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जल्दी घर बनाना हो तो इस्तेमाल करें ये तकनीक, लागत हो जाएगी 50% कम

3डी होम प्रिंटर एक हाई टेक्‍नोलॉजी से लैस विशालकाय मशीन होती है। इस मशीन का संचालन रोबोट द्वारा किया जाता है।

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नई दि‍ल्ली। घर बनाना बड़ा ही थकाऊ काम होता है। इसकी वजह, आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाने से लेकर ठेकेदार का चयन और बिल्डिंग मैटिरियल्‍स की खरीददारी के बाद निर्माण कार्य कई महीनों में पूरा होता है। लेकिन क्‍या आपने कभी सोचा है कि घर बनाने के लिए आपको इन बोझिल प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना होगा। बस कंप्यूटर स्क्रीन पर बैठकर नक्शा चुनिए और अगले कुछ दिनों में आपका मनपंसद आशियाना बन कर तैयार होगा। आप सोच रहे होंगे कि यह होगा कैसे? यह होगा 3डी होम प्रिंटर के जरिए। चीन ने इस तरह का 3डी होम प्रिंटर तैयार कर लिया है और कई बिल्डिंग्स का निर्माण भी किया है। हमारे देश में भी इस तकनीक के जल्द आने की संभावना है। आइए जानते हैं कि 3डी होम प्रिंटर कैसे काफी कम समय में घर का निर्माण करता है?
 
क्‍या है 3डी होम प्रिंटर?
 
3डी होम प्रिंटर एक हाई टेक्‍नोलॉजी से लैस विशालकाय मशीन होती है। इस मशीन का संचालन रोबोट द्वारा किया जाता है। इस मशीन को कम्प्यूटर के जरिए जोड़ना होता है। फिर कम्‍प्‍यूटर पर घर का 3डी डिजाइन बनाना होता है। इसके बाद कम्‍प्‍यूटर से मशीन को कमांड दिया जाता है और यह अलग-अलग हिस्‍सों में घर का निर्माण करता है।
 
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तस्‍वीरों का इस्‍तेमाल प्रस्‍तुतिकरण के लिए किया गया है। 
 
 
कैसे काम करता है यह 3डी होम प्रिंटर?
 
प्रिंट करने से पहले मशीन में मैटिरियल्‍स को फीड करना होता है। 3डी होम प्रिंटर का प्रोसेस छोटे छोटे स्लाइस के हजारों टुकड़ों के माध्यम से पूरा किया जाता है। जब मशीन के माध्‍यम से प्रिंट किया जाता है तो ये टुकड़े एक दूसरे से जुड़ते चले जाते हैं। ये टुकड़े एक साथ जुड़कर एक सॉलिड हिस्‍से का रूप ले लेते हैं। इस तकनीक का इस्‍तेमाल कर बड़े से बड़े कंस्ट्रक्शन के काम को बहुत कम समय में पूरा किया जा सकता है।
 
यह मशीन तीन आयामी (3डी) प्रिंट करता है। उदाहरण के तौर पर घर की दीवारों को एक साथ कई परतों में प्रिंट किया जाता है। प्रिंट के समय ही दीवार में पानी की पाइपलाइन और इलेक्ट्रिक वायरिंग का काम पूरा हो जाता है। घर में इस्‍तेमाल होने वाली अलग-अलग दीवारों, छत, विंडो आदि का निर्माण इस मशीन से बारी-बारी से किया जाता है।
 
3डी होम प्रिंटर के क्या हैं फायदे?
 
स्ट्रक्चरल इंजीनियर मनोज कुमार ने मनीभास्‍कर को बताया कि अभी 3डी प्रिंटर का इस्‍तेमाल चीन में किया गया है। आने वाले समय में भारत में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा। इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत है कि यह घर की निर्माण लागत को कम कर देती है। 3डी प्रिंटर से घर के निर्माण करने में बिल्डिंग मैटिरियल्‍स की लागत में 30 से 50 फीसदी, निर्माण की अवधि में 50 से 70 फीसदी और लेबर कॉस्ट में 50 से 80 फीसदी तक की कमी आ जाती है। अगर देश में घरों की कमी को पूरा करना है तो यह मशीन बहुत ही उपयोगी साबित होगी।
 
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क्‍या इस तकनीक से बने घरों में होगी मजबूती?
 
3डी होम प्रिंटर से बने घर पूरी तरह से सुरक्षित होते हैं। इसकी वजह होती है कि घर के निर्माण से पहले उसका नक्शा कैड सॉफ्टवेयर के जरिए कंप्यूटर पर डिजाइन किया जाता है। इसलिए बिल्डिंग का स्ट्रक्चर में कोई खामी नहीं होती है। 3डी होम प्रिंटर में मैटिरियल्‍स का स्‍टैंडर्ड भी अच्छी गुणवत्ता का होता है, इसलिए इससे निकले हुए प्रोडक्ट में खामी होने के चांस बहुत ही कम होते हैं। इसलिए घर सुरक्षित और टिकाऊ होता है।
 
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