फोन को हैंग करता है यूज में नहीं आने वाला डाटा, 6 जगहों पर होता है सेव

हर स्मार्टफोन यूजर्स को लो मेमोरी की प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है। खासकर, जिन हैंडसेट में माइक्रो SD कार्ड नहीं होता उनकी इंटरनल मेमोरी तेजी से भरती है। स्पेस कम होने से यूजर्स वीडियो नहीं बना सकता।

Dainikbhaskar.com

May 06,2018 06:27:00 PM IST

गैजेट डेस्क। हर स्मार्टफोन यूजर्स को लो मेमोरी की प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है। खासकर, जिन हैंडसेट में माइक्रो SD कार्ड नहीं होता उनकी इंटरनल मेमोरी तेजी से भरती है। स्पेस कम होने से यूजर्स वीडियो नहीं बना सकता। यहां तक कि नए ऐप्स भी इन्स्टॉल नहीं किए जा सकते। हालांकि, यूजर चाहे तो लो मेमोरी की इस प्रॉब्लम को सॉल्व कर सकता है।

# क्लियर कैश और डाटा

Settings > Storage > Apps
इस सेंटिंग को फॉलो करके ऐप्स में जाएं। यहां पर ऐप्स को ओपन करके Storage पर जाएं। आपको दो ऑप्शन Clear Data और Clear Cache दिखाई देंगे। आप दोनों को Clear कर लें।

Settings > Storage > Internal Storage > Cached data
इस सेटिंग से यूजर फोन की इंटरनल मेमोरी के Cache डाटा का क्लियर कर सकता है। फोन में धीरे-धीरे 100MB या उससे भी ज्यादा का Cache डाटा आ जाता है।

आगे की स्लाइड्स पर जानिए इंटरनल मेमोरी में स्पेस करने की अन्य प्रॉसेस....

# ऐप्स microSD कार्ड में मूव

 

कई यूजर्स ये नहीं जानते कि वे जब भी कोई ऐप्स प्ले स्टोर से इन्स्टॉल करते हैं तो वो फोन की इंटरनल मेमोरी में सेव होता है। इन ऐप्स को फोन की इंटरनल मेमोरी से microSD कार्ड में मूव किया जा सकता है। इसके लिए यूजर को Settings > Storage > Apps में जाना होता है। यदि ऐप्स में 'Move to card' का ऑप्शन आता है तब उसे इंटरनल मेमोरी से मूव किया जा सकता है। हालांकि, कई ऐप्स फोन की रजिस्ट्री से जुड़े होते हैं, ऐसे में इन्हें मूव नहीं किया जा सकता।

 

 

# गूगल फोटोज का यूज

 

यूजर के फोन में माइक्रो SD कार्ड का ऑप्शन नहीं है और इंटरनल मेमोरी फोटो और वीडियो से फुल हो चुकी है। तो इसके लिए वो Google Photos का यूज कर सकता है। गूगल यूजर को 15GB का फ्री क्लाउड स्पेस देती है। यहां पर यूजर 16 मेगापिक्सल साइज वाले फोटोग्राफ के साथ फुल HD वीडियो भी सेव कर सकता है। यूजर Google Photos में जाकर ऑटोमैटिक बैकअप ऑन कर सकता है। बाद में यहां से बैकअप भी लिया जा सकता है। यूजर यहां सेव डाटा को डिलीट भी कर सकता है।

 

 

# लाइट ऐप्स का यूज

 

Facebook, Messenger, YouTube समेत कई ऐसे ऐप्स हैं जो फोन की इंटरनल मेमोरी में इन्स्टॉल होते हैं। इन ऐप्स में कई अपडेट भी आते रहते हैं। ये अपडेट ऐप्स के साइज को कई गुना तक बढ़ा देते हैं। हालांकि, इन सभी ऐप्स के प्ले स्टोर पर Lite वर्जन भी मौजूद हैं। लाइट वर्जन फोन की इंटरनल मेमोरी में कम स्पेस लेते हैं। साथ ही, फोन की स्पीड भी स्लो नहीं होती।

 

 

# क्लाउड स्टोरेज का यूज

 

यूजर फोन की इंटरनल मेमोरी का सारा डाटा क्लाउड स्टोरेज देने वाले ऐप्स जैसे Dropbox, OneDrive और Google Drive पर शिफ्ट कर सकता है। ये क्लाउड ऐप्स फ्री और पूरी तरह सिक्योर हैं। यहां पर यूजर अपने डाटा को लाइफटाइम के लिए स्टोर कर सकता है। डाटा को यहां से रिकवर भी कर सकते हैं। यहां पर डॉक्युमेंट्स को अलग फोल्डर बनाकर अरेंज कर सकता है।

 

 

# पुराना डाटा डिलीट करना

 

आपके फोन में डाउनलोड की डिफॉल्ट सेटिंग में इंटरनल मेमोरी सिलेक्ट होती है। यानी यूजर छोटी-बड़ी जो भी फाइल डाउनलोड करता है वो इंटरनल मेमोरी में सेव होती है। कई यूजर डाटा डाउनलोड करके उसे डिलीट करना भूल जाते हैं। ऐसे में जो पुराना डाटा काम का नहीं है उसे तुरंत डिलीट करें। साथ ही, फोन में कई ब्राउजर हैं तो उनका डाटा अलग फोल्डर में सेव होता है। वहां जाकर भी डाटा डिलीट करें।

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