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    विदेशी कंपनियों के इन्‍वेस्‍टमेंट से होगा रियल एस्‍टेट मार्केट में सुधार, REIT से बंधी उम्‍मीदें

     
    नई दिल्‍ली। रियल एस्‍टेट मार्केट में सुधार की उम्‍मीदें दिखने लगी हैं। एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि जून से कई विदेशी कंपनियां रियल एस्‍टेट इन्‍वेस्‍टमेंट ट्रस्‍ट बोर्ड (रिट) में इन्‍वेस्‍टमेंट करेगी। इसका असर मार्केट पर दिखेगा। ग्‍लोबल रियल एस्‍टेट कंसलटेंसी फर्म जेएलएल, इंडिया का अनुमान है कि रिट्स की लिस्टिंग शुरू होने के बाद कुछ ही सालों में इंडियन रियल एस्‍टेट मार्केट में 1 लाख 25 हजार करोड़ (1.25 ट्रिलियन) रुपए का इन्‍वेस्टमेंट हो सकता है।
     
    ये कंपनियां कर सकती हैं इन्‍वेस्‍टमेंट
     
    जेएलएल इंडिया के मुताबिक, रिट्स को सेबी के बाद अब सरकार का पूरा सपोर्ट मिल रहा है। जून में फर्स्‍ट लिस्टिंग की उम्‍मीद है और कई बड़े प्राइवेट इक्विटी फंड्स जैसे ब्‍लैक स्‍टोन, ब्रुकफील्‍ड, सिंगापुर की जीआईसी और कनाडा पेंशन प्‍लान इन्‍वेस्‍टमेंट बोर्ड इसमें शामिल हो सकते हैं।
     
    रिट कैसे करता है काम
     
    रिट एक प्रोसेस है, जो इन्‍वेस्‍टर्स से सीधा प्रॉफिटेबल रियल एस्‍टेट प्रॉपर्टी जैसे ऑफिस, रेसिडेंशियल यूनिट्स, होटल, शॉपिंग सेंटर, वेयर हाउस आदि में इन्‍वेस्‍टमेंट कर सकते हैं। रिट भी अन्‍य इन्‍वेस्‍टमेंट ट्रस्‍ट की तरह स्‍टॉक एक्‍सचेंज में लिस्‍ट होगा। यूनिट होल्‍डर्स और इन्‍वेस्‍टर्स के लिए रिट एसेट्स की देखरेख इं‍डिपेंडेंट ट्रस्‍टीज करेंगे।
     
    रिट का उद्देश्‍य
     
    रिट का उद्देश्‍य है कि इन्‍वेस्‍टर्स को डिविडेंड दिया जाए। ट्रस्‍ट अपनी इनकम का 90 फीसदी हिस्‍सा इन्‍वेस्‍टर्स को डिविडेंड के तौर पर बांट देगा। यानी कि रिट के माध्‍यम से इन्‍वेस्‍टमेंट करने वालों का रिस्‍क काफी कम हो जाएगा और उन्‍हें मैक्सिमम रिटर्न दिया जाएगा।
     
    ये है चुनौती
     
    हालांकि एक्‍सपर्ट्स मानते हैं कि विदेशी इन्‍वेस्‍टर्स रिट में अच्‍छा खासा इन्‍वेस्‍टमेंट कर सकते हैं, लेकिन डोमेस्टिक इन्‍वेस्‍टर्स इसमें इन्‍वेस्‍टमेंट करेगा या नहीं, के सवाल पर अमित एंटरप्राइजेज हाउसिंग लिमिटेड के सीएमडी किशोर पाटे ने कहा कि रिट में इन्‍वेस्‍टमेंट का मतलब गोल्‍ड बॉन्‍ड खरीदने जैसा है। लेकिन इंडियन गोल्‍ड बॉन्‍ड की बजाय गोल्‍ड खरीदने में ज्‍यादा विश्‍वास करते हैं। हाल ही में बजट में सरकार ने घर खरीदना और आसान कर दिया है, इसलिए डोमेस्टिक इन्‍वेस्‍टर्स रिट्स में कम इन्‍वेस्‍टमेंट कर सकते हैं। वहीं, एक अन्‍य एक्‍सपर्ट ने कहा कि सरकार बेनामी प्रॉपर्टी के खिलाफ अभियान चलाने की बात कह रही है। ऐसे में, लोग फिजिकल प्रॉपर्टी की बजाय लोग रिट्स में इन्‍वेस्‍टमेंट कर सकते हैं।
     

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