प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म के बिना नहीं मिलेगा कैशलेस क्लेम सेटलमेंट का लाभ

Health Insurance Health Insurance

  • अस्पताल की डेस्क या बीमा कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध होता है यह प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म

Moneybhaskar.com

Mar 18,2020 01:16:00 PM IST

नई दिल्ली। जीवन कभी भी आदमी को बीमारी या चोट का सामना करना पड़ जाता है। बीमारी या चोट की स्थिति में आम आदमी को शारीरिक कष्टों के साथ वित्तीय कष्ट भी झेलने पड़ते हैं। शारीरिक कष्टों की किसी भी प्रकार की भरपाई नहीं पाती है लेकिन वित्तीय कष्टों की भरपाई स्वास्थ्य बीमा के जरिए की जा सकती है। आज के समय में कंपनियां कई प्रकार की स्वास्थ्य बीमा योजनाएं पेश कर रही हैं। इसमें कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना भी शामिल है। कैसलेस स्वास्थ्य बीमा योजना में क्लेम सेटलमेंट सीधे बीमा कंपनियां करती हैं और अधिकांश मामलों में पीड़ित व्यक्ति को किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं करना पड़ता है।

कैशलेस क्लेम सेटलमेंट के लिए प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म जरूरी

आज के समय में अधिकांश लोग कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना में निवेश करते हैं। इस बीमा योजना का लाभ लेने के लिए एक तय प्रक्रिया है। इंश्योरेटेक कंपनी टर्टलमिंट के सह-संस्थापक धिरेंद्र मह्यावंशी का कहना है कि कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ लेने के लिए प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म बेहद जरूरी है। मह्यावंशी का कहना है कि बीमारी कभी भी बताकर नहीं आती है। लेकिन कई बार आप कुछ पहले से अधिसूचित बीमारी का उपचार कराना चाहते हैं तो आपको यह प्री-ऑथराइजेशन 3 से 4 दिन पहले बीमा कंपनी या फिर थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टीपीए) के पास जमा कराना होगा। यदि आपाता स्थिति में अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है तो आपको 24 घंटे के भीतर यह प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म जमा करना होगा। मह्यावंशी के अनुसार, यह प्री-ऑथपराइजेशन फॉर्म अस्पताल के डेस्क या फिर बीमा कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध होता
है।

प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म के आधार पर मिलती है दावे की मंजूरी

धिरेंद्र मह्यावंशी के अनुसार इस प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म में उपचार और अन्य सभी जरूरी जानकारी देनी होती है। यह जानकारी देने के लिए आप अस्पताल में मौजूद बीमा डेस्क की मदद ले सकते हैं। बीमा कंपनी प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म के आधार पर ही दावे को मंजूरी देती है। दावा स्वीकृत होने के बाद अस्पताल आपको कैशलेस उपचार प्रदान करेगा।

अस्पताल से छुट्टी के समय डिस्चार्ज समरी जरूर लें

मह्यावंशी का कहना है कि केवल उपचार होने के बाद ही बीमाधारक की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती है। बीमाधारक या उसके परिजनों को अस्पताल से छुट्टी मिलते समय पूरी डिस्चार्ज सारांश एकत्र करना चाहिए। इस डिस्चार्ज सारांश को बीमा कंपनी के दावे के फॉर्म और अन्य मेडिकल दस्तावेजों के साथ जमा करना चाहिए। दस्तावेज जमा करने के बाद बीमा कंपनी उनका मूल्यांकन करती है और अस्पताल में आपका बिल सेटलमेंट करती है।

यह दस्तावेज भी चाहिए

  • क्लेमफॉर्म
  • डिस्चार्ज सारांश
  • दावेदार की पहचान का प्रमाण
  • पॉलिसी बांड
  • बुनियादी चिकित्सा और अस्पताल के बिल
  • सभी चिकित्सा और जांच रिपोर्ट
  • डॉक्टर के निर्देश और रिपोर्ट

ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें

  • प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म का मूल्यांकन करने के बाद भी बीमा कंपनी आपके दावे को अस्वीकार कर सकती है। यह तब किया जा सकता है जब आपकी बीमा योजना लागू नहीं हो या आप चिकित्सा व्यय के बाहर का दावा करते हैं।
  • बीमाकर्ता की जल्द से जल्द कैशलेस मंजूरी दी जाती है। हालांकि, यदि किसी कारण से मंजूरी में ज्यादा समय लग रहा हो और उपचार तत्काल करना हो तो आप लागतों का भुगतान स्वयं कर सकते हैं और फिर बीमा कंपनी से प्रतिपूर्ति प्राप्त कर सकते हैं।
  • कैशलेस अस्पतालों की सूची बीमा कंपनी की वेबसाइट पर ऑनलाइन देखी जा सकती है।
X
Health InsuranceHealth Insurance

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.