Home » SME » OpportunitySIDBI and Cibil released first report MSME pulse

RBI के फैसले से 3 लाख कारोबारियों को होगा फायदा, 94 हजार करोड़ NPA का खतरा टला

रिजर्व बैंक द्वारा एमएसएमई सेक्‍टर के लिए एनपीए की अवधि बढ़ाने के फैसले से लगभग 3 लाख छोटे कारोबारियों को फायदा हो सकता

1 of
 
नई दिल्‍ली। रिजर्व बैंक द्वारा एमएसएमई सेक्‍टर के लिए एनपीए की अवधि बढ़ाने के फैसले से लगभग 3 लाख छोटे कारोबारियों को फायदा हो सकता है। इसमें ऐसे कारोबारी भी शामिल हैं, जिनका सिबिल एमएसएमई रैंक (सीएमआर) 7 से 10 है और उन पर बैंकों का लगभग 82 हजार करोड़ रुपए बकाया है। सिडबी (स्‍मॉल इंडस्‍ट्रीज डेवलपमेंट बैंक) और ट्रांसयूनियन सिबिल द्वारा जारी पहली रिपोर्ट एमएसएमई पल्‍स में यह खुलासा हुआ है। 

 
क्‍या है आरबीआई की राहत 
पिछले दिनों जीएसटी की वजह से बैंकों का कर्ज समय पर न दे पाने वाले कारोबारियों के लिए आरबीआई ने एक राहत भरी घोषणा की है। नए नियम के मुताबिक, जो कारोबारी 90 दिन तक लोन की किश्‍त का भुगतान नहीं करेगा, उन्‍हें एनपीए घोषित कर दिया जाएगा, लेकिन आरबीआई ने एमएसएमई सेक्‍टर को राहत देते हुए जीएसटी में रजिस्‍टर्ड छोटे कारोबारियों के लिए यह समय अवधि बढ़ाकर 180 दिन कर दी है। 
 
1.41 लाख को रिलीफ 
एमएसएमई पल्‍स रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई द्वारा छोटे कारोबारियों को जो रिलीफ दिया गया है, उससे 1.41 लाख कारोबारियों को फायदा पहुंचेगा। इन पर लगभग 12 हजार 910 करोड़ रुपए बकाया है। 
 
इन पर 82 हजार करोड़ का कर्ज 
रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 1.66 लाख एसएमई ऐसे हैं, जिन पर 82 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है और उनका सिबिल एमएसएमई रैंक (सीएमआर) 7 से 10 है। 90 दिन की ब्रेकेट की वजह से सबसे इन कारोबारियों पर एनपीए होने का सबसे अधिक खतरा था, लेकिन इनमें से कई को आरबीआई रिलीफ का फायदा मिलेगा। 
 
राज्‍यों में बढ़े एनपीए 
नोटबंदी और जीएसटी के बाद एमएसएमई सेक्‍टर में एनपीए की संख्‍या बढ़ रही है। जहां बड़े राज्‍यों में छोटे कारोबारियों के एनपीए का प्रतिशत अधिक है। वहीं, स्‍टील, जेम्‍स एंड ज्‍वैलरी सेक्‍टर में एनपीए अधिक हो रहे हैं। सिडबी और सिबिल द्वारा संयुक्‍त रूप से जारी पहली रिपोर्ट एमएसएमई पल्‍स में इस बात का खुलासा हुआ है। 
 
इन राज्‍यों में हैं सबसे अधिक एनपीए 
रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़े राज्‍यों में एमएसएमई सेक्‍टर में एनपीए अधिक है। जैसे - 
राज्‍य : एनपीए रेट (फीसदी में) 
महाराष्‍ट्र : 11.5 
तमिलनाडु : 8.0 
गुजरात : 6.3 
आंध्रप्रदेश : 9.9 
उत्‍तर प्रदेश :  8.3 
कर्नाटक :  8.2 
दिल्‍ली : 10.3 
पश्चिम बंगाल : 12.5 
राजस्‍थान : 3.5 
हरियाणा :  6.9 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट