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    बिजनेस के लिए लेना है लोन तो मोबाइल ऐप डाउनलोड कर करें अप्‍लाई

    बिजनेस के लिए लेना है लोन तो मोबाइल ऐप डाउनलोड कर करें अप्‍लाई
     
    नई दिल्‍ली। करोल बाग में छोले-भटूरे बेचने वाले कारोबारियों को लोन चाहिए था, लेकिन बैंकों ने उन्‍हें लोन नहीं दिया। बेटे ने गूगल सर्च करके लोनफ्रेम मोबाइल ऐप डाउनलोड किया और ऐप में ही ऑनलाइन फॉर्म भर दिया और 7 से 10 दिन में उन्‍हें 66 लाख का लोन मिल गया। लोनफ्रेम ऐसी मोबाइल ऐप है, जो कारोबारियों को लोन दिलाने में मोबाइल एग्रीगेटर की भूमिका निभा रही है। लोनफ्रेम कंपनी की शुरुआत अगस्‍त 2015 में सिंगापुर से हुई और मार्च 2016 में कंपनी ने भारत में शुरुआत की और अब एक महीने में 700 से 1000 करोड़ रुपए के लोन के लिए एप्‍लीकेशन कंपनी को मिल रही है। रोजाना 100 से 150 लोग लोनफ्रेम ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं। ऐप को लेकर छोटे कारोबारियों में अधिक क्रेज हैं। लोनफ्रेम के को-फाउंडर ऋषि आर्य ने moneybhaskar ने बातचीत की। पेश है बातचीत के मुख्‍य अंश –
     
    लोनफ्रेम के पीछे की कहानी क्‍या है?
     
    भारत में बड़े कारोबारियों को आसानी से लोन मिल जाता है। बैंक हमेशा उन्‍हें लोन देने के लिए तैयार रहते हैं। सेलरी पाने वाले लोगों को भी पर्सनल लोन, होम लोन, व्‍हीकल लोन मिल जाता है, लेकिन छोटे कारोबारियों को लोन नहीं मिलता। उन्‍हें न तो नॉलेज होती है और ना ही उनके पास रिसोर्स होता है, जो उन्‍हें लोन दिलाने में मदद कर सके। बस इसी समस्‍या को दूर करने के लिए सोचा गया कि ओला-उबर, फ्लिपकार्ट जैसी एक मोबाइल ऐप होनी चाहिए, जो छोटे से छोटे कारोबारी को लोन दिलाने में मदद करे। इसीलिए लोनफ्रेम मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई।
     
    यह कैसे काम करती है?
     
    सबसे पहले आपको मोबाइल ऐप डाउनलोड करनी होगी, ऐप खोलने के बाद आप यदि बिजनेस के लिए लोन लेना चाहते हैं तो एक सिम्‍पल फॉर्म भर कर सबमिट करना होगा, जो हमारे सिस्‍टम में पहुंच जाएगा। हमारे एक्‍सपर्ट आपका प्रोफाइल और लोन रिक्‍वायरमेंट का एनालिसिस करेंगे। उसके आधार पर यह देखा जाएगा कि कौन सा बैंक आपको आसानी से और कम ब्‍याज दर पर लोन देगा। इसका आकलन करने के बाद हमारी टीम आपसे संपर्क करेगी और साथ ही, आपकी एप्‍लीकेशन बैंक को फॉरवर्ड कर देगी। इसके लिए कारोबारियों से कोई फीस नहीं ली जाती।  
     
    किस बैंक से लोन दिलाते हैं आप ?
     
    अभी हमने लगभग सभी प्राइवेट बैंक और एनबीएफसी से समझौता कर लिया है। नेशनलाइज्‍ड बैंक से हमारी बातचीत चल रही है। उम्‍मीद है कि जल्‍द ही देश के लगभग सभी बैंक और एनबीएफसी को अपने नेट से जोड़ कर बिजनेसमैन को लोन दिलाया जाएगा।
     
    लोनफ्रेम में कितने से कितने तक का लोन दिया जाता है ?
     
    अभी हम 2 लाख रुपए से लेकर 5 करोड़ रुपए तक का लोन दिलाते हैं। यदि आप लोनफ्रेम ऐप से लोन के लिए अप्‍लाई करना चाहते हैं तो आपको बिजनेस करते हुए कम से कम 2 साल होने चाहिए। इसके बाद ही आपके बिजनेस का एनालिसिस करके हम बताते हैं कि आपको कहां से कितनी दर पर लोन मिल जाएगा।
     
    छोटे से छोटे बिजनेसमैन तक पहुंच बनाने के लिए कंपनी की क्‍या रणनीति है ?
     
    हम लोग जहां छोटे से छोटे व्‍यापारियों से अलग-अलग माध्‍यम से पहुंच बना रहे हैं। वहीं, हम चार्टर्ड एकाउंटेंट, होलसेलर्स, एडवोकेट, अकाएंटेंट्स, एसएमई एसोसिएशन्‍स से सभी संपर्क करते हैं। जरूरत पड़ने पर इन लोगों को कमीशन तक ऑफर किया जाता है।
     
    आगे आपकी क्‍या योजना है ?
     
    कंपनी चाहती है कि नया बिजनेस शुरू करने यानी कि स्‍टार्टअप्‍स को भी लोन मिले। छोटे से छोटा लोन भी बिजनेस मैन को दिया जाए। लोगों को मुद्रा जैसी सरकारी स्‍कीम का फायदा पहुंचाया जाए।
     
    कंपनी के फंड रेजिंग की क्‍या स्‍ट्रेटजी है ?
     
    कंपनी को अब तक 2.25 मिलियन डॉलर का फंड मिल चुका है। अभी तक कंपनी को यूएस बेस्‍ड इन्‍वेस्‍टर्स से फंड मिल रहा है। कंपनी अपने फंड का दायरा 5 से 6 गुणा बढ़ाना चाहती है। अभी कंपनी को वेदांता कैपिटल के को-फाउंडर पराग सक्‍सेना, वीसा इंटरनेशनल के चेयरमैन रह चुके बिल कैम्‍पबेल, मैकेंजी इन्‍वेस्‍टमेंट ऑफिस (एमआईओ) के को-सीइओ तूस एन. दारूवाला का सपोर्ट मिल रहा है। पराग कंपनी के बोर्ड मैंबर, बिल और तूस एडवाइजरी बोर्ड मैंबर हैं।  
     

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