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यूपी सरकार ने कसा शिकंजा, जेपी-आम्रपाली सहित इन डेवलपर्स पर हो सकता है बड़ा एक्‍शन

 
 
नई दिल्‍ली। पैसा लेने के बावजूद लोगों को उनका घर न देने वाले उत्‍तर प्रदेश के रियल एस्‍टेट डेवलपर्स पर शिकंजा कसता जा रहा है। पिछले एक माह के दौरान डेवलपर्स के खिलाफ अथॉरिटी और पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस दायरे में अब तक जेपी और आम्रपाली जैसे डेवलपर्स आ चुके हैं और कई बड़े बिल्‍डर्स पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जेपी के खिलाफ पुलिस एफआईआर हो चुकी है तो अथॉरिटी जेपी के पांच प्रोजेक्‍ट कैंसल भी कर चुकी है इसके अलावा आम्रपाली के प्रोजेक्‍ट कैंसल करने का नोटिस जारी किया है। वहीं, अथॉरिटी ने बायर्स और डेवलपर्स के बीच बातचीत का सिलसिला भी शुरू कराया है।
 
जेपी के प्रोजेक्‍ट कैंसल
 
यमुना एक्‍सप्रेस-वे डेवलपमेंट अथॉरिटी ने बकाया न देने के कारण जेपी एसोसिएट्स के पांच हाउसिंग प्रोजेक्‍ट कैंसल कर दिए हैं। ये पांच हाउसिंग प्रोजेक्‍ट स्‍पोर्ट्स सिटी ईस्‍ट में बनाए जा रहे हैं। वहीं नोएडा अथॉरिटी ने सेक्‍टर 120 स्थित जोडिएक सोसायटी में बन रहे कॉमर्शियल कॉम्‍प्‍लैक्‍स को तोड़ने का नोटिस जारी किया है। वहीं, अथॉरिटी ने शुभकामना टेक होम बिल्‍डर को सात दिन के भीतर कंस्‍ट्रक्‍शन कंप्‍लीशन प्‍लान पेश करने को कहा है।
 
इन पर भी कार्रवाई के संकेत
 
इसके अलावा ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी उन बिल्‍डर्स को भी नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है, जिन्‍होंने जमीन का बकाया भुगतान नहीं किया है। इस लिस्‍ट में आम्रपाली, यूनिटेक, एटीएस, सुपरटेक, निराला, पार्श्‍वनाथ, ओमेक्‍स सहित छोटे-बड़े लगभग 70 डेवलपर्स शामिल हैं।
 
होने लगी एफआईआर दर्ज
 
नोएडा पुलिस ने शनिवार को प्रमुख रियल एस्‍टेट डेवलपर जेपी ग्रुप के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके चलते सोमवार को ग्रुप के एक डायरेक्‍टर समीर गौड़ ने एसपी ऑफिस में ही बायर्स से मुलाकात की। जेपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की सूचना पाकर रविवार को ग्रेटर नोएडा वेस्‍ट के मिक्‍सड लैंड यूज प्रोजेक्‍ट एयरविल इंटलसिटी के बायर्स इकट्ठा हो गए। इन बायर्स ने कंस्‍ट्रक्‍शन साइट पर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि बिल्‍डर न तो कंस्‍ट्रक्‍शन वर्क कर रहा है और ना ही पैसा वापस कर रहा है। लोगों ने पहले प्रदर्शन किया और बाद में बिसरख थाने पहुंच कर थानाध्यक्ष से मांग की कि बिल्‍डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे। थानाध्‍यक्ष के मना करने पर बायर्स ने एसपी से फोन पर बात की, जिसके बाद बायर्स को भरोसा दिलाया कि दो दिन का समय दीजिए, उसके बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।
 
पुलिस के पास पहुंचने लगे बायर्स
 
वहीं, रविवार को ही ग्रेटर नोएडा के चाई-फाई सेक्‍टर में संपदा लीबिया के बायर्स ने भी कासना कोतवाली में डेवलपर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जबकि साइट-सी स्थित एकदंत एफएनजी प्रोजेक्‍ट के बायर्स ने सूरजपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। बायर्स का कहना है कि पुलिस को इन डेवलपर्स के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करनी चाहिए।
 
पहले नहीं होती थी एफआईआर
 
होम बायर्स का कहना है कि इससे पहले डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती थी। जेपी विश टाउन प्रोजेक्‍ट के होम बायर्स के मुताबिक, छह माह पहले भी डेवलपर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया गया था, लेकिन उस समय एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई थी। नेफोमा (नोएडा एस्‍टेट फ्लैट ऑनर्स मेन एसोसिएशन) के अध्‍यक्ष अन्‍नू खान ने moneybhaskar.com से कहा कि राज्‍य में नई सरकार बनने के बाद बिल्‍डर्स के खिलाफ जिस तरह से कार्रवाई हो रही है, उससे उम्‍मीद बंधी है कि अब लाखों होम बायर्स को न्‍याय मिल जाएगा।
 
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