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जेपी, गौरसंस सहित 5 बिल्‍डर्स के 12 प्रोजेक्‍ट का बिल्डिंग प्‍लान कैंसल, अथॉरिटी का बड़ा फैसला

जेपी, गौरसंस सहित 5 बिल्‍डर्स के 12 प्रोजेक्‍ट का बिल्डिंग प्‍लान कैंसल, अथॉरिटी का बड़ा फैसला
 
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्‍सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने जेपी सहित 5 बिल्‍डर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अथॉरिटी ने इन बिल्‍डर्स के 12 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्‍ट्स के बिल्डिंग प्‍लान कैंसल कर दिए हैं। इनमें जेपी ग्रुप के 7 प्रोजेक्‍ट, गौरसंस के 2 व  अजनारा, ऑरिस ग्रुप और वीजीए डेवलपर्स के 1-1 प्रोजेक्‍ट शामिल हैं। इतना ही नहीं, अथॉरिटी इससे पहलेे जेपी एसोसिएटस के 5 प्रोजेक्‍ट कैंसल कर चुकी है। अथॉरिटी की इस कार्रवाई से वे होम बायर्स भी प्रभावित होंगे, जिन्‍होंने इन प्रोजेक्‍ट्स में पैसा लगा दिया है।
 
 
ऑब्‍जेक्‍शन का नहीं दिया जवाब
 
अथॉरिटी के सीइओ अरुण वीर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि डेवलपर्स ने साल 2015-16 में अपने प्रोजेक्‍ट्स के मैप जमा कराए थे, लेकिन इन डेवलपर्स ने अथॉरिटी के ऑब्‍जेक्‍शन का अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। इसके चलते उनके नक्‍शे पास नहीं किए गए थे, बावजूद इसके डेवलपर्स ने इन प्रोजेक्‍ट्स के फ्लैट बेचने शुरू करा दिए। अब अथॉरिटी ने इन डेवलपर्स को नोटिस जारी कर कहा है कि वे इन प्रोजेक्‍ट्स के होम बायर्स की पूरी डिटेल प्रोवाइड कराएं। बिना क्लीयरेंस के डेवलपर्स फ्लैट्स बेचने की इजाजत नहीं है।
 
यहां हैं ये प्रोजेक्‍ट
 
जेपी एसोसिएट्स के सभी 12 प्रोजेक्‍ट्स यमुना एक्‍सप्रेस-वे से लगे सेक्‍टर-19, 25 और 22बी में हैं। वहीं गौरसंस का एक प्रोजेक्‍ट लगभग 87756 वर्ग मीटर में फैला है। ये दोनों प्रोजेक्‍ट 250 एकड़ में प्रस्‍तावित यमुना सिटी मेगा टाउनशिप का हिस्‍सा हैं।
 
वहीं वीजीए डेवलपर सेक्‍टर 25 में 20071 वर्ग मीटर जमीन पर अपार्टमेंट बना रहा है। वहीं ऑरिस ग्रुप द्वारा सेक्‍टर 22 डी में 819105 वर्ग मीटर और अजनारा द्वारा 85391 वर्ग मीटर एरिया में ग्रुप हाउसिंग रेजिडेंशियल प्रोजेक्‍ट बनाया जा रहा है। 
 
अजनारा ने दी सफाई 
 
अजनारा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रोजेक्ट का सेंक्शन प्लान  पूरी तरह से मंजूर है और प्रोजेक्‍ट का निर्माण सभी दिशानिर्देश एवं अनुमति के अनुसार हो रहा है |  इस प्रोजेक्ट के एफएआर के लिए अलग से आवेदन किया गया था, जो अथॉरिटी ने खारिज कर दिया था। इसलिए उस पर कोई काम नहीं हुआ। 
 
गौरसंस ने भी दी सफाई 
 
गौरसंस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि गौर यमुना सिटी प्रोजेक्ट पूरी तरह से सुरक्षित एवं सभी मानकों के अनुरुप बन रहा है। इस से जुड़े सभी चार्जेस का भुगतान भी किया जा चुका है। यमुना अथॉरिटी ने जिन दो प्‍लॉटों के केंसल होने की बात कही है, जो टाउनशिप का छोटा सा हिस्‍सा है और यह छोटी सी औपचारिकता भी है, जिसे जल्द ठीक कर दिया जाएगा। इन दोनों प्लाट्स का रिविजन प्लान अथॉरिटी में जमा किया गया था, जिसे कुछ कारणों के चलते रिजेक्‍ट कर दिया गया था, उन कारणों को दूर करके जल्‍द ही नया बिल्डिंग प्‍लान अथॉरिटी में जमा किया जाएगा। विधानसभा चुनावों की आचार संहिता लागू होने के कारण इस रिवाइज्‍ड प्‍लान को जमा कराने में देरी हुई थी। 

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