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सरकार ने बंद की सोलर चैनल पार्टनर स्‍कीम, ओपन मार्केट को करेगी प्रमोट

मिनिस्‍ट्री ऑफ न्‍यू एंड रिन्‍यूएबल एनर्जी (एमएनआरई) ने सोलर चैनल पार्टनर स्‍कीम बंद कर दी है।

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नई दिल्‍ली. मिनिस्‍ट्री ऑफ न्‍यू एंड रिन्‍यूएबल एनर्जी (एमएनआरई) ने सोलर चैनल पार्टनर स्‍कीम बंद कर दी है। इसके साथ ही 2800 से अधिक चैनल पार्टनर का इम्‍पैनलमेंट भी खत्‍म कर दिया गया है। हालांकि केंद्र ने राज्‍यों से कहा है कि वे इन चैनल पार्टनर के साथ काम कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए एमएनआरई के चैनल पार्टनर की शर्त हटा दें।  स्‍कीम बंद करने के पीछे सरकार की मंशा ओपन मार्केट को बढ़ावा देना है। मिनिस्‍ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि कई चैनल पार्टनर सरकार के मकसद के मुताबिक काम नहीं कर रहे थे। इससे रूफटॉप सोलर पावर का टारगेट प्रभावित हो रहा था। 

 

क्‍या थी शिकायतें 
मिनिस्‍ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि अभी कोई भी टेंडर हासिल करने के लिए एमएनआरई का चैनल पार्टनर होना जरूरी शर्त थी। लेकिन चैनल पार्टनर की नियुक्ति के समय मिनिस्‍ट्री के पास कोई ठोस पैमाना नहीं होता था। इससे कई लोग मिनिस्‍ट्री के इस सर्टिफिकेट का फायदा उठा कर टेंडर तो ले लेते थे, लेकिन बाद में उनके प्रोजेक्‍ट्स में खामी पाई जाने लगी थी। खासकर क्‍वालिटी को लेकर कई शिकायतें थी। कई चैनल पार्टनर पुअर क्‍वालिटी के पैनल लगा रहे थे, इसकी शिकायतें मिनिस्‍ट्री को लगतार मिल रही थी। इतना ही नहीं, ये चैनल पार्टनर मेंटिनेंस भी ठीक से नहीं करते थे। अधिकारी ने कहा कि हालांकि कई चैनल पार्टनर अच्‍छा काम कर रहे थे, लेकिन मिनिस्‍ट्री ने निर्णय लिया कि मार्केट को ओपन कर दिया जाए,  ताकि मार्केट में कॉम्पिटीशन बढ़े। इसमें मार्केट में क्‍वाटिली प्रोडक्‍ट्स बढ़ेंगे। 

 

क्‍वालिटी पर रहेगी नजर 
मिनिस्‍ट्री ऑफ न्‍यू एंड रिन्‍यूएबल एनर्जी इस स्‍कीम को बंद करके अब क्‍वालिटी पर नजर रखेगी। अधिकारी ने बताया कि जल्‍द ही इस तरह का फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे सोलर प्रोडक्‍ट्स की क्‍वालिटी पर नजर रखी जा सके। इसके लिए क्‍वालिटी पैरामीटर तैयार किए जाएंगे, जिन पर खरा उतरने के बाद ही प्रोडक्‍ट्स को मार्केट में बिकने की इजाजत दी जाएगी। 

 

सस्‍ते प्रोडक्‍ट्स होंगे उपलब्‍ध 
अभी चैनल पार्टनर्स के लिए एक बेंचमार्क कॉस्‍ट निर्धारित की गई थी। वे इससे अधिक कीमत पर सोलर प्‍लांट नहीं लगा सकते थे, लेकिन मार्केट में इस बेंचमार्क कॉस्‍ट से काफी कम कीमत पर पैनल उपलब्‍ध हैं। बावजूद इसके, लोगों को सब्सिडी लेने के लिए इन चैनल पार्टनर्स से पैनल लेने पड़ते थे। अधिकारी ने बताया कि मार्केट ओपन होने पर लोग सस्‍ते पैनल भी खरीद सकेंगे। 

 

क्‍या है सोलर चैनल पार्टनर स्‍कीम 
यह स्‍कीम 2014 में शुरू की गई थी। इस स्‍कीम के तहत साल में दो बार एमएनआरई द्वारा लोगों से चैनल पार्टनर के लिए आवेदन मांगे जाते थे। कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करने वाले लोगों को चैनल पार्टनर नियुक्‍त किया जाता था। ये चैनल पार्टनर अपने एरिया में ग्रिड कनेक्‍टेड सोलर पावर प्‍लांट या स्‍माल सोलर पावर प्‍लांट लगाने के लिए अधिकृत हो जाते थे। मिनिस्‍ट्री द्वारा इन चैनल पार्टनर से सोलर प्‍लांट लगाने वाले लोगों को ही सब्सिडी दी जाती थी। ये चैनल पार्टनर राज्‍य सरकारों के सोलर प्रोजेक्‍ट्स्‍ा के टेंडर के लिए भी अधिकृत होते थे और इसका उन्‍हें काफी फायदा मिलता था। 

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