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5 लाख में लगाइए पैपर बैग बनाने की यूनिट, 70 हजार रुपए महीने तक इनकम

पर्यावरण की बढ़ती चिंताओं के चलते पेपरबैग मेकिंग बिजनेस रोजगार और कमाई का अच्‍छा माध्‍यम बनकर उभरा है...

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नई दिल्‍ली। पर्यावरण के बढ़ते खतरे को देखते हुए पॉलीथिन को बड़ा खतरा माना जाने लगा है। हाल के दिनों में कई उत्‍तराखंड, दिल्‍ली, महाराष्‍ट्र समेत कई राज्‍य सरकारों ने पॉलीथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इसके चलते डिजाइनर पेपर बैग या पेपर कैरी बैक (Paper carry bags) की डिमांड मार्केट में तेजी के साथ बढ़ी है।

 

बायोडेग्रेडेबल होने के चलते पेपर बैग पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित माने जाते हैं। जबकि पॉलीथिन सालों तक नष्‍ट नहीं होती है। अगर कम पैसों में बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो पेपर बैग मेकिंग बिजनेस आपके लिए रोजगार का बेहतर विकल्‍प हो सकता है। आइए जानते हैं कि यह बिजनेस कैसे शुरू किया जाए और इसमें आपके लिए कमाई का क्‍या स्‍कोप है। 

क्‍या है पेपर बैग मेकिंग बिजेनस ? 

 

जैसा कि नाम से जाहिर है, कागज या पेपर के जरिए सामान रखने का थैला बनाने का बिजनेस ही पेपर बैग मेकिंग बिजेनस कहलाता है। इस तरह के बैग हाथ से भी बनाए जा सकते हैं, हालांकि इनकी प्रोडक्‍शन और क्विालिटी की अपनी सीमा होती है। अब बढ़ती डिमांड और प्रचलन के चलते इन्‍हें बनाने की मशीनें आने लगी हैं। इन मशीनों की मदद से बनाए गए बैग बेहद आकर्षक होते हैं। यही कारण है कि इन बैग्‍स की डिमांड तेजी के साथ बढ़ी है। 

 

5 लाख में शुरू हो सकता है बिजनेस 


यह बिजनेस 5 लाख रुपए की लागत में भी शुरू हो सकता है। कंसलटेंस वेबसाइट एक्‍सपर्ट मार्केट के अनुसार- यह बिजनेस 5 लाख रुपए में शुरू किया जा सकता है। इस लागत में बिना प्रिंट वाली मशीन और रॉ मटेरियल आ जाएगा। 

 

पेपर बैग बनाने की मशीन


पेपर बैग मेकिंग मशीन की कीमत 2.5 लाख से शुरू होकर 7 लाख तक जाती है। 3.5 लाख तक की कीमत में आप छोटी यूनिट लायक मशीन खरीद सकते हैं। नोएडा में पेपर मेकिंग यूनिट चलाने वाले राजकुमार के मुताबिक, मार्केट में सस्‍ती मशीनें भी आती हैं। हालांकि इनमें जरूरी फीचर का अभाव होता है। 3.5 लाख  की लागत में आपको ठीक-ठाक अटैचमेंट की मशीन मिल सकती है। राजकुमार के मुताबिक- जब भी पेपर बैग मेकिंग मशीन खरीदें तो उसमें कुछ फीचर जरूर देखें-  

 

  1. डबल कलर फ्लैक्सो प्रिंटिंग यूनिट अटैचमेंट
  2. मेन ड्राइव के लिए 3 हार्स पॉवर का मोटर
  3. स्टीरियो डिज़ाइन रोलर
  4. फ्लैग फॉर्मिंग डाई  

 

रॉ मैटेरियल 
मशीन खरीदने के बाद अब बारी आती है पेपर बैग बनाने में यूज होने वाले रॉ मैटेरियल की। आम तौर पर इसमें 3 सामग्री का यूज होता है। राजकुमार के मुताबिक, ठीक- ठाक प्रोडक्‍शन के लिए आपको 1 से 1.5 लाख रुपए तक की जरूरत पड़ेगी। 

 

इन चीजों की होगी जरूरत 
सफेद या कलर्ड पेपर रोल, फ्लैक्‍सो कलर और पॉलिमर स्‍टीरियो की। इसमें से पेपर रोल 45 से 50 रुपए प्रति किलोग्राम, फ्लैक्‍सो कलर 200 रुपए लीटर और पॉलिमर स्‍टीरियो 2 रुपए प्रति सेंटीमीटर पड़ता है। 

कितनी जगह की जरूरत: 300 स्क्वायर फीट  

 

आगे पढ़ें- कितनी हो सकती है इनकम 

 

 

कितनी हो सकती है इनकम 


जहां तक प्रॉफिट की बात है तो एक पेपर बैग पर लगभग 10 पैसे का प्रॉफिट होता है। एक मशीन हर मिनट 60 पेपरबैग तैयार करती है। इस हिसाब से हर मिनट 6 रुपए और हर घंटे 360 रुपए का प्रॉफिट होता है। अगर आप दिन में 8 घंटे मशीन चलाते हैं तो प्रॉफिट 2880 रुपए और इस गणित से महीने का 72 हजार रुपए होता है। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि आपके पास पर्याप्‍त डिमांड हो। 


डिमांड और मार्केट 


पर्यावरण को लेकर आ रही जागरूकता के चलते पेपर कैरी बैग की डिमांड में तेजी दर्ज की गई है। कई राज्‍यों की ओर से पॉलिथिन और प्‍लास्टिक बैग पर पाबंदी के बाद कुछ सालों में इसकी मांग तेजी के साथ बढ़ी है। सिर्फ दिल्‍ली और आसपास के इलाकों में ही पेपर बैग की डिमांग में बीते कुछ सालों के दौरान 20 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रही है। इसके अलावा विदेशों में भी इन बैग्‍स की ठीक-ठाक डिमांड आ रही है।  

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