Home » SME » OpportunitySolar panel prices fall up to Rs 30 per watt on competition among players

सोलर पैनलः कम्‍पटीशन बढ़ा, 30 रु. वाट तक गिरी कीमतें

देश में सोलर पैनल का एक बड़ा बाजार खड़ा हो गया है। डिमांड और कंप्टीशन के चलते पैनल के रेट भी गिरते जा रहे हैं।

1 of
 
नई दिल्‍ली। सोलर पावर के प्रति लोगों की जागरूकता ने सोलर पैनल का एक बड़ा बाजार खड़ा कर दिया है। बढ़ती डिमांड और कंप्टीशन के चलते सोलर पैनल के रेट भी गिरते जा रहे हैं। दो साल पहले तक सोलर पैनल के रेट 200 रुपए प्रति वाट थे, जो अब 30 से 60 रुपए तक पहुंच गए हैं। यही वजह है कि सोलर प्‍लांट की कीमत में भी काफी कमी आई है।
 
ऐसे कम हुए रेट
 
एक्‍सपर्ट बताते हैं कि तीन साल पहले तक भारत के बाजारों में सोलर पैनल की कीमत 200 रुपए प्रति वाट थी। पहले यूपीए सरकार द्वारा जवाहर लाल नेहरू सोलर मिशन की घोषणा की गई, उस समय कीमत में थोड़ी कमी आई, लेकिन केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद जिस तरह सोलर पावर को बढ़ावा दिया गया, उससे लगातार सोलर पैनल के दाम घट रहे हैं। इन दिनों रिटेल में सोलर पैनल की कीमत 30 से 60 रुपए प्रति वाट तक पहुंच गई है। लगभग दस साल से हरियाणा में सोलर पैनल का बिजनेस कर रहे बलदेव कुमार मानते हैं कि जिस गति से सोलर पैनल की डिमांड बढ़ रही है, उससे लगता है कि अभी ये रेट और भी गिर सकते हैं।
 
ऐसे बनता है पावर प्‍लांट
 
एक सोलर पावर प्‍लांट का मेन कंपोनेंट सोलर पैनल है। सोलर पैनल सोलर सेल को जोड़ कर बनाए जाते हैं। बाजार में 3 वाट से लेकर 500 वाट तक के पैनल उपलब्‍ध हैं। यदि कोई व्‍यक्ति अपने घर की छत पर 1 किलोवाट का सोलर प्‍लांट लगाना चाहता है तो एक जगह के हिसाब 200 वाट के 5 या 500 वाट के दो पैनल को असेंबल कर दिया जाता है। इन पैनल को सोलर पावर कंडीशनिंग यूनिट से जोड़ कर सोलर पावर को डीसी (डायरेक्‍ट करंट) से एसी (अल्‍टरनेटिंग करंट) में कंवर्ट किया जाता है और बेटरी में सेव कर दिया जाता है। इस पूरी यूनिट को सोलर पावर प्‍लांट कहा जाता है।
 
सस्‍ते पैनल की क्‍वालिटी पर संदेह
 
बाजार में दो तरह के सोलर पैनल उपलब्‍ध हैं। इसमें 30 से 60 रुपए प्रति वाट वाले पैनल की क्‍वालिटी अच्‍छी नहीं है। सोलर पैनल के एक कारोबारी ने बताया कि जो पैनल 30 रुपए प्रति वाट की दर से उपलब्‍ध हैं,  उनमें सिलिकॉन या तो नहीं होता या उसकी क्‍वालिटी बहुत खराब होती है। ऐसे में, ये पैनल अधिक समय तक नहीं चल पाते। खासकर सिलिकॉन न होने के कारण बारिश के दिनों में यह पैनल काम करना बंद कर देते हैं। 
 
अागे की स्‍लाइड में पढ़ें - क्‍वालिटी पर है सरकार की नजर 
 
 
 
क्‍वालिटी पर है सरकार की नजर
 
बाजार में खराब क्‍वालिटी के पैनल की सूचना केंद्र सरकार के पास भी है। यही वजह है कि केंद्रीय अक्षय ऊर्जा मंत्रालय ने सोलर पैनल विक्रेताओं को अधिकृत किया है। इन अधिकृत विक्रेताओं के पास उपलब्‍ध पैनल की जांच की जाती है। हालांकि इनकी कीमत 60 रुपए प्रति वाट से शुरू होकर 90 रुपए प्रति वाट तक है। जानकार मानते हैं कि ये पैनल 25 साल तक चलते हैं और इनसे पैदा होने वाली बिजली की क्‍वालिटी में भी गिरावट नहीं आती। वहीं, बाजार में डिमांड बढ़ने पर इन पैनल की कीमत में भी गिरावट आई है। यही पैनल पहले 150 से 200 रुपए प्रति वाट की दर से बिकते थे।
 
प्‍लांट की कीमत भी गिरी
 
बाजार में उपलब्‍ध सस्‍ते सोलर पैनल की वजह से सोलर प्‍लांट की कीमत में भी गिरावट आई है। जानकारों का कहना है कि मोदी सरकार के आने के पहले तक एक किलोवाट उत्‍पादन क्षमता के सोलर प्‍लांट की कीमत ढाई से 3 लाख रुपए थी। यानी कि सोलर प्‍लांट 250 से 300 रुपए प्रति वाट की दर से लगाया जाता था। जबकि इन दिनों 150 रुपए से 175 रुपए प्रति वाट की दर से लगाया जा रहा है। यह प्‍लांट विद बैटरी बैकअप लगाया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों यह कीमत और गिर सकती है।
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Don't Miss