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    रियल्टी सेक्टर पर सरकार सख्त, कहा-समय पर बायर्स से किए वादे पूरे करें डेवलपर्स

    रियल्टी सेक्टर पर सरकार सख्त, कहा-समय पर बायर्स से किए वादे पूरे करें डेवलपर्स
     
    नई दिल्‍ली। हाउसिंग मिनिस्‍टर एम वैंकेया नायडू ने रियल एस्‍टेट डेवलपर्स से कहा कि सरकार चाहती है कि वे अपने बायर्स से किए गए वादे को पूरा करें। डेवलपर्स सही समय पर बायर्स को उनके घर दे दें। नायडू डेवलपर्स की उस डिमांड का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्‍होंने सरकार से मांग की थी कि रियल एस्‍टेट डेवलपमेंट एंड रेग्‍युलेशन एक्‍ट में ऑनगोइंग प्रोजेक्‍ट्स को न शामिल किया जाए।
     
    ऑनगोइंग प्रोजेक्‍ट्स पर रखा सरकार का रूख
     
    कॉन्‍फेडरेशन ऑफ रियल एस्‍टेट डेवलपर्स एसोसिएशन्‍स ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के एनुअल कॉन्‍क्‍लेव को संबोधित करते हुए कहा कि होम बायर्स लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं कि ऑनगोइंग प्रोजेक्‍ट्स को रियल एस्‍टेट एक्‍ट में शामिल किया जाए। सरकार भी नहीं चाहती कि डेवलपर्स को कोई परेशानी हो। लेकिन सरकार यह जरूर चाहती है कि डेवलपर्स ने बायर्स के साथ जो भी वादा किया है, उसे डेवलपर पूरा करे। इस मौके पर आध्यात्मिक गुरु सद्गुरुजी भी उपस्थित थे।
     
    30 से 45 दिन के बीच मिलेंगे अप्रूवल्‍स
     
    उन्‍होंने कहा कि डेवलपर्स अपील कर रहे हैं कि उन्‍हें विभिन्‍न एजेंसियों से अप्रूवल और एनओसी लेने में काफी दिक्‍कतें आती हैं और उसमें काफी समय लग जाता है। सरकार की कोशिश है कि डेवलपर्स को 30 से 45 दिन के बीच सभी तरह की अप्रूवल्‍स मिल जाएं और वे अपना काम शुरू कर दें। इस सिलसिले में वह खुद (नायडू) अलग अलग मंत्रा‍लयों और विभागों की ज्‍वाइंट मीटिंग ऑर्गनाइज कर चुके हैं और जल्‍द ही एक मसौदा बना कर प्रधानमंत्री के पास भेजा जाएगा, जिसमें व्‍यवस्‍था की जाएगी कि अगर तय समय के भीतर डेवलपर्स को जवाब नहीं दिया जाता है तो उसे विभाग की सहमति मानते हुए एनओसी जारी कर दी जाएगी।
     
    ऑनगोइंग प्रोजेक्‍ट्स को होगी दिक्‍कत
     
    इससे पहले क्रेडाई के चेयरमैन इरफान रज्‍जाक ने कहा कि डेवलपर्स रियल एस्‍टेट रेग्‍युलेशन एक्‍ट को लागू किए जाने का स्‍वागत करते हैं, लेकिन इस दायरे में उन प्रोजेक्‍ट्स को भी शामिल किया जा रहा है, जो अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। ये प्रोजेक्‍ट्स अलग अलग कारणों से पूरे नहीं हो पाए हैं, लेकिन यदि इन प्रोजेक्‍ट्स को एक्‍ट में शामिल कर लिया गया तो डेवलपर्स को दिक्‍कत होगी, इसलिए सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
     
    सब डेवलपर्स खराब नहीं
     
    क्रेडाई के प्रेसिडेंट गीताम्‍बर आनंद ने कहा कि यह माना जा रहा है कि सभी रियल एस्‍टेट डेवलपर्स खराब हैं, जबकि ऐसा नहीं है, केवल 4 से 5 फीसदी डेवलपर्स ऐसे हैं, जो होम बायर्स से किया गया वादा पूरा नहीं कर पाए। उन्‍होंने तय समय पर बायर्स को घर नहीं दिए। शेष 95 फीसदी डेवलपर्स ने लोगों को तय समय पर घर दिए हैं और नेशन बिल्डिंग में भी अपना पूरा सहयोग किया है। उन्‍होंने दावा किया कि क्रेडाई ने अपने सदस्‍यों के लिए पहले ही कोड ऑफ कंडक्‍ट बनाया हुआ है, जो रियल एस्‍टेट रेग्‍युलेशन एक्‍ट से मिलते जुलते हैं और सभी सदस्‍य अपने बायर्स के प्रति वचनबद्ध हैं।
     
     

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