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बाइक और स्कूटर की एजेंसी खोलने का मौका, होंडा बनाएगी 500 डीलर

जापान की टू व्हीलर कंपनी होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) प्राइवेट लिमिटेड आपको बिजनेस करने का मौका दे रही है

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नई दिल्ली. जापान की टू व्हीलर कंपनी होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) प्राइवेट लिमिटेड आपको बिजनेस करने का मौका दे रही है। कंपनी इस साल देश भर में करीब 500 डीलर्स बनाएगी। ऐसे में आपके पास कंपनी का डीलर बनने का मौका है। डीलर बन कर आप आसानी से लाखों की कमाई कर सकते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं, आप कंपनी के साथ कैसे डीलर बन सकते हैं, उसके लिए किन बातों का आपको ध्यान रखना होगा।
 
 
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क्या है योजना
 
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) प्राइवेट लिमिटेड के सेल्स एंड मार्केटिंग हेड और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट यादविंदर सिंह गुलेरिया ने moneybhaskar.com को बताया कि कंपनी के मार्च 2016 तक करीब 3800 डीलर्स थे। जिसे मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में 4300 तक ले जाने की प्लानिंग है। कंपनी पूरे देश में डीलर नेटवर्क का इजाफा करेगा। कंपनी की खास तौर से टियर 2 और टियर 3 शहरों में नए डीलर बनाने की योजना है।
 
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कैसे मिलेगी डीलरशिप
 
कंपनी की वेबसाइट http://www.honda2wheelersindia.com/ पर जाकर आप अपनी आईडी बनाकर आप लोकेशन के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जिसके बाद आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कंपनी इसके लिए समय-समय पर रीजन के आधार पर डीलरशिप के लिए आवेदन मंगाती है।
 
 
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डीलर बनने के लिए क्या है जरूरी
 
डीलर बनाने में कंपनी किन बातों का ध्यान रखती है इस पर गुलेरिया ने बताया कि जब भी कोई आवेदन आता है, तो कंपनी सबसे पहले यह देखने की कोशिश करती है कि जिस एरिया के लिए आवेदन आया है वहां क्या संभावनाएं हैं। इसके अलावा डीलर बनने के लिए जिसने आवेदन किया है, उसकी फाइनेंशियल स्थिति कैसी है। जिन चीजों की परख के बाद ही कंपनी डीलरशिप देती है।
 
 
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क्या देनी पड़ती है जानकारी
 
कंपनी को आवेदन के समय जिस साइट पर आप डीलरशिप खोलना चाहते हैं, उसकी फोटोग्राफ के अलावा, साइट किस एरिया में स्थित है, वहां दूसरे कौन से डीलर हैं, उस क्षेत्र के बड़े रेजिडेंशियल और इंडस्ट्रियल क्षेत्र कौन हैं, उसका नक्शा देना होता है। लोकेशन के बाद आपको कंपनी को अपनी फाइनेंशियल डिटेल देनी होती है। जिसमें यदि आपका कोई मौजूदा कारोबार है, तो उसका पूरा विवरण, कारोबार में शेयर होल्डिंग पैटर्न क्या है, इसके अलावा आवेदक को अपनी संपत्ति और देनदारियों की जानकारी भी देनी पड़ती है।
 
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1.5 से 2 करोड़ रुपए आता है खर्च
 
इन्वेस्टमेंट के बारे में गुलेरिया ने बताया कि यह लोकेशन, जमीन की कीमत और दूसरे फैक्टर्स पर तय होती है। औसतन 1.5 से 2 करोड़ रुपए का खर्च एक डीलरशिप खोलने पर आता है। इसमें डीलरशिप की साइज और सर्विस सेंटर आदि भी फैक्टर अहम होते हैं।
 
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