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जानिए जमीन खरीदने के लिए कैसे मिलेगा बैंक से लोन

जमीन की ऊंची कीमतों के चलते बड़े शहरों में लोग गगनचुंबी इमारतों में अपार्टमेंट लेना ज्‍यादा पसंद कर रहे हैं।

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नई दिल्‍ली। जमीन की ऊंची कीमतों के चलते बड़े शहरों में लोग गगनचुंबी इमारतों में अपार्टमेंट लेना ज्‍यादा पसंद कर रहे हैं। इसके बावजूद बहुत सारे लोग आज भी जमीन खरीदकर अपना आशियाना बनाने की ख्‍वाहिश रखते हैं। अगर, आप जमीन खरीद कर घर बनाने चाहते हैं तो बैंकों का रुख कर सकते हैं। बैंक जमीन खरीदने और घर बनाने के लिए कर्ज उपलब्‍ध कराते हैं। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) भी लैंड लोन की पेशकश करती है। आइए जानते हैं लैंड लोन लेने की क्‍या है प्रक्रिया?
 
लोन लेने की पात्रता
 
बैंक से जमीन के लिए लोन लेने की पहली पात्रता है कि लोन लेने वाला व्‍यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए। उसकी उम्र कम से कम 21 साल हो। बैंक से लोन लेन और चुकाने की पात्रता को पूरा करता हो।
 
घर के जमीन के लिए लोन
 
बैंक और एनबीएफसी घर बनाने के लिए जमीन खरीदने के लिए आसानी से लोन देती है। यह लोन नगर निगम या निगम सीमा के अंतर्गत आने वाली भूमि पर ही मिलता है। अगर,जमीन कृषि या कॉमर्शियल क्षेत्र में आता है तो इस तरह के जमीन पर घर बनाने के लिए बैंक या एनबीएफसी लोन नहीं देते हैं।
 
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तस्‍वीरों का इस्‍तेमाल सिर्फ प्रस्‍तुतिकरण के लिए किया गया है।
लोन की सीमा
 
शहरी क्षेत्र में जमीन खरीदने के लिए बैंक कुल कीमत का 70 फीसदी तक का लोन देते हैं। छोटे शहरों में यह कुल कीमत का 50 से 60 फीसदी होता हैं। शेष 30 से 40 फीसदी रकम का भुगतान खरीददार को करना होता है।
 
टैक्‍स छूट
 
जमीन के लिए लोन एक तरह से होम लोन का हिस्‍सा होता है, लेकिन इस पर टैक्‍स छूट नहीं मिलता है। जमीन के लिए लोन पर टैक्‍स छूट तभी मिलती है, जब लोन लेकर घर का निर्माण किया जाए और घर का निर्माण पूरा हो गया हो। इसके बाद ही टैक्‍स छूट का लाभ मिलता है।
 
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कागजी प्रक्रिया
 
जमीन खरीदने के लिए लोन की कागजी प्रक्रिया होम लोन जैसी है। लोन लेने वाले व्‍यक्ति को आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ, आय प्रमाण पत्र के साथ जमीन संबंधी दस्तावेज बैंक में जमा करवाना होता है। जमीन का टाइटल क्लियर प्रमाण पत्र, कब्जा प्रमाण पत्र, लोकेशन सर्टिफिकेट,पिछले 15 सालों का दस्‍तावेज और इन्कमब्रेंस सर्टिफिकेट बैंक में जमा करना होता है।
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