधिकतर शहरों में लैब भी शुरू हो चुकी हैं, सालभर में एक बार घर में आ रहे दूधे को लैब में भी चेक करवाना चाहिए।

इन तरीकों से तैयार होता है नकली दूध...


1. दूध में खराब पानी मिलाकर।
2. दूध में यूरिया जैसे नुकसानदेह केमिकल मिलाकर।
3. सिंथेटिक और दूसरी चीजों से केमिकल दूध तैयार करना।

घर में कैसे चेक कर सकते, देखिए अगली स्लाइड में...

घर में कैसे चेक कर सकते

 

- असली दूध को हाथों के बीच रगड़ने पर कोई चिकनाहट महसूस नहीं होती। वहीं, नकली दूध को अगर आप अपने हाथों के बीच रगड़ेंगे तो आपको डिटर्जेंट जैसी चिकनाहट महसूस होगी।

 

- असली दूध में नॉर्मल झाग बनता है जबकि नकली दूध में एक्स्ट्राऑर्डनरी झाग होता है। 


- किसी चिकनी सतह पर दूध की एक बूंद ड्रॉप करोगे तो दूध आगे बढ़ जाएगा। उसमें पानी या कुछ और मिला है तो वो वहीं रह जाएगा। 

 

- दूध में स्मैल करके भी आप जान सकते हैं कि कुछ मिला है या नहीं। हालांकि मिलावटी दूध में कई बार फ्लेवर डालकर चाय, कॉफी दी जाती है। जिससे मिलावट समझ में नहीं आती।

 

- असली दूध स्टोर करने पर अपना रंग नहीं बदलता, नकली दूध कुछ वक्त के बाद ही पीला पड़ने लगता है

 

कैसे बनाया जाता है सिंथेटिक दूध


- सिंथेटिक दूध बनाने के लिए सबसे पहले उसमें यूरिया डालकर उसे हल्की आंच पर उबाला जाता है।


- इसके बाद इसमें कपड़े धोने वाला डिटर्जेंट, सोडा स्टार्च, फॉरेमैलिन और वाशिंग पाउडर मिलाया जाता है।


- इसके बाद इसमें थोड़ा असली दूध भी मिला दिया जाता है।

 

कितनी कार्रवाई हो सकती, देखिए अगली स्लाइड में...

कितनी कार्रवाई हो सकती

 

 

- दूध की गुणवत्ता खराब होने पर दोषी पर 5 हजार से 5 लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। 


- दूध में कोई ऐसी वस्तु मिली हो जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तो ऐसे में दोषी को 6 माह से लेकर 3 साल तक की सजा हो सकती है।

 

- कोई जानलेवा वस्तु मिली है तो आजीवन कारावास भी हो सकता है। 

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