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    रियल एस्‍टेट एक्‍ट : एक साल बाद भी 23 राज्‍य नहीं बना पाए रूल्‍स, मोदी सरकार को झटका

     
    नई दिल्‍ली। रियल एस्‍टेट रेग्‍युलेशन एक्‍ट (रेरा) 2016 को राज्‍यसभा ने 10 मार्च को पारित किया था। इसे एक साल बीत चुका है, लेकिन अब तक इसके पूरे देश में लागू होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। अब तक 20 राज्‍य एक्‍ट के रूल्‍स तक नहीं बना पाए हैं। केवल 3 राज्‍यों ने रूल्‍स नोटिफाई किए हैं और 3 राज्‍यों ने अब तक रूल्‍स का ड्राफ्ट तैयार किया है। बाकी 23 राज्‍यों में अब तक रूल्‍स को लेकर कोई तैयारी नहीं दिख रही है।
     
    1 मई को होना है लागू
     
    केंद्र सरकार ने रियल एस्‍टेट एक्‍ट में यह प्रोविजन किया था कि एक मई 2017 तक सभी राज्‍यों में रियल एस्‍टेट एक्‍ट लागू हो जाएगा और रियल एस्‍टेट रेग्‍युलेटरी अथॉरिटी काम करने लगेगी, जिसकी संभावना नहीं दिख रही है, क्‍योंकि एक्‍ट के मुताबिक, 31 अक्‍टूबर 2016 तक सभी राज्‍यों को रूल्‍स फाइनल करने थे, लेकिन केंद्र सरकार के अधीन केंद्र शासित राज्‍यों (यूटी) के अलावा कोई भी राज्‍य ये रूल्‍स फाइनल नहीं कर पाए। केवल 3 राज्‍यों ने 31 दिसंबर 2016 तक अपने रूल्‍स फाइनल किए, लेकिन इन राज्‍यों में भी 1 मई तक रेग्‍युलेटरी अथॉरिटी बन जाएगी, इसकी संभावना बहुत कम दिखाई दे रही है।
     
    रूल्‍स से खुश नहीं है केंद्र
     
    अब तक जिन 3 राज्‍यों गुजरात, उत्‍तर प्रदेश, राजस्‍थान ने फाइनल रूल्‍स नोटिफाई किए हैं, उनके रूल्‍स से केंद्र सरकार खुश नहीं है। इन राज्‍यों ने केंद्र के रूल्‍स को बदल दिया है। इसके चलते मिनिस्‍ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन पॉवरिटी एलिवेशन (हूपा) ने इन राज्‍यों के रूल्‍स राज्‍यसभा और लोकसभा की कमेटी ऑन सबऑर्डिनेट लेजिसलेशन (सीओएसएल) को भेज दिए हैं, जो यह पड़ताल करेगी कि राज्‍यों द्वारा किए गए बदलाव सही हैं या नहीं। वहीं, पश्चिम बंगाल, महाराष्‍ट्र और राजस्‍थान के ड्राफ्ट रूल्‍स में भी बदलाव किया गया है।
     
    होम बायर्स डे मनाने की अपील
     
    रियल एस्‍टेट एक्‍ट के लिए लंबी लड़ाई लड़ रहे संगठन फाइट फॉर रेरा ने 10 मार्च का दिन बेहद अहम बताते हुए सरकार से अपील की है कि इस दिन राज्‍यसभा ने इस बिल को मंजूरी दी थी, इसलिए इसे होम बायर्स डे के रूप में मनाया जाए। फाइट फॉर रेरा के नेशनल कन्‍वेनर अभय उपाध्‍यय ने moneybhaskar.com को बताया कि उनका संगठन सरकार पर यह प्रेशर बना रहा है कि इस दिन को होम बायर्स की बड़ी जीत माना जाए और एक पुरस्‍कार की भी घोषणा की जाए, जो किसी एक होम बायर्स या बायर्स ग्रुप को दिया जाए, जो घर पाने के लिए हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
     
    लड़ाई अभी बाकी है
     
    उपाध्‍याय ने कहा कि अभी उनका संघर्ष चालू है। राज्‍य सरकारें बिल्‍डर्स्‍ को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार के रूल्‍स में बदलाव कर रही हैं। उनकी कोशिश है कि राज्‍य सरकारों का यह प्रयास सफल न हो। इसलिए संगठन की ओर से राज्‍यसभा और लोकसभा के सीओएसएल के चेयरमैन को पत्र लिखा है, जिसमें उन्‍हें वस्तु स्थिति से अवगत कराया है और साथ ही अपील है कि सीओएसएल होम बायर्स की बात सुने। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि जिस तरह अब तक होम बायर्स ने जीत हासिल की है, आगे भी बायर्स की एकजुटता के चलते यह लड़ाई भी जीत जाएंगे।
     
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