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सरकारी खरीद में बढ़ेगी पारदर्शिता, कारोबारियों को रेटिंग देगी सरकार

सरकारी खरीद को और ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए सरकार अब जीईएम पोर्टल पर रजिस्‍टर्ड कारोबारियों को वेंडर रेटिंग देगी

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नई दिल्‍ली। सरकारी खरीद को और ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए सरकार अब गर्वनमेंट ई-मार्केटिंग (जीईएम) पोर्टल पर रजिस्‍टर्ड कारोबारियों को वेंडर रेटिंग देगी। इससे अच्‍छी रेटिंग वाले कारोबारियों को सरकार के साथ बिजनेस करना आसान हो जाएगा। साथ ही, इससे  अफसरों के चहते कारोबारियों पर अंकुश लगेगा। 

 

कैसे होगी रेटिंग 
जीईएम पोर्टल पर रजिस्‍टर्ड वेंडर को अलग-अलग पैरामीटर के आधार पर रेटिंग दी जाएगी। इसके लिए अलग-अलग चार पैरामीटर तय किए गए हैं। इन चारों पैरामीटर के आधार फाइनल रेटिंग जारी की जाएगी। 

 

पहला पैरामीटर 

कारोबारी के कवरेज क्षेत्र को देखते हुए 5 फीसदी अंक दिए जाएंगे। यानी कि जो कारोबारी पूरे देश में कहीं भी सामान या सर्विस पहुंचा सकता है, उसे अधिकतम 5 फीसदी तक रेटिंग दी जाएगी, जबकि लोकल लेवल पर सामान पहुंचाने वाले कारोबारी कम अंक दिए जाएंगे। 

दूसरा पैरामीटर 
अगर कारोबारी को कोई ऑर्डर मिलता है तो डिलीवरी टाइम के आधार पर 40 फीसदी अंक दिए जाएंगे। इस पैरामीटर के आधार पर यह तय किया जाएगा कि वेंडर कितने समय में डिलीवरी पहुंचाता है। 

 

तीसरा पैरामीटर 
वेंडर द्वारा सप्‍लाई किए गए माल की क्‍वालिटी के आधार पर भी रेटिंग दी जाएगी। इसे 35 फीसदी वेटेज दी जाएगी। यदि किसी कारोबारी द्वारा सप्‍लाई किए गए माल का रिजेक्‍शन जीरो फीसदी है तो उसे सबसे ज्‍यादा रेटिंग दी जाएगी। 

 

चौथा पैरामीटर 
कारोबारी को यदि कोई सरकारी खरीद का ऑर्डर मिलता है और वे उसे स्‍वीकार कर लेता है तो उस आधार पर कारोबारी को रिलायबलिटी के 20 फीसदी वेटेज दिया जाएगा। 100 के 100 फीसदी ऑर्डर को असेप्‍ट करने वाले कारोबारी को सबसे अधिक रेटिंग दी जाएगी। 

 

फाइनल रेटिंग 
इन चार पैरामीटर पर सबसे अधिक खरा उतरने वाले कारोबारी को सबसे अधिस वेटेज दिया जाएगा। 

 

क्‍या होगा फायदा 
सबसे अच्‍छी रेटिंग वाले वेंडर को गुड परफॉरमेंस का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। जिससे उससे अधिेक से अधिक बिजनेस करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा वेंडर अपनी रेटिंग बढ़ाने  के लिए उन प्‍वाइंट्स पर फोकस करेगा, जिन पर वह कमजोर है। इससे फर्जी और निष्क्रिय वेंडर्स सरकारी खरीद से बाहर हो जाएंगे और जेनुअन सेलर्स को अधिक बिजनेस मिलेगा। 

 

क्या है Gem पोर्टल? 
केंद्र सरकार ने ई-पोर्टल के जरिए Gem (गवर्नमेंट ई-मार्केट) को तैयार किया है। जिसके जरिए सभी तरह की खरीदारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इसके जरिए खरीद प्रॉसेस में बाबुओं और मिडिलमैन का दखल खत्म किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि Gem के जरिए वह करीब 4 लाख करोड़ रुपए का मार्केट प्लेस उपलब्ध करा सकेगी। जिसके जरिए हर साल 40-50 हजार करोड़ रुपए की सेविंग उसे होगी।

 

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