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घर बैठे खोलें NPS अकाउंट, PF से ज्‍यादा मिलता है रिटर्न

NPS अकाउंट में निवेश पर मिलती है 50 हजार रुपए की अतिरिक्‍त टैक्‍स छूट।

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नई दिल्‍ली. अगर पीएफ जैसे अकाउंट की तरह एक रिस्क फ्री सरकारी अकाउंट खुलवाना चाहते हैं, तो एनपीएस एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस अकाउंट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिए आपको रिटायरमेंट की उम्र एक निश्चित रकम हर महीने मिलने लगती है। यहीं नहीं एनपीएस अकाउंट पर आपको पीएफ की तुलना में अच्छा रिटर्न मिलता है। सरकार ने 2018-19 के लिए 8.55 फीसदी का इंटरेस्ट रेट फिक्स कर दिया है। नेशनल पेमेंट सिस्टम (एनपीएस) में निवेश के ऑप्शन आपको मिलते हैं। पहला टियर-1 अकाउंट और दूसरा टियर-2 अकाउंट। एनपीएस की टियर 1 इक्विटी स्‍कीम ने जहां 16.41 फीसदी तक रिटर्न दिया है वहीं टियर 2 इक्विटी स्‍कीम ने 16.67 फीसदी तक का रिटर्न दिया है। इसमें कुल मिला कर 2 लाख रुपए तक का निवेश करके इनकम टैक्‍स बचाया जा सकता है। अगर आप निवेश के इस मौके के फायदा उठाना चाहते हैं तो यह अकाउंट घर बैठे खोला जा सकता है।

 

 

पहले जानें इसकी योजनाओं का रिटर्न

इसमें दो तरह की योजनाओं में निवेश किया जा सकता है। दोनों ही कैटेगरी में 8 विकल्‍प हैं। इन विकल्‍प का मतलब है कि यह योजनाएं कौन-कौन सी कंपनियां चला रही हैं।

 

TIER-I इक्विटी प्‍लान की टॉप 3 योजनाएं

 

योजना

1 साल का रिटर्न

HDFC पेंशन फंड

16.41 फीसदी

Birla Sun Life पेंशन स्‍कीम

15.77 फीसदी

UTI रिटायरमेंट सॉल्‍यूशन

15.73 फीसदी

   

TIER-II इक्विटी प्‍लान की टॉप 3 योजनाएं

 

योजना

1 साल का रिटर्न

HDFC पेंशन फंड

16.67 फीसदी

UTI रिटायरमेंट सॉल्‍यूशन

16.46 फीसदी

Birla Sun Life पेंशन स्‍कीम

15.49 फीसदी

 

नोट : आंकड़े 30 अप्रैल 2018 तक के।

   

ये है ऑनलाइन NPS खोलने का तरीका

 

इन चीजों को रखें तैयार

-आधार और पैन में आपका वर्तमान पता अपडेट होना चाहिए। इसके अलावा मोबाइल नबंर और पैन बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए।

-अपके पास नेट बैंकिंग की सुविधा होनी चाहिए। इसके अलावा डेबिट या क्रेडिट कार्ड होना चाहिए।

-पासपोर्ट फोटो जिसका साइज 4 से 12 KB का होना चाहिए।

-अंत में आपके स्‍कैन किए हुए हस्‍ताक्षर होने चाहिए, जिसका साइज 12 KB से ज्‍यादा नहीं होना चाहिए।

 

ऑनलाइन NPS अकाउंट खोलने की ऐसे करें शुरुआत

 

-सबसे पहले National Pension System की वेबसाइट पर जाएं। यहां पर रजिस्‍ट्रेशन विंडों में इंडिविजुअल कॉलम में क्लिक करें।

 

-इसके बाद यहां पर अपना आधार या पैन नबंर दर्ज करें।

 

-अब आपके रजिस्‍टर्ड मोबाइल नबंर पर वन टाइम पासवर्ड (OTP) आएगा। इसको डाल कर आप वेरीफाई करें।

 

-इसके बाद आपके सामने अकाउंट टाइप चुनने की विकल्‍प आएगा। यहां पर आपके सामने टियर-1 और टियर-2 टाइप के अकाउंट चुनने का विकल्‍प होगा। आप अपनी जरूरत के अनुसार किसी का चुनाव कर सकते हैं।  

 

-इसके बाद आपकी सत्‍यता जांचने के लिए वेरीफिकेशन की प्रक्रिया होगी। अगर आप आधार का विकल्‍प चुनते हैं तो वन टाइम पासवर्ड (OTP) आएगा। इससे आप अपना वेरिफिकेशन कर सकते हैं। अगर आप पैन का विकल्‍प अपनाते हैं तो यह आपके बैंक के माध्‍यम से होगा और आपसे 125 रुपए फीस चार्ज की जाएगी।

