Home » SME » Opportunityबीपीओ में घर से काम कर सकेंगी महिलाएं- Women will be able to work from home in BPO

​घर बैठे महिलाएं BPO में करेंगी जॉब, सरकार ला रही है स्कीम

अब घर बैठकर ही महिलाएं बीपीओ में काम कर सकेंगी। केंद्र सरकार इस तरह की एक योजना लाने जा रही है।

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नई दिल्‍ली। अब घर बैठकर ही महिलाएं बीपीओ में काम कर सकेंगी। केंद्र सरकार इस तरह की एक योजना लाने जा रही है। इसके तहत ऐसे प्‍लेटफॉर्म डेवलप किए जाएंगे, जिसमें लगभग 100 महिलाएं अपने-अपने घर से ही बीपीओ यानी बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग में काम कर सकती हैं। यहां ध्‍यान देने वाली बात है कि बीपीओ में अच्‍छी सैलरी मिलती है। और अगर महिलाओं को घर से ही यह काम करना पड़े तो उनके करियर के लिए लिए यह एक अच्‍छा ऑप्‍शन हो सकता है। 

 

क्‍या है स्‍कीम 

आइए जानते हैं कि सरकार की क्‍या योजना है। इंफॉर्मेशन एंड टैक्‍नोलॉजी मिनिस्‍टर रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि उन्‍होंने अपने डिपार्टमेंट से कहा है कि वे एक स्‍कीम बनाएं, जिसमें महिलाओं को घर से काम करने की छूट हो। लगभग 100 महिलाओं का ग्रुप इकट्ठा होकर एक प्‍लेटफॉर्म तैयार करें और मिलकर काम करें। उन्‍होंने यह जानकारी बुधवार को रूरल बीपीओ प्रमोशन स्‍कीम के एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। 

 

क्‍या है बीपीओ प्रमोशन स्‍कीम 
भारत में आईटी सेक्‍टर का विकास केवल कुछ चुने हुए शहरों तक सीमित रहा। शहरी इलाकों जैसे दिल्ली-नोएडा-गुरुग्राम, मुंबई-पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु-मैसूर और चैन्नई में अधिकतर आईटी कंपनियां हैं। इसलिए केंद्र सरकार ने 2014 में फैसला किया कि छोटे शहरों में भी आईटी की नौकरियों का प्रसार किया जाए। इसके परिणामस्वरूप भारत बीपीओ प्रमोशन स्‍कीम की शुरुआत हुई। 


सरकार देती है 1 लाख रुपए 

इस स्‍कीम में वायबिलिटी गैप फंडिंग के तौर पर प्रति सीट एक लाख रुपए तक का विशेष प्रोत्साहन दिया जाता है। इन योजनाओं में महिलाओं और दिव्यांगों, युवाओं को रोजगार देने पर फोकस किया जाता है।  बीपीओ प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 48,300 सीटों और पूर्वोत्तर बीपीओ प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 5000 सीटें लगाने का टारगेट है। अब तक 87 कंपनियों की 109 इकाईयों को 18,160 सीटें अलॉट की जा चुकी है, जो 19 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के 60 स्थानों में फैली हुई हैं।

 

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इन शहरों में है स्‍कोप 
जहां बीपीओं शुरू हो चुके हैं, उनमें आंध्र प्रदेश में तिरुपति, गुंटुपल्ली, राजमुंदरी, बिहार में पटना और मुजफ्फरपुर,  छत्तीसगढ़ में रायपुर, हिमाचल प्रदेश में बद्दी और शिमला, मध्य प्रदेश में सागर, ओडिशा में भुवनेश्वर, कटक और जलेश्वर, तमिलनाडु में कोट्टाकुप्पम, मदुरै, मइलादुथुरई, तिरुचिरापल्ली, तिरुप्पटूर और वेल्लोर, तेलंगाना में करीमनगर,  जम्मू और कश्मीर में भदेरवाह, बडगाम, जम्मू, सोपोर और श्रीनगर, महाराष्ट्र में औरंगाबाद, भिवंडी, सांगली और वर्धा, उत्तर प्रदेश में बरेली, कानपुर और वाराणसी शामिल हैं। पूर्वोत्तर के गुवाहाटी, जोरहाट, कोहिमा, इम्फाल आदि में बीपीओ शुरू हो गए हैं। 

 

यहां खुलेंगे बीपीओ 
चित्तूर, मथुरा, बेतालपुर (देवरिया), फर्रुखाबाद, जहानाबाद, गया, दलसिंहसराय, पठानकोट, अमृतसर, ग्वालियर, रायसेन, श्रृंगेरी, उडुपी, हुबली, बालासोर, कटक, पुरी, रांची, देवघर, वेल्लोर, तिरुपुर में आने वाले दिनों में बीपीओ शुरू होंगे।  पूर्वोत्‍तर के असम में दीफू, मजूली, कोकराझार और सिलचर, दीमापुर (नागालैंड) और अगरतला (त्रिपुरा) में बीपीओ खुलेंगे। 

 

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क्‍या है बीपीओ 
 बीपीओ यानी बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग एक व्यापक शब्द है, जो सभी क्षेत्रों में होने वाली आउटसोर्सिंग की बात करता है। एक बीपीओ या तो नई तकनीक अपनाकर या तकनीक में कुछ परिवर्तन कर प्रोसेस को बढ़ाता है। बीपीओ वर्तमान में इन्फर्मेशन टेक्नोलॉजी इनेबल्ड सर्विसेस इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ता सेक्‍टर है। सामान्यतः आउटसोर्सिंग का मतलब है एक संस्थान द्वारा दूसरे संस्थान का एक या एक से अधिक बिजनेस प्रोसेस को ऑपरेट और मैनेज करना है।  

 

बीपीओ द्वारा दी जाने वाली सर्विसेज 
कस्टमर सपोर्ट सर्विसेस-
कस्टमर सर्विस अपनी विभिन्न चैनल जैसे- वाइस, ई-मेल और चैट के जरिए सातों दिन चौबीसों घंटे और 365 दिन ग्राहकों की शंकाओं का समाधान करता है। बतौर उदाहरण कस्टमर उत्पाद और सेवा संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकता है, अपने खातों की जानकारी प्राप्त कर सकता है, अपनी आरक्षण स्थिति जान सकता है
टेक्निकल सपोर्ट सर्विसेस - टेक्निकल सपोर्ट में चौबीसों घंटे ओईएम कस्टमर्स और कम्प्यूटर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, पेरीफेरल और इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराता है। इसमें इंस्टालेशन और प्रॉडक्ट सपोर्ट, ट्रबलशूटिंग और यूजेस सपोर्ट शामिल हैं। 
टेलीमार्केटिंग सर्विसेस- टेलीसेल्स और टेलीमार्केटिंग कस्टमर का प्रॉडक्ट और सर्विस में रुचि पैदा करने में और अधिक से अधिक जानकारी देने का काम करती है। जैसे- छुट्टियों के लिए हॉलीडे पैकेज की जानकारी, मोबाइल के नए टेरिफ एवं क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी आदि।

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