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2.40 लाख लगाकर कमा सकते हैं 3.20 लाख, शुरू करें ट्राउट मछली का बिजनेस

अगर आप लो-इन्‍वेस्‍टमेंट बिजनेस के बारे में सोच रहे हैं तो आप ट्राउट मछली पालन पर विचार कर सकते हैं।

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नई दिल्‍ली। अगर आप लो-इन्‍वेस्‍टमेंट बिजनेस के बारे में सोच रहे हैं तो आप ट्राउट मछली पालन पर विचार कर सकते हैं। इस बिजनेस को नाबार्ड द्वारा 20 फीसदी सब्सिडी दी जाती है। नाबार्ड के मुताबिक, केवल 2.30 लाख रुपए में ट्राउट फार्मिंग शुरू की जा सकती है, ऐसे में अगर आपको 20 फीसदी सब्सिडी मिल जाती है तो आपको मात्र 1.8 लाख रुपए का इन्‍वेस्‍टमेंट करना होगा। 

 

क्‍या है टाउट फार्मिंग 
नाबार्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्राउट एक प्रकार की मछली है, जो साफ पानी में पाई जाती है। भारत के कुछ राज्‍यों में यह मछली बड़ी तादात में पाई जाती है। इनमें हिमाचल प्रदेश, जम्‍मू कश्‍मीर, उत्‍तराखंड, तमिलनाडु, करेल प्रमुख है। इन राज्‍यों में ट्राउट प्रोडक्‍शन के लिए इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर भी उपलब्‍ध है। राज्‍य सरकारों द्वारा ट्राउट फिश फार्मिंग को प्रमोट करने के लिए कई इन्‍सेंटिव प्रोग्राम भी चलाए जा रहे हैं। 

 

कितने में शुरू होगी फार्मिंग 
नाबार्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, 15X2X1.5 का रेस वे बनाने पर लगभग 1 लाख रुपए का खर्च आएगा। जबकि लगभग 6000 रुपए में इक्‍वीपमेंट्स आ जाएंगे, जिसमें हैंड नेट, बाल्‍टी, टब, थर्माकोल बॉक्‍स शामिल है। जबकि 22500 रुपए में सीड और 1.45 लाख रुपए में फीड पर खर्च होगा। यदि आपने लोन लिया है तो पहला साल का ब्‍याज 26 हजार 700 रुपए होगा। इस तरह आपको पहले साल में कुल 3 लाख 700 रुपए का इन्‍वेस्‍टमेंट करना होगा। जिस पर आपको 20 फीसदी यानी कि लगभग 60 हजार रुपए की सब्सिडी मिल जाएगी। यदि आप एससी या एसटी कैटेगिरी से हैं तो आपको 25 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। 

 

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कितना होगा फायदा 

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले साल में आपकी सेल्‍स लगभग 3.23 लाख रुपए होगी, लेकिन अगले साल से आपकी कैपिटल कॉस्‍ट घट जाएगी और आपकी सेल्‍स लगभग 3.50 लाख रुपए होगी। 

 

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इस राज्‍य में होता है सबसे अधिक उत्‍पादन 
हिमाचल प्रदेश ऐसा राज्‍य है, जहां ट्राउट मछली का सबसे अधिक उत्‍पादन होता है। यहां ब्राउन और रेनबो कलर की मछली मिलती है। राज्य सरकार द्वारा यहां ट्राउट फार्मिंग के लिए विशेष मदद दी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां रेस-वे कंस्‍ट्रक्‍शन पर 2 लाख रुपए का खर्च आता है तो 80 फीसदी (1.60 लाख रुपए) पैसा राज्‍य सरकार द्वारा दिया जाता है। 

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