 

-इस प्रक्रिया के बाद आपको अपना व्‍यक्तिगत डिटेल देना होगा। अगर आपने आधार का इस्‍तेमाल किया है तो इस फार्म के कई कालम भरे हुए होंगे, बाकी आपको भरने होंगे। इसके बाद इस फार्म को सब्मिट करने का विकल्‍प आएगा। जैसे ही इसे सब्मिट करेंगे एक एकनॉलिजमेंट नबंर आएगा। इसे आप नोट कर सकते हैं।

 

-इसके बाद आपको पेशन फंड मैनेजर चुनने का विकल्‍प मिलेगा। यहां पर 8 पेंशन फंड की जानकारी दी गई है, जिसमें आप किसी को चुन सकते हैं।

 

-अब आपको इन्‍वेस्‍टमेंट मोड का चुनाव करना होगा। इसमें एक विकल्‍प है ऑटो मोड जिसमें इक्विटी एलोकेशन उम्र के हिसाब से बदलता रहता है। इसके अलावा एक मिक्‍स विकल्‍प है, जिसमें आप खुद तय कर सकते हैं कि कितना पैसा इक्विटी में लगाया जाएगा।

 

-अब आपको अपने नॉमिनी का विकल्‍प देने का कॉलम सामने आएगा, जिसे आपको भरना होगा।

 

-इसके बाद आपके सामने फोटो और हस्‍ताक्षर को अपलोड करने का विकल्‍प आएगा। अगर ऊपर आपने आधार का इस्‍तेमाल नहीं किया है तो फोटो अपलोड करें। नहीं तो केवल हस्‍ताक्षर अपलोड करने होंगे।

 

-अब आपको कितने पैसों का निवेश करना है, यह विकल्‍प सामने आएगा। टियर-1 स्‍कीम में न्‍यूनतम 500 रुपए और टियर-2 में न्‍यूनतम 1000 रुपए का निवेश करना होगा। यह भुगतान ऑनलाइन बैंकिंग, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से करना होगा।

 

-जैसे ही आप भुगतान करेंगे आपको परमानेंट रिटायमेंट अकाउंट नबंर (PRAN) एलॉट होगा। इसके बाद आप पूरा फार्म डाउनलोड कर सकते हैं।

 

-अब इसका प्रिंट आउट निकालें और उसमें एक फोटा चिपकाएं। इसके बाद 90 दिनों के अंदर इस फार्म को CRA आफिस में मेल कर दें। इसका डिटेल भी यहां पर दिया गया होता है।

 

-इस प्रोसेस के बाद आपका NPS अकाउंट शुरू हो जाएगा।



 

आगे पढ़ें : ईपीएफ और एनपीएस में अंतर  

 

 


 
 

ईपीएफ और एनपीएस में अंतर

ईपीएफ 60 साल से चल रहा है। इसमें सभी सरकारी और निश्चित दायरे के भीतर आने वाले निजी कर्मचारी और उनके नियोक्‍ता योगदान देते हैं। वहीं एनपीएस की शुरुआत 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए हुई थी। लेकिन 2009 में इसे आम लोगों के लिए भी खोल दिया गया। दोनों में मुख्‍य अंतर यह है कि ईपीएफ में एक निश्चित वार्षिक ब्‍याज राशि कर मुक्‍त आय के रूप में जुड़ती है। वहीं दूसरी ओर एनपीएस में मार्केट लिंक्‍ड स्‍कीम है, ऐसे में इसका रिटर्न शेयर बाजार की चाल पर निर्भर करता है। इसका रिटर्न फंड मैनेजरों के प्रदर्शन पर निर्भर रहता है।

 

कैसे होता है निवेश

ईपीएफ में निवेश एक निर्धारित माध्‍यम से ही किया जाता है। ईपीएफ में कर्मचारी खुद सीधे निवेश नहीं करता, बल्कि उसका नियोक्‍ता या सरकारी कर्मचारियों के मामले में सरकार उसके वेतन से 12 फीसदी राशि काटकर ईपीएफ खाते में निवेश कर देता है। इतनी ही राशि का योगदान नियोक्‍ता भी करता है। वहीं एनपीएस में निवेश पूरी तरह से व्‍यक्तिगत इच्‍छा पर निर्भर है। इसमें निवेश चाहे तो वर्ष में एक बार या फिर हर महीने या अपनी सुविधानुसार निवेश कर सकता है।

 

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