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सिर्फ 2 लाख रुपए में शुरू करें अपना मेडिकल स्टोर, सरकार करेगी आपकी मदद

केंद्र सरकार ने जन औषधि योजना के तहत देश भर में जेनरिक दवाओं के तीन हजार से ज्‍यादा स्‍टोर खोलने की योजना बनाई है।

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नई दिल्‍ली. अब आप भी सिर्फ 2 लाख रुपए में मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं, वो भी सरकारी। इसके लिए केंद्र सरकार आपकी मदद करेगी। दरअसल, केंद्र सरकार ने जन औषधि योजना के तहत देश भर में जेनरिक दवाओं के तीन हजार से ज्‍यादा स्‍टोर खोलने की योजना बनाई है। जिनके जरिए कई गुना सस्‍ती नॉन ब्रांडेड दवाओं की बिक्री को बढ़़ावा दिया जाएगा। योजना के तहत सरकार जनऔषधि स्‍टोर को जेनरिक दवाओं की आपूर्ति सरकार करती है, जिनकी बिक्री पर 16 फीसदी कमीशन दिया जाता है। इसके अलावा स्‍टोर शुरू करने के लिए सरकार ढाई लाख रुपए तक की वित्‍तीय सहायता या हर महीने दस हजार रुपए ये तक की प्रोत्‍साहन राशि भी देती है। शुरुआत में यह योजना सिर्फ सरकार की चुनिंदा संस्‍थाओं तक सीमित थी, लेकिन अब फार्मासिस्‍ट और डॉक्‍टर भी जन औषधि स्‍टोर खोल सकते हैं। 
 
खुल चुके हैं 157 जनऔषधि स्टोर
 
यूपीए सरकार के समय शुरू हुई यह योजना जेनरिक दवाओं की पर्याप्‍त आपूर्ति न होने जैसे कई खामियों के चलते जोर नहीं पकड़ पाई थी। लेकिन अब केंद्र सरकार जेनरिक दवाओं की संख्‍या बढ़ाने और निगरानी बढ़ाकर इस योजना को कामयाब बनाने में जुटी है फिलहाल देश में 157 जन औ‍षधि स्‍टोर खुल चुके हैं, जिनकी संख्‍या अगले तीन साल में तीन हजार तक पहुंचाने का लक्ष्‍य रखा गया है। 
 
सिर्फ दो से ढाई लाख रुपए के निवेश की जरूरत
 
जन औषधि स्‍टोर शुरू करने के लिए दुकान की जगह के अलावा सिर्फ दो-ढाई लाख रुपए के निवेश की जरूरत पड़ती है। स्‍टोर के चयन के बाद जेनरिक दवाओं का स्‍टॉक सरकार की ओर से मुहैया कराया जाता है। स्‍टोर में इंटीरियर के अलावा एक कम्‍प्‍यूटर, बिल प्रिंटर, इंटरनेट कनेक्‍शन और रेफ्रिजरेटर के लिए भी निवेश करना पड़ता है।
 
ढाई लाख तक की मदद देती है सरकार
 
केंद्र सरकार जन औषधि स्‍टोर खोलने के लिए राज्‍य सरकार की ओर से चुनी संस्‍थाओं को ढाई लाख रुपए तक की वित्‍तीय सहायता देती है। इनके अलावा जो व्‍यक्ति या संसथाएं खुद स्‍टोर शुरू करना चाहते हैं, उन्‍हें दवाओं की कुल बिक्री में से 10 फीसदी हिस्‍सा या अधिकतम 10 हजार रुपए प्रोत्‍साहन के तौर पर मिलता है। दोनों प्रकार के स्‍टोर में दवाओं की बिक्री पर 16 फीसदी कमीशन मिलता है। 
 
आगे की स्लाइड में जानें कितनी जगह की होगी जरूरत और कहां करें आवेदन-
 
नोट- तस्वीरों का प्रयोग सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
 
जन औषधि स्‍टोर के लिए कितनी जगह चाहिए
 
राज्‍य सरकार की मदद से अस्‍पताल परिसर में खुलने वाले स्‍टोर के लिए कम से कम 120 वर्गफीट जगह होनी चाहिए। एनजीओ या फार्मासिस्‍ट के पास भी स्‍टोर के लिए 120 वर्ग फीट खुद या किराए की जगह होनी जरूरी है।
 
कहां करें आवेदन
 
जन औषधि योजना को लागू करने की जिम्‍मेदारी डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्‍युटिकल्‍स ने ब्‍यूरो ऑफ फार्मा पब्लिक सेक्‍टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया (बीपीपीआई) को सौंपी है। योजना की पूरी गाइडलाइन और जन औषधि स्‍टोर खोलने के लिए आवेदन पत्र वेबसाइट http://janaushadhi.gov.in/data/GuidlinesJAS.pdf  से डाउनलोड कर इस पते पर भरकर भेज सकते हैं-
 
General Manager (A&F),
Bureau of Pharma Public Sector Undertakings of India (BPPI),
IDPL Corporate Office, IDPL Complex, Old Delhi Gurgaon Road,
Dundahera, Gurgaon – 122016 (Haryana)
 
आवेदन के साथ BPPI के पक्ष में 2000 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट (नॉन रिफंडेबल) भी भेजना होता है। 
 
आगे की स्लाइड में जानें कौन खोल सकता है जनऔषधि स्‍टोर-

 
 
कौन खोल सकता है जनऔषधि स्‍टोर
 
कोई भी स्‍वंयसेवी संस्‍था (एनजीओ), सहकारी या चेरिटेबल संगठन, ट्रस्‍ट, सेल्प हेल्‍प ग्रुप या कोई भी व्‍यक्ति जनऔ‍षधि स्‍टोर खोल सकता है। इसमें फार्मासिस्‍ट, डॉक्‍टर या रजिस्‍टर्ड मेडिकल प्रैक्टिसनर को प्राथमिकता दी जाती है। लेकिन दोनों तरह के स्‍टोर खोलने के लिए कम्‍प्‍यूटर की जानकारी वाले एक रजिस्‍टर्ड फार्मासिस्‍ट को साथ लेना जरूरी है। आवेदन करने वाले व्‍यक्ति या संस्‍था के पास दवा की खुदरा बिक्री का लाइसेंस होना चाहिए।
 
मुख्‍यत: दो तरह के जन औषधि स्‍टोर होते हैं। पहले, जो अस्‍पतालों के परिसर में खोले जाते हैं। इस तरह के स्‍टोर के लिए राज्‍य सरकारें संस्‍थाओं का चयन कर उन्‍हें अपने अस्‍पतालों में जगह मुहैया कराती हैं। इसके अलावा कोई व्‍यक्ति या संस्‍था कहीं भी जन औषधि स्‍टोर खोल सकते हैं। इस तरह के एनजीओ, ट्रस्‍ट या सेल्‍प हेल्‍प ग्रुप के पास समाज सेवा का कम से कम तीन साल का अनुभव होना जरूरी है।
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