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जानें राख की ईंट के बिजनेस का A टू Z प्रॉसेस, 1 लाख रु तक हो सकती है कमाई

10 लाख रुपए में शुरू होता यह बिजनेस, बस थोड़ी सी जमीन और कोयले की मुफ्त राख की जरूरत

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नई दिल्‍ली. रेग्‍युलर इनकम के लिए किसी अच्‍छे बिजनेस की तलाश में हैं तो आपके लिए इस समय फ्लाई एश ब्रिक (ईंट) का बिजनेस अच्‍छा ऑप्‍शन हो सकता है। फ्लाई एश ब्रिक को आम तौर पर सीमेंट की ईंट भी कहा जाता है। इस बिजनेस से न सिर्फ आपको शुरुआत में अच्‍छी इनकम होगी बल्कि आप इस बिजनेस से जुड़े अग्रणी लोगों में भी शुमार हो सकते हैं। इसका कारण मौजूदा समय में फ्लाई एश ब्रिक्‍स का चलन का बढ़ना। बिजनेस की शुरुआत 10 लाख रुपए से 30 लाख रुपए (क्षमता के अनुसार) तक में हो सकती है। जहां तक इनकम की बात है तो इस बिजनेस से शुरुआत में 1 लाख रुपए महीना से करोड़ों रुपए प्रति वर्ष तक कमाई हो सकती है। आइए आपको बताते हैं फ्लाई एश ब्रिक्‍स बनाने के बिजनेस मॉडल को....

8 लाख रुपए से शुरू होती है मशीन की कीमत 

फ्लाई एश ब्रिक बनाने वाली मशीन की कीमत 8 लाख रुपए से शुरू होकर 22 लाख रुपए तक है। नोएडा सेक्‍टर-1 स्थित जोएका मैन्‍युफैक्‍चरिंग के मालिक अली खान ने moneybhaskar.com को बताया कि ये सभी मशीनें ईंट बनाने की क्षमता के अनुसार है। 8 लाख रुपए कीमत वाली मशीन की क्षमता 1000 से 1500 ईंट प्रति घंटा तैयार कर सकती है जबकि, 22 लाख रुपए वाली मशीन एक घंटे में 7000 से 8000 ईंट बना सकती है। बिजनेस शुरू करने के लिए आपके पास जमीन का होना बहुत जरूरी है। ताकि, मशीन को लगाने के बाद आप ईंटों का भंडारण भी कर सकें। 

 

मिट्टी से बनी ईंटों से हैं किफायती

दरअसल, मिट्टी से बनने वाली ईंटों से फ्लाई एश की ईंटें काफी किफायती मानी जाती हैं। देहरादून के बिल्‍डर मोहन राणा ने moneybhaskar.com को बताया कि फ्लाई एश की ईंट से मकान बनाने में सीमेंट का खर्च 20 से 30 फीसदी तक कम हो जाता है। इसके अलावा फिनिशिंग दीवार के दोनों तरफ आती है। इससे प्‍लास्‍टर में भी सीमेंट की बचत होती है। वहीं सूखी राख होने के कारण मकान में नमी नहीं आती है। 

 

आगे पढ़ें- कितने इन्‍वेस्‍टमेंट की है जरूरत...

 

कोयले की राख की होती है सबसे ज्‍यादा जरूरत
फ्लाई एश ईंट बनाने में सबसे ज्‍यादा जरूरत एश यानी राख की होती है। यह राख कोयले से बिजली पैदा करने वाले प्‍लांट से मिलती है। मेरठ के फ्लाई एश ईंट के कारोबारी जयदीप राजपूत ने बताया कि एनटीपीसी के प्‍लांट पर यह राख प्रदूषण को देखते हुए इस राख को फ्री में देते हैं। केवल इसे अपने प्‍लांट तक लाने के लिए जो खर्च होता है बस वही इसकी कीमत होती है। ईंट बनाने के लिए 55 फीसदी फ्लाई एश, 35 फीसदी रेत और  10 फीसदी सीमेंट की जरूरत होती है। इसके अलावा 65 फीसदी फ्लाई एश, 20 फीसदी रेत, 10 फीसदी चूना और 5 फीसदी जिप्‍सम के मिक्‍चर से भी ईंट बनाई जाती है।

 

 

आगे पढ़ें- 2 से 2.5 रुपए आता है खर्च

 

2 से 2.5 रुपए आता है खर्च
कारोबारी जयदीप राजपूत ने बताया कि फ्लाई एश की एक ईंट बनाने में खर्च लगभग 2 से 2.5 रुपए आता है। यह खर्च अलग-अलग जगहों के हिसाब से अलग हो जाता है। जयदीप के यहां हरियाणा के अंबाला से ही राख आती है। वहीं के डीलर इस एश (राख) को पहुंचाते हैं। जयदीप ने बताया कि वे अपनी मशीन से सीमेंट ब्‍लॉक, इंटरलॉकिंग टाइल्‍स आदि भी बनाते हैं। जिसकी जरूरत होती है वही माल तैयार कर लिया जाता है।
 
आगे जानें-  कितनी होती है इनकम....

 

 

1 लाख रुपए से शुरू होती है इनकम
फ्लाई एश की ईंट की भी बाजार में सामान्‍य ईंटों के बराबर ही कीमत है। यह लगभग 4 रुपए से 5 रुपए प्रति ईंट तक बिकती है। यदि प्‍लांट दूर है तो कीमत बढ़ जाती है। कारोबारी जयदीप राजपूत बताते हैं कि जब ईंट को पूरी तरह से सूखकर तैयार होने में 28 दिन का समय लगता है। इसके बाद इसकी बिक्री शुरू होती है। एक महीने में अगर आप 50 हजार ईंट भी बेचते हैं तो आप आसानी से 1 लाख रुपए की इनकम कर सकते हैं। जबकि, 50 हजार ईंट आप केवल 5 से 6 घंटे में तैयार कर लेते हैं। जयदीप के अनुसार इस समय इन ईंटों की मांग बहुत है तो आसानी से एक महीने में 1.5 से 2.5 लाख ईंट बिक जाती हैं।

 

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