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छोटे कारोबारियों को रेलवे का बड़ा झटका, ईएमडी पर छूट खत्‍म करने की तैयारी

रेलवे छोटे कारोबारियों को बड़ा झटका दे सकता है।

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नई दिल्‍ली। रेलवे छोटे कारोबारियों को बड़ा झटका दे सकता है। अब तक टेंडर में हिस्‍सा लेने पर ईएमडी (अर्नेस्‍ट मनी डिपोजिट) में मिलने वाली छूट को खत्‍म किया जा सकता है। रेलवे के जनरल कंडीशन ऑफ कॉन्‍ट्रेक्‍ट (जीसीसी) के रिवाइज्‍ड ड्राफ्ट में यह प्रावधान किया गया है। 

 

 

क्‍या है प्रावधान 
जीसीसी में अब तक प्रावधान है कि सर्विस कॉन्‍ट्रेक्‍ट में माइक्रो एंड स्‍मॉल एंटरप्राइजेज, जो डिस्ट्रिक्‍ट इंडस्‍ट्री सेंटर, खादी एवं विलेज इंडस्‍ट्री कमीशन, खादी एवं विलेज इंडस्‍ट्रीज बोर्ड, कॉयर बोर्ड, नेशनल इंडस्‍ट्री कॉरपोरेशन, डायरेक्‍टर ऑफ हैंडिक्राफ्ट एंड हैंडलूम या मिनिस्‍ट्री ऑफ एमएसएमई से रजिस्‍टर्ड हैं को मिनिमम ईएमडी के पेमेंट पर छूट दी जाएगी। 

 

क्‍या हो रहा है अमेडमेंट 
रेलवे द्वारा जारी अमेंडमेंट ड्राफ्ट में इस प्रावधान को हटा दिया गया है। इसका आशय है कि अब यह प्रावधान हटाया जा रहा है।

 

स्‍टार्ट अप्‍स को शामिल किया 
रेलवे ने ड्राफ्ट में डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (डीआईपीपी) से रजिस्‍टर्ड स्‍टार्टअप्‍स को अर्नेस्‍ट मनी डिपोजिट में छूट दी जाएगी। 

 

कितनी देनी होती है ईएमडी 
 - 1 करोड़ रुपए के वर्क टेंडर पर अनुमानित लागत का 2 फीसदी अर्नेस्‍ट मनी डिपोजिट करनी होती है। 
- 1 करोड़ से अधिक वेल्‍यू के वर्क टेंडर पर दो लाख रुपए के अलावा 1 करोड़ रुपए की लागत से अधिक की राशि पर आधा फीसदी अर्नेस्‍ट मनी डिपोजिट करनी होती है। 


क्‍या है एमएसई कैटेगिरी 

एमएसई यानी माइक्रो एंड स्‍मॉल एंटरप्राइजेज की नई कैटेगिरी के मुताबिक माइक्रो एंटरप्राइजेज उन यूनिट को कहा जाता है, जिनकी सालाना टर्नओवर पांच करोड़ रुपए से अधिक नहीं हो, जबकि स्‍मॉल एंटरप्राइजेज उन यूनिट को कहा जाता है, जिनकी सालाना टर्नओवर 5 करोड़ रुपए से अधिक हो, लेकिन 75 करोड़ रुपए से कम हो।

 

ऑनलाइन खुलेगा टेंडर 

इंडियन रेलवे के स्‍टैंडर्ड ऑफ जनरल कंडीशन्‍स ऑफ टेंडर के ड्राफ्ट में यह प्रावधान किया गया है कि अब टेंडर ऑनलाइन खोला जाएगा। अभी ऑनलाइन टेंडर अप्‍लाई तो किया जा सकता है, लेकिन टेंडर ऑनलाइन खोला नहीं जाता। 

 

संगठनों ने जताई नाराजगी

 

मैन्‍युफैक्‍चरर्स एसोसिएशन, फरीदाबाद के महासचिव रमणीक प्रभाकर ने कहा कि मोदी सरकार ने छोटे कारोबारियों को सरकारी कंपनियों (पीएसयू) से जोड़ने के लिए कई अच्‍छे कदम उठाए हैं, लेकिन यदि रेलवे छोटे कारोबारियों को मिल रही छूट वापस लेगा तो इससे कारोबारियों को निराशा होगी। उन्‍होंने कहा कि उनके संगठन की ओर से इस प्रावधान का विरोध किया जाएगा।

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