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1 से 5 लाख रुपये में शुरू करें LED लाइट्स का बिजनेस, मिल रहा लोन

मोदी सरकार ने देश में LED लाइट्स को बढ़ावा देने के लिए एक योजना की शुरुआत की है। इससे LED लाइट्स के बिजनेस में संभावनाएं बढ़ गई हैं।

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नई दिल्‍ली। मोदी सरकार ने देश में LED लाइट्स को बढ़ावा देने के लिए पिछले साल DELP योजना की शुरुआत की थी। इसका नाम बदलकर उजाला कर दिया गया है। अब तक यह योजना काफी सफल रही है। इससे LED लाइट्स के बिजनेस में संभावनाएं बढ़ गई हैं। यह बिजनेस शुरू करना न केवल आसान है, बल्कि सस्‍ता भी है। आज हम LED बिजनेस शुरू करने के बारे में जानकारी दे रहे हैं। 
 
 
कम पूंजी में शुरू करें ट्रेडिंग 
 
LED लाइट्स की ट्रेडिंग शुरू करना भी एक मुनाफे का सौदा है। इसके लिए आपको एक मार्केट में दुकान किराए पर लेनी होगी। जरूरी फर्निशिंग के बाद यहां LED लाइट्स की सेल शुरू कर सकते हैं। आप किसी होल सेल मार्केट से लाइट्स मंगवा सकते हैं या किसी सप्‍लायर से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए आपको  1 से 2 लाख रुपए के इंवेस्‍टमेंट की जरूरत पड़ेगी। 
  
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सप्‍लायर बन कर शुरू करें बिजनेस 
 
आप LED सप्‍लायर के तौर पर अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। आप 2 से 3 लाख रुपए के इंवेस्‍टमेंट से इसकी शुरुआत कर सकते हैं। सबसे पहले आपको स्‍टोर के लिए जगह का इंतजाम करना होगा। आप होलसेल मार्केट में दुकान भी ले सकते हैं। इसके बाद आपको मैन्‍यूफैक्‍चरर्स या लाइट्स की असेंबंलिंग करने वाले कारोबारियों के अलावा सेलर्स से भी संपर्क करना होगा। एक निर्धारित संख्‍या में LED लैंप्‍स को स्‍टोर करके डिमांड के मुताबिक सेलर्स को सप्‍लाई करनी होगी। यह बिजनेस शुरू करने से पहले आपको एक मजबूत और सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन सर्विस की जरूरत पड़ेगी। 
 
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कैसे लगाएं असेंबलिंग यूनिट 
 
मार्केट में LED लाइट्स की डिमांड बढ़ती जा रही है। ऐसे समय में LED लाइट्स बनाने वाली असेंबलिंग यूनिट लगाई जा सकती है। एक छोटी यूनिट पर 5 से 7 लाख रुपए का खर्च आएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत सरकार के पास लोन भी अप्‍लाई किया जा सकता है। मशीनरी के तौर पर कंपोंनेट फॉर्मिंग, सोल्‍डरिंग मशीन, डिजिटल मल्‍टीमीटर, टेस्‍टर, सीलिंग मशीन, पैकेजिंग मशीन, एलसीआर मीटर, स्‍मॉल ड्रिलिंग, लक्‍स मीटर जैसी मशीनों की जरूरत पड़ेगी। रॉ मैटरीयल के रूप में LED चिप्‍स, रेक्‍टीफायर सर्किट, हीट सिंक डिवाइस,  मैटेलिक कैप होल्‍डर, प्‍लास्टिक बॉडी, रिफलेक्‍टर प्‍लास्टिक ग्‍लास, कनेक्टिंग वायर , सोल्‍डरिंग फ्लक्‍स मंगवाना होगा। इनको असेंबल करके एलईडी लाइट्स तैयार की जा सकती है। 
 
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कंपोनेंट बनाने का है मौका
 
एलईडी की डिमांड बढने के बाद देश में कई बड़ी लाइटिंग इंडस्‍ट्री ने LED लैंप की मैन्‍यूफैक्‍चरिंग शुरू कर दी है। ऐसे में छोटे कारोबारी लैंप के कंपोनेंट बनाने का कारोबार शुरू कर सकते हैं। छोटी वर्कशॉप लगाने पर शुरू में 5 लाख रुपए तक का खर्च आएगा। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र या एमएसएमई मंत्रालय से उद्योग आधार रजिस्‍ट्रेशन कराने के बाद लोन के लिए अप्‍लाई किया जा सकता है।
 
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यहां से लें ट्रेनिंग 
 
सरकार एलईडी बिजनेस की ट्रेनिंग भी दे रही है और बिजनेस के लिए लोन के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। मिनिस्‍ट्री ऑफ एमएसएमई और स्किल डेवलपमेंट मिनिस्‍ट्री की ओर से एलईडी बिजनेस की ट्रेनिंग दी जा रही है। स्किल डेवलपमेंट मिनिस्‍ट्री के संस्‍थान निसबड और एमएसएमई मिनिस्‍ट्री के संस्‍थान खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर से समय समय पर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं, जिनमें एलईडी बिजनेस के बारे में सारी जानकारी दी जाती है। 
 
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