Home » SME » Financingमुद्रा लोन के लिए लिया गया उद्योग आधार का सहारा

मुद्रा स्‍कीम के लिए उद्योग आधार में फ्रॉड की आशंका, लोन लेने में बिहार दूसरे नंबर पर

मुद्रा लोन लेने के लिए उद्योग आधार का सहारा लिया गया

1 of
 
नई दिल्ली। मुद्रा लोन के लिए उद्योग आधार रजिस्‍ट्रेशन में फ्रॉड की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले moneybhaskar.com ने अपनी एक स्‍टोरी में बताया कि उद्योग आधार में रजिस्‍ट्रेशन में फ्रॉड हुआ, लेकिन इसी कड़ी में पड़ताल के दौरान पता चला है कि मुद्रा लोन लेने के लिए उद्योग आधार का सहारा लिया गया। क्‍योंकि जिस राज्‍य बिहार में सबसे अधिक उद्योग रजिस्‍ट्रेशन हुए, वहां बड़ी संख्‍या में मुद्रा लोन भी लिया गया। जबकि उद्योगों की संख्‍या और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के मामले में बिहार उस स्थिति में नहीं है कि वहां इतनी बड़ी संख्‍या में मुद्रा लोन लिया जाता। मिनिस्‍ट्री ऑफ माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) ने भी इस आशय की आशंका जताई है और मिनिस्‍ट्री ने राज्‍य सरकार को भी इस बारे में सूचित कर दिया है। साथ ही,  मिनिस्‍ट्री ने उद्योग आधार रजिस्‍ट्रेशन की प्रक्रिया कड़ी कर दी है। 

 
क्‍या है मामला 
छोटे कारोबारियों के लिए शुरु किए गए उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा होने की आशंका है। देश के कई राज्यों में उद्योगों की संख्या से ज्यादा उद्योग आधार नंबर बन गए हैँ। अकेले बिहार में 7 लाख से ज्यादा उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन हुए हैं। जो कि पूरे देश में सबसे ज्यादा है, जबकि महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात जैसे इंडस्ट्रियल रुप से डेवलप राज्यों में उद्योग आधार का रजिस्ट्रेशन बिहार की तुलना में काफी कम है। मिनिस्‍ट्री ऑफ एमएसएमई के अधिकारियों को जब यह जानकारी मिली तो अधिकारी चौंक गए और बिहार सरकार को इसकी जानकारी दी। यह भी पढ़ें : अब उद्योग आधार के नाम पर फर्जीवाड़ा, बिहार में हो गए 7 लाख रजिस्ट्रेशन
 
मुद्रा में भी फ्रॉड की आशंका 
उद्योग आधार में गड़बड़ी की पड़ताल के दौरान moneybhaskar.com को पता चला कि उद्योग आधार का इस्‍तेमाल मुद्रा लोन लेने के लिए किया जा रहा है तो मुद्रा की वेबसाइट पर आंकड़ों की जांच की, तो चौंकाने वाली जानकारी मिली। महाराष्‍ट्र के बाद बिहार में सबसे अधिक मुद्रा लोन लिया गया। पिछले तीन सालों में बिहार में 83 लाख 43 हजार लोगों ने मुद्रा लोन लिया। साल 2016-17 में 37 लाख 56 हजार और साल 2017-18 में अब तक 21 लाख 35 हजार लोगों ने मुद्रा लोन ले लिया है। ऐसा केवल बिहार में ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्‍यों में भी हो सकता है। मिनिस्‍ट्री ऑफ एमएसएमई के अधिकारी ने भी इस तरह की आशंका को स्‍वीकारते हुए कहा कि ऐसा काफी हद तक संभव है। 
 
क्या कहते हैं मुद्रा के आंकड़ें 
राज्‍य -  मुद्रा के लाभार्थी 
महाराष्‍ट्र - 8821042 
बिहार - 8343511
उत्‍तर प्रदेश - 6838151
मध्‍यप्रदेश - 6746796
राजस्‍थान - 3168618
गुजरात - 2799842
झारखंड - 2505461
 
सख्‍त किए नियम 
उद्योग आधार का गलत इस्‍तेमाल रोकने के लिए मिनिस्‍ट्री ने नियम सख्‍त कर दिए हैं। मिनिस्‍ट्री़ अधिकारी के मुताबिक, अब उद्योग आधार बनाने के लिए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजने की व्‍यवस्‍था की गई है। उद्योग आधार रजिस्‍ट्रेशन के वक्‍त कारोबारी का आधार नंबर जरूरी है, लेकिन अब ओटीपी उस नंबर पर भेजा जाता है, जो मोबाइल नंबर आधार के लिए रजिस्‍टर्ड है। इसके अलावा मिनिस्‍ट्री ने एडवाइजरी जारी कर स्‍पष्‍ट किया है कि उद्योग आधार के लिए मिनिस्‍ट्री की ओर से किसी भी व्‍यक्ति या संस्‍था को अधिकृत नहीं किया गया है, इसलिए किसी को फीस देकर रजिस्‍ट्रेशन न कराएं। 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट