सलाह /नोटों से लेनदेन पर भी फैल सकता है कोरोना वायरस, डिजिटल तरीके से करें भुगतान

  • आरबीआई और डब्ल्यूएचओ ने दी कॉन्टैक्टलैस भुगतान की सलाह

Moneybhaskar.com

Mar 17,2020 03:01:49 PM IST

नई दिल्ली। चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस आज लगभग पूरी दुनिया में फैल चुका है। भारत समेत दुनिया के कई देश कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं। कई देशों ने भी अपने नागरिकों के लिए अलग से गाइडलाइंस जारी कर रखी हैं। इन गाइडलाइंस में साफतौर पर कहा गया है कि सामान्य लोग पीड़ितों से दूर रहें और किसी भी ऐसी वस्तु को ना छुएं, जिससे कोराना वायरस या किसी अन्य प्रकार का वायरस फैलने की आशंका हो। इस बीच कई फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स ने भी कहा है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए कैश में लेन-देन से जितना संभव को बचाव करें।

डब्ल्यूएचओ और आरबीआई ने दी कॉन्टैक्टलैस तरीके से भुगतान की सलाह

डब्ल्यूएचओ ने अपनी गाइडलाइंस में कोरोना वायरस के फैलाव के रिस्क से बचने के लिए कॉन्टैक्टलैस भुगतान की सलाह दी है। हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने इस बात की स्पष्ट पुष्टि नहीं की है कि कैश लेन-देन से कोरोना वायरस फैल सकता है। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी लोगों से कॉन्टैक्टलैस तरीके से भुगतान करने की सलाह दी है।

यूपीआई, आरटीजीसी, मोबाइल वॉलेट और नेट बैंकिंग से करें भुगतान

सरवत्रा टेक्नोलॉजीज के एमडी और संस्थापक मंदार अगासे का कहना है कि यह सत्य है कि कोई भी वायरस किसी भी एक्टिव सरफेस पर कई दिनों तक जीवित रह सकते है। कैश लेन-देन में नोट एक दिन में कई हाथों से होकर गुजरते हैं। ऐसे में नोटों के इस्तेमाल से वायरस के फैलने की संभावना बनी रहती है। अगासे का कहना है कि कोरोना या किसी भी अन्य प्रकार के वायरस के संक्रमण से बचने के लिए यूपीआई, आईएमपीएस, आरटीजीसी, मोबाइल वॉलेट्स और नेट बैंकिंग के जरिए कॉन्टैक्टलैस भुगतान कर सकते हैं।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन दें

मंदार अगासे का कहना है कि कोरोना वायरस के कारण पैदा हुई परिस्थितियों में डिजिटल भुगतान के विकास की असीम संभावनाएं हैं। इस समय सरकार को डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। डिजिटल भुगतान पर इंसेटिव्स दिए जाने चाहिए। कॉन्टैक्टलैस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाने चाहिए। इससे लोगों में भुगतान की एक नई आदत पैदा होगी और वायरस से बचाव में भी मदद मिलेगी।

नोटों के इस्तेमाल से फैल सकता है वायरस

गंगाराम अस्पताल के डॉ. राजीव का कहना है कि इस बात के पुख्ता सबूत नहीं हैं कि नोटों के इस्तेमाल से कोरोना वायरस फैल सकता है। हालांकि, नोटों के इस्तेमाल से वायरस के फैलने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में एहतियात के तौर पर नोटों के इस्तेमाल से पहले हाथों को सेनिटाइज कर लें। डॉ. रंजन के मुताबिक, अगर कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति नोट पर छींक देता है तो इससे नोट पर डॉट पड़ जाएंगे। जब कोई कोई अन्य व्यक्ति इस नोट के लेनदेन के बाद बिना हाथ धुले नाक और मुंह पर हाथ रखता है तो कोरोना के फैलने के थोड़ी संभावना बन सकती है।

देश में कोरोना से अब तक 126 प्रभावित

देश में कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की संख्या 126 पर पहुंच गई है। इसमें कुल 17 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। देश में बीते एक सप्ताह में 76 केस बढ़े हैं। 10 मार्च को देश में कुल 50 संक्रमित थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 13 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। कर्नाटक से तीन और जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में संक्रमण के एक-एक नया मामला सामने आया है। महाराष्ट्र में संक्रमितों की संख्या 39 होने के बाद राज्य सरकार ने वहां आइसोलेशन में रखे गए मरीजों के बाएं हाथ पर मुहर लगाने की शुरुआत की गई है।

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