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चीन का प्रोडक्ट यूज करने पर इन्हें होगी जेल, सरकार का सख्त कदम

अब सरकार ऐसा कुछ करने जा रही है, जिससे चीन का सामान इस्‍तेमाल करने वालों को जेल तक जाना पड़े

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नई दिल्‍ली । भारत में चीन के सामान के बढ़ते दबदबे से भारतीय इंडस्‍ट्री परेशान है, वहीं भारत सरकार के लिए भी चिंता का विषय बनता जा रहा है। यही वजह है कि मोदी सरकार चीन से आने वाले सामान को रोकने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। अब सरकार ऐसा कुछ करने जा रही है, जिससे चीन का सामान इस्‍तेमाल करने वालों को जेल तक जाना पड़े। सरकार ने इस आशय के आदेश भी जारी कर दिए हैं।


 

कौन से हैं प्रोडक्‍ट

दरअसल, मोदी सरकार द्वारा देश में 1 लाख मेगावाट सोलर पावर जनरेट करने का लक्ष्‍य रखा है, लेकिन भारत में इतनी तादात में सोलर सेल व मॉड्यूल नहीं बनते। इसका चीन ने दो तरह से फायदा उठाया। चीन ने भारत में सोलर सेल व मॉड्यूल भेजना शुरू कर दिया और इनके दाम इतने सस्‍ते कर दिए कि भारत में बनने वाले सोलर सेल व मॉड्यूल उनका मुकाबला तक न कर सकें। यही वजह है कि भारत में लगभग 80 फीसदी चीन के सोलर पैनल का इस्‍तेमाल हो रहा है।

 

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कैसे रोकेगी सरकार

 

सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है, जो भारत में बने सोलर पैनल की जगह चीन या किसी अन्‍य देश से इंपोर्ट किए गए सोलर पैनल का इस्‍तेमाल करेंगे, उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत मामला दर्ज करके उन्‍हें जेल भेज दिया जाएगा।

 

 

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कौन कर रहा है इस्‍तेमाल


दरअसल, साल 2013 में सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने वाली डोमेस्टिक इंडस्‍ट्री को प्रमोट करने के लिए सरकार ने वर्ल्‍ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (डब्‍ल्‍यूटीओ) के नियमों के मुताबिक डोमेस्टिक कंटेंट रिक्‍वायरमेंट (डीसीआर) की पॉलिसी बनाई थी। इसके मुताबिक, जो सोलर पावर प्रोजेक्‍ट डीसीआर कैटेगिरी के तहत बनाया जाएगा, उसमें डोमेस्टिक सोलर सेल व मॉड्यूल इस्‍तेमाल होंगे। लेकिन सरकार को शिकायत मिली कि डीसीआर कैटेगिरी के तहत बन रहे सोलर पावर प्रोजेक्‍ट्स में इस पॉलिसी का गलत फायदा उठाते हुए डेवलपर्स डोमेस्टिक कंटेंट का तो डिक्‍लरेशन दे रहे हैं, लेकिन इस्‍तेमाल इंपोर्टेड यानी चाइना के सोलर सेल व मॉड्यूल किए जा रहे हैं। 

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ये होगी कार्रवाई 

ये होगी कार्रवाई 
इस शिकायत के बाद एमएनआरई की ओर से जारी ओएम में कहा गया है कि पॉलिसी के मिसयूज की शिकायत सही पाई जाती है कि जिन प्रोजेक्‍ट्स में डोमेस्टिक कंटेंट का इस्‍तेमाल जरूरी हो, वहां इंपोर्टेड कंटेंट का इस्‍तेमाल किया जा रहा है तो उस प्रोजेक्‍ट के डेवलपर्स के 5 तरह के एक्‍शन लिए जा सकते हैं। 
1. भारतीय दंड संहिता की धारा 420 व अन्‍य के तहत क्रिमिनल केस दर्ज करना। 
2. डेवलपर को 10 साल के लिए ब्‍लैक लिस्‍ट करना 
3. बैंक गारंटी को जब्‍त करना 
4. संबंधित सरकारी कंपनी या राज्‍य सरकार के खिलाफ अनुशासनात्‍मक कार्रवाई करना 
5. इन सबके अलावा भी कोई और कार्रवाई करना

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