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2.5 लाख में लगाएं सोलर चरखा, हर महीने 1 लाख रुपए तक कमाई

भारत में सोलर से जुड़े बिजनेस का स्‍कोप बढ़ रहा है। ऐसा ही एक बिजनेस सोलर चरखे से शुरू किया जा सकता है।

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नई दिल्‍ली। देश में सोलर से जुड़े बिजनेस का स्‍कोप लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते सोलर से जुड़े नए नए बिजनेस मॉडल सामने आ रह हैं। इसमें से कुछ बिजनेस ऐसे भी हैं, जिन्‍हें सरकार खुद प्रमोट कर रही है। इन बिजनेस में लोन के साथ ही अन्‍य जरूरी मदद भी मुहैया कराई जा रही है। ऐसा ही एक बिजनेस सोलर चरखे का है। सोलर चरखे से आप कताई, बुनाई की यूनिट शुरू सकते हैं। सरकार अलग-अलग योजनाओं के तहत इसके‍ लिए लोन भी देती है और मदद भी। इस बिजनेस में खर्च कम है और कमाई ज्‍यादा। इसलिए आज हम आपको इस बिजनेस के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं।
 
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कितना करना होगा इन्‍वेस्‍टमेंट
 
-    प्राइम मिनिस्‍टर इम्‍पलायमेंट जनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) के तहत इस बिजनेस को लोन दिया जाता है।
-     इसके लिए सरकार ने एक मॉडल प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट तैयार की है।
-     इसके मुताबिक इस प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट 24 लाख 87 हजार रुपए है।
-     इसमें से केवल 10 फीसदी यानी 2 लाख 48 हजार रुपए आपको लगाना होगा।
-     बाकी का 90 फीसदी टर्म लोन यानी लगभग 22 लाख 39 हजार रुपए PMEGP के तहत मिल जाएगा।
 
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25 फीसदी मिलेगी सब्सिडी
 
-     PMEGP के तहत सेल्‍फ इम्‍पलायमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से 25 फीसदी तक सब्सिडी दी जाती है।
-     ऐसे में, सोलर चरखे से कताई, बुनाई एवं प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर 6 लाख 22 हजार रुपए की सब्सिडी मिलती है।
 
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नहीं देना पड़ेगा ब्‍याज
 
-    PMEGP की सबसे अच्‍छी बात यह है कि इस योजना के तहत आवेदकों को ब्‍याज नहीं देना पड़ता।
-    हालांकि इस योजना के तहत 13 फीसदी ब्‍याज दर का प्रावधान है।
-    5 साल के भीतर पैसा लौटाना होता है, लेकिन इस ब्‍याज राशि को सब्सिडी के साथ एडजस्‍ट कर दिया जाता है।
-    इसके चलते आपको कुल लोन राशि ही लौटाना पड़ती है।
 
 
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ऐसे शुरू करें बिजनेस
 
-     इस प्रोजेक्‍ट का नाम ‘सोलर चरखा क्‍लॉथ’ प्रोडक्‍शन है।
-     मॉडल प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोजेक्‍ट के लिए सोलर पावर से चलने वाले 25 चरखे और 10 लूम्‍स लगाई जाएंगी।
-     सोलर चरखा के लिए खादी कमीशन की ओर से रॉ-मैटीरियल सिलवर/रोविंग की सप्‍लाई की जाती है।
-     हालांकि आवेदक बाहर से भी रॉ-मैटीरियल खरीद सकता है। इसके बाद यार्न का प्रोडक्‍शन शुरू किया जा सकता है।
 
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जानें, क्‍या है मार्केट पोटेन्शल
-    इन सोलर चरखे से बनने वाले यार्न को केंद्र सरकार के कई विभागों में सप्‍लाई किया जाता है।
-     इसके लिए खादी कमीशन द्वारा भी सपोर्ट किया जाता है।
-     इस यार्न से बने टॉवेल, बेड शीट, तकिये के कवर, डस्‍टर क्‍लॉथ रेलवे सहित कई विभागों में मंगाए जाते हैं।
-     इसके अलावा मार्केट में भी इसकी डिमांड बढ़ती जा रही है। इतना ही नहीं, चूंकि आपके पास 25 चरखे हैं तो आप किसी रेडीमेड गारमेंट कंपनी से भी ऑर्डर ले सकते हैं।
 
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1 लाख रुपए महीने से ज्‍यादा हो सकती है कमाई
-     सरकार की प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट प्रोफाइल के मुताबिक यदि यूनिट पूरी कैपेसिटी से प्रोडक्‍शन करती है तो सालाना कम से कम 80 लाख रुपए की सेल्‍स हो सकती है।
-     जबकि 25 स्पिनर, 10 वीवर, पांच टेलर, 1 ओवरलॉक ऑपरेटर, 1 मास्‍टर कटर को साल का 32 लाख 56 हजार रुपए वेतन के रूप में देने होंगे।
-     वहीं लगभग 14 लाख रुपए रॉ मैटीरियल (कच्‍चे माल) पर खर्च होगा।
-     इसके अलावा अन्‍य खर्चों को मिलाकर आपका नेट प्रॉफिट 12 लाख 10 हजार रुपए होगा, जो हर साल बढ़ता जाएगा।
-     यानी कि आप 1 लाख रुपए महीना से अधिक कमाई कर सकते हैं। 
 
